Bhopal news: पैरा कैनो के वर्ल्ड कप में रजत पदक जीत चुकी पूजा ओझा अब एशियन गेम्स में दिखाएंगी अपना जलवा
पैरा कैनोइंग खिलाड़ी पूजा ओझा को एशियंस कैंप के लिए भोपाल से चुना गया है। पूजा ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। उनके इस मिशन को सफल बनाने के लिए वोल सेंट्रो भी मदद में लगा हुआ है।

जिला भिंड की रहने वाली कैनोइंग पैरा-एथलीट खिलाड़ी पूजा ओझा को भोपाल से एशियाई चैंपियनशिप के लिए चुना गया है। बता दें पूजा ओझा कनाडा में आयोजित वर्ल्ड कप पैरा केनो चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीत चुकी है और अब 2024 के पैरालंपिक और एशियन गेम्स की तैयारी में जुट गई है। उनके इस मिशन को सफल बनाने में भारतीय कयाकिंग और कैनोइंग एसोसिएशन आइकेसीए सेंटे फंक्शनल फूडस एंड न्यूट्रिशन के साथ करार किया है।
इसके लिए पूजा ओझा को पर्याप्त खेलों के लिए पोस्टिक आहार के साथ प्रशिक्षण के लिए ₹10000 प्रतिमाह दिए जाएंगे। जिससे वे अपना पूरा ध्यान खेलों पर पूरी तरह केंद्रित करें। राजधानी भोपाल के छोटे तालाब पर पिछले दिनों आयोजित एक कार्यक्रम में एथलीट प्रायोजक समझौते पर पैरा कैनो इंडिया के चेयर पर्सन मयंक ठाकुर की मौजूदगी में वोल सेटों के निदेशक हर्ष तिवारी, एमडी सत्यदेव तिवारी व पूजा ने हस्ताक्षर किए थे।
पूजा ओझा ने बताया कि उन्हें 10 महीने की उम्र में ही पोलियो के कारण विकलांगता हो गई थी। लेकिन उन्होंने जीवन को एक लक्ष्य बनाया और 2017 में कैनोइंग खेल में भाग लेना शुरू किया। अब तक वह पैरा कैनोइंग में 4 अंतरराष्ट्रीय पदक और 10 राष्ट्रीय पदक जीत चुकी है।
कनाडा के वर्ल्ड कप में जीता था रजत पदक
पूजा ओझा ने पिछले साल कनाडा में आयोजित वर्ल्ड पैराटीनों चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। पूजा इस खेल से 2017 में जोड़ी लेकिन इतने कम समय में उन्होंने पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि वह किस स्तर की खिलाड़ी है। पूजा ओझा 36 साल की आयु में यह उपलब्धि हासिल कर अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई है। बता दे पूजा भिंड की रहने वाली है। और वही पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इसके अलावा भोपाल में आयोजित कैंप में शामिल होने के लिए समय-समय पर भोपाल आती हैं।












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