भोपाल पुलिस ने बिहार के अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया, फर्जी आधार, पैन कार्ड, बैंक खाता व सिम कार्ड बनाएं
Bhopal News: थाना हनुमानगंज पुलिस ने बिहार के पटना निवासी 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कि फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, सिम कार्ड और बैंक खाता बनाकर देशभर में साइबर ठगी और धोखाधड़ी कर रहे थे। इन आरोपियों ने एक कॉल सेंटर के जरिए यह आपराधिक नेटवर्क चलाया और विभिन्न राज्यों में लाखों रुपये की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया।
15 नवंबर 2024 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्तियों ने भोपाल के एक मोबाइल दुकान से फर्जी आधार कार्ड के जरिए सिम कार्ड लिए हैं। जांच करने पर यह सामने आया कि इनकी फोटो एक जैसी थी, लेकिन नाम और पता अलग-अलग थे। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

आरोपी कैसे करते थे ये काम
मुख्य आरोपी शशिकांत कुमार और उसके साथियों ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार करने के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया। शशिकांत झारखंड से आधार कार्ड के डेटा को लेकर यह चेक करता था कि किस आधार कार्ड से पैन कार्ड लिंक है या नहीं। यदि पैन कार्ड लिंक नहीं था, तो वह पैन कार्ड बना देता था। इसके बाद, आरोपी अपने साथियों के फोटो को इन कार्ड्स पर लगाकर इनका इस्तेमाल सिम कार्ड प्राप्त करने और बैंक खाता खोलने में करते थे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई और इब्राहिमगंज क्षेत्र में उनके फ्लैट पर छापा मारा। यहां पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, प्रिंटर, और अन्य आपराधिक सामग्री बरामद की। आरोपियों ने इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल सिम कार्ड लेने, बैंक खाता खुलवाने और फिर उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया था।
गिरफ्तार आरोपी
1. शशिकांत कुमार उर्फ मनीष (मुख्य आरोपी) - 26 साल, नालंदा, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करना और खातों को बेचना।
2. सपना उर्फ साधना - 21 साल, पटना, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड पर सिम कार्ड लेकर बैंक में खाता खुलवाना।
3. अंकित कुमार साहू उर्फ सुनील- 20 साल, जहानाबाद, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड पर सिम कार्ड लेकर बैंक में खाता खुलवाना।
4. कौशल माली उर्फ पंकज - 19 साल, जहानाबाद, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड पर सिम कार्ड लेकर बैंक में खाता खुलवाना।
5. रोशन कुमार - 20 साल, पटना, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड पर सिम कार्ड लेकर बैंक में खाता खुलवाना।
6. रंजन कुमार उर्फ विनोद - 19 साल, पटना, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड पर सिम कार्ड लेकर बैंक में खाता खुलवाना।
7. मोहम्मद टीटू उर्फ विजय- 18 साल, पटना, बिहार
कार्य: फर्जी आधार और पैन कार्ड पर सिम कार्ड लेकर बैंक में खाता खुलवाना।

आरोपियों की गतिविधियां
- इन आरोपियों ने देश के विभिन्न शहरों जैसे मुंबई, लखनऊ, इंदौर, हैदराबाद, अहमदाबाद आदि में फर्जी तरीके से बैंक खाता खोलकर कई घटनाओं को अंजाम दिया था।
- शशिकांत और उसके साथी इन खातों को ठगों को 10,000 रुपये में बेचते थे और स्वयं इनका इस्तेमाल लोन दिलाने और गेमिंग धोखाधड़ी के लिए करते थे।
- इन आरोपियों ने अपने नेटवर्क को कुछ महीने बाद बदल दिया ताकि वे पुलिस की पकड़ से बच सकें और नए नामों पर फर्जी दस्तावेज बना सकें।
पुलिस टीम की भूमिका
पुलिस उपायुक्त श्री रियाज इकबाल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री शालिनी दीक्षित और सहायक पुलिस आयुक्त श्री राकेश सिंह बघेल के मार्गदर्शन में थाना हनुमानगंज की टीम ने इस मामले में सफलता प्राप्त की। थाना प्रभारी **अवधेश सिंह भदौरिया** और उनकी टीम ने इस गैंग का भंडाफोड़ किया।
संबंधित पुलिस टीम:
- -थाना प्रभारी: अवधेश सिंह भदौरिया
- - उप निरीक्षक: विवेक शर्मा, अमित भदौरिया
- - प्रआर: नफीस मंसूरी, आशीष वर्मा, सुरेन्दर, अजय तिवारी, गौतम, रोशन प्रजापति, नवीन भूरिया, विजेन्द्र मआर, योगिता उईके
पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जांच में जुटी है कि इनका नेटवर्क और कहां-कहां फैला हुआ था। यह घटना यह भी दर्शाती है कि साइबर ठगी और धोखाधड़ी के लिए अब अपराधी अत्याधुनिक तकनीकी उपायों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध फर्जी दस्तावेज से जुड़े मामलों में सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।












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