Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: बिना तैयारी के पुलिस रेडियो विभाग ने निकाला डायल 100 का टेंडर, कई बार बदला बिडिंग का समय

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 8 साल से चल रही डायल 100 को अयोग्य बताया गया है.. डायल 100 संचालित कर रही कंपनी को अयोग्य बताने के बाद अब शिकायतों का दौर शुरू हो गया है वही जो टेंडर 29 सितंबर 2022 को 690 करोड़ का आवंटित हुआ था अब एक वर्ष में उसकी कीमत बढ़ाकर 1350 करोड रुपए कर दी गई है।

हालांकि तीसरी बार निविदा निकालने के बावजूद निविदा विवादों में है और शिकायतों का दौर लगातार जारी है। निविदा लगभग 700 करोड रुपए की निकाली गई पर उसकी RFP में छेड़छाड़ कर उसे उससे दुगना ₹1350 करोड़ तक का कर दिया गया। पर वर्तमान में चल रही BVG कंपनी उसे ₹690 करोड़ में भी लेने को तैयार थी।

Police Radio Department floated Dial 100 tender without preparation, bidding changed several times

यह है पूरा मामला

मध्य प्रदेश में डायल हंड्रेड की सेवाएं 2015 से शुरू की गई थी इस सेवा के तहत मध्य प्रदेश में करीब 1हजार टाटा की सफारी स्टॉर्म कार सेवा के लिए खरीदी गई थी। उस दौरान टेंडर 541 करोड़ का 5 वर्ष के लिए था ...BVG कंपनी को दिया गया था। परंतु 2020 में टेंडर खत्म हो गया उसके बावजूद डायल हंड्रेड के टेंडर को लगातार 6-6महीने के लिए एक्सटेंड किया गया और 2023 भी पूरा होने वाला है। टेंडर खत्म होने के 2 साल बाद रेडियो विभाग ने फिर से 29सितंबर2022 में एक निविदा निकाली जिसमें 690 करोड़ का टेंडर की बिडिंग हुई और अलग-अलग बिडिंग का समय विभाग बदलता रहा करीब 4 से 5 बार विभाग ने समय में बदलाव किया।

बिडिंग में चार कंपनियों ने भाग लिया और जिसमें दो को टेक्निकल डिसक्वालीफाई किया गया और वर्तमान में कार्य कर रही महाराष्ट्र की कंपनी BVG को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और हैदराबाद की कंपनी एमरी ग्रीन हेल्थ सर्विसेज को हरी झंडी दिखा दी गई है। 3 मार्च 2023 को ओपन हुई फाइनेंशियल बिड में हैदराबाद की एक कंपनी को टेंडर देना तय हुआ था। इससे पहले 2 मार्च को टेक्निकल बिड हुई थी। कायदे से फाइनेंशियल बिड में एक से ज्यादा कंपनियां होना अनिवार्य है, लेकिन तकनीकी बिड के बाद डायल-100 के इस टेंडर में सिर्फ एक ही कंपनी रह गई। उसके नाम से ही टेंडर खोल फाइनल कर दिया गया।

एमपी सरकार को होगा नुकसान

यदि टेंडर का RFP बढ़ाई गई है तो EMD राशि भी बढ़ाईजाती है ...पर EMD राशि वहीं पुराने टेंडर के अनुसार ही ली गई है। वही एक कंपनी को लाभ पहुंचाने की नीयत से एकल वित्तीय निविदा में टेंडर को पास किया गया है...जो भंडारण नियम के विरुद्ध है।

प्रपोजल बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा

डायल 100 में एसएसपी प्रशांत खरे ने टेंडर को लेकर बताया निविदा निकल गई थी पर उसमें सुविधाएं बढ़ाई गई इसीलिए टेंडर का रेट भी सुविधा बढ़ाने के कारण बढ़कर 1350 करोड रुपए हो गई है इन वाहनों में अत्यधिक सुविधा दी जाएगी वहीं टेंडर विवाद पर बोले टेक्निकल एनालिसिस में तीन कंपनियां जो अन्य थी वह डिसक्वालीफाई हुई जो वर्तमान में BVG सेवा दे रही है उसकी सेवा संतोषजनक है पर वह रायपुर में किसी विभाग में सेवा न देने के कारण ब्लैक लिस्ट हुई है इसलिए उसकी सेवा समाप्त हुई और फिर कंपनी ने हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था पर दोनों ही जगह से कंपनी की ओर से लगाई गई पिटीशन को डिसमिस कर दिया गया....और हमारी विभागीय जांच में BVG कंपनी ब्लैकलिस्टेड पाई गई इसीलिए टेंडर हैदराबाद की कंपनी एमरी ग्रीन हेल्थ को दिया जा रहा है।

प्रपोजल को आगे बढ़ा दिया गया है जिसमें शासन स्तर पर अभी काम किया जा रहा है यहां से फाइल पर ओके की सील लगा दी गई है। इस बार हम 100/112 के तहत इमरजेंसी सेवाओं के लिए शहर में इनोवा और गांव में बोलेरो वाहन खरीद रहे हैं अभी तक सफारी स्टॉर्म 1हजार पूरे प्रदेश में सेवाओं को पहुंचाने के लिए दौड़ रहे थे.. अब इनकी संख्या भी बढाकर 1200 के आसपास की जाएगी और टेंडर के समय को 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष तक किया गया है। इसके अलावा फोन टेकर की संख्या बढ़ाई जाएगी 80 से 100 तक किया जाएगा और डायल 100 मुख्यालय पर कंट्रोल रूम अलग से बनाया जाएगा, जिससे हर वाहन की लोकेशन यहां पर दिखती रहे और उसका मूवमेंट भी हमें दिखता रहे वहीं वाहनों में कैमरे लगाए जाएंगे बॉडी ऑन कैमरे भी लगाए जाएंगे इसीलिए यह टेंडर के रेट में बदलाव हुए हैं।

शिकायतकर्ता ने लगाए अनियमितता के आरोप

शिकायतकर्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया यदि यह टेंडर होता है तो सरकार को नुकसान होगा और जो नियम है उसके विरुद्ध यह टेंडर निकाला गया है और यह टेंडर पूरी तरीके से गलत है और निराधार है क्योंकि यह पूरी तरीके से एकल वित्तीय निविदा है। इस निविदा में भंडारण अधिनियम का पालन नहीं किया गया है और ना ही CVC के नियम का पालन हुआ है। जिस कंपनी को यह टेंडर दिया जा रहा है उस कंपनी के संचालकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मेघालय जैसे कई राज्यों के सरकारी प्रोजेक्ट में अलग-अलग प्रकार के फ्रॉड किए जाने का आरोप है। जबकि जो कंपनी वर्तमान में एमपी में डायल 100 संभाल रही है, वही राष्ट्रपति भवन, पार्लियामेंट हाउस, प्रधानमंत्री निवास, सुप्रीम कोर्ट जैसी कई सरकारी जगहों पर भी काम कर रही है। ऐसे में उसे टेंडर प्रकिया से बाहर किया जाना, इस प्रोजेक्ट को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।

कई प्रश्न होते है खड़े

  • बिना कंप्लीट वर्क के रेडियो विभाग ने क्यों निकाला टेंडर?
  • बार-बार क्यों बदलना पड़ी बिडिंग की डेट?
  • क्या एक ही कंपनी को टेंडर देने का था मन?
  • जब RFP को बढ़ाना था तो क्यों नहीं किया रिटेंडरिंग?
  • RFP बढ़ा पर EMD की राशि अभी भी कम क्यों?
  • एकल वित्तीय निविदा के अनुसार क्यों दिया जा रहा टेंडर?
  • क्यों कंपीटीटर से दूर रखा गया है टेंडर को?
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+