"ऑपरेशन सिंदूर" की सफलता पर सिंधी समाज करेगा हरिद्वार में विश्व कल्याण की प्रार्थना, भोपाल में जत्थे का स्वागत
MP News: पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया, बल्कि देशभर में एकता और देशभक्ति की नई लहर भी पैदा की। इस जीत की खुशी में सिंधी समाज ने हरिद्वार की पवित्र गंगा नदी के तट पर अपने इष्टदेव भगवान झूलेलाल के समक्ष विश्व कल्याण और राष्ट्रीय एकता के लिए विशेष प्रार्थना करने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर उल्लास नगर (महाराष्ट्र) से एक जत्था हरिद्वार के लिए रवाना हुआ, जो अपने सफर के दौरान भोपाल पहुंचा। सोमवार, 7 जुलाई 2025 को भोपाल रेलवे स्टेशन पर इस जत्थे का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक उत्साह को दर्शाया, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास और केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना भी की गई।

भोपाल में जत्थे का भव्य स्वागत
सोमवार को उल्लास नगर से आए सिंधी समाज के जत्थे के भोपाल पहुंचने पर भोपाल रेलवे स्टेशन पर उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। जत्थे का स्वागत करने के लिए भाजपा प्रवक्ता डॉ दुर्गेश केसवानी, जागृत हिंदू मंच के संयोजक अधिवक्ता सुनील जैन, महामंत्री राजा भैया सेन, उपाध्यक्ष अनिल मोटवानी, कोषाध्यक्ष शिव इसरानी, यश कुमार, मुकेश कुमार, रवि भाई, और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। स्वागत समारोह में पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ जत्थे का अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल के भजनों और भारत माता की जय के नारों के साथ माहौल को और उत्साहपूर्ण बनाया।
डॉ. दुर्गेश केसवानी ने इस अवसर पर कहा, "ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने भारत की ताकत को दुनिया के सामने साबित किया है। यह जत्था हरिद्वार में विश्व शांति और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करेगा, ताकि देश और विदेश में शांति और एकता बनी रहे।" इस मौके पर भोपाल के कुछ श्रद्धालु भी जत्थे के साथ हरिद्वार के लिए रवाना हुए।
हरिद्वार में प्रार्थना: परंपरा और आस्था का संगम
जत्थे की अगुवाई कर रहे उल्लास नगर के पूर्व उपमहापौर विनोद तलरेजा ने बताया कि सिंधी समाज की यह परंपरा सदियों पुरानी है। आषाढ़ मास में, जब बारिश का मौसम शुरू होता है, सिंधी समाज गंगा नदी के तट पर अपने इष्टदेव भगवान झूलेलाल के समक्ष प्रार्थना करता है। इस प्रार्थना में अच्छी बारिश, कृषि समृद्धि, और विश्व शांति की कामना की जाती है। इस बार, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद यह प्रार्थना और भी खास हो गई है। तलरेजा ने कहा, "हमारी प्रार्थना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह देश की एकता और विश्व कल्याण के लिए एक संकल्प है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की ताकत दिखाई, और हम इस जीत को अपनी आस्था के साथ जोड़कर देश के लिए प्रार्थना करेंगे।"
हरिद्वार में गंगा तट पर होने वाली इस प्रार्थना में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे। इस दौरान पल्लव पहनकर भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। सिंधी समाज के लोग पवित्र गंगा में स्नान करेंगे और दीप प्रज्वलन के साथ विश्व शांति के लिए प्रार्थना करेंगे। इस आयोजन में सिंदूर को विशेष रूप से महत्व दिया जाएगा, क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, जो नारी शक्ति और भारत की सैन्य ताकत का प्रतीक बन गया है।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जीत
ऑपरेशन सिंदूर, जिसे भारत के इतिहास में सबसे बड़ा और सफल आतंकवाद-विरोधी अभियान माना जा रहा है, 7 मई 2025 को शुरू हुआ था। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी। इस हमले में आतंकियों ने विशेष रूप से गैर-मुस्लिम पुरुषों को निशाना बनाया, जिसे देश की सांस्कृतिक एकता और नारी शक्ति पर हमले के रूप में देखा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को "भारत की नारी शक्ति का प्रतीक" और "आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जवाब" बताया। इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, और हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्यालय शामिल थे। ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया और पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए।
प्रधानमंत्री ने भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन (31 मई 2025) में कहा, "पहलगाम में आतंकियों ने न केवल भारत का खून बहाया, बल्कि हमारी संस्कृति और नारी शक्ति को चुनौती दी। ऑपरेशन सिंदूर ने उनके ठिकानों को ध्वस्त कर दिया और यह साबित किया कि भारत अब आतंकवाद की प्रॉक्सी वॉर बर्दाश्त नहीं करेगा।"
मध्य प्रदेश का विकास और मोदी सरकार की योजनाएं
स्वागत समारोह के दौरान विनोद तलरेजा ने मध्य प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश में सड़कों, रेलवे, और अन्य बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, उज्ज्वला योजना, और आयुष्मान भारत का लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है।"
उन्होंने विशेष रूप से इंदौर मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन (31 मई 2025) और सतना व दतिया में नए हवाई अड्डों के शिलान्यास का जिक्र किया। तलरेजा ने कहा, "ये परियोजनाएं मध्य प्रदेश को न केवल कनेक्टिविटी में बल्कि आर्थिक विकास में भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।"
सामाजिक एकता और ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने देशभर में सामाजिक एकता को और मजबूत किया है। भोपाल में आयोजित स्वागत समारोह में जागृत हिंदू मंच के सदस्यों ने इसे "राष्ट्रीय गौरव का क्षण" बताया। अधिवक्ता सुनील जैन ने कहा, "सिंधी समाज की यह पहल न केवल धार्मिक है, बल्कि यह देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को दर्शाती है। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत अब आतंकियों और उनके समर्थकों को उनके घर में घुसकर जवाब देगा।"
हरिद्वार में प्रार्थना की तैयारियां
हरिद्वार में गंगा तट पर होने वाली इस विशेष प्रार्थना की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जत्थे के साथ भोपाल से शामिल हुए श्रद्धालु भी इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। प्रार्थना सभा में सिंदूर को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि इस दौरान तिरंगा यात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें भारतीय सेना की वीरता और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का सम्मान किया जाएगा।
विनोद तलरेजा ने बताया, "हम गंगा मां के तट पर प्रार्थना करेंगे कि भारत आतंकवाद से मुक्त रहे और विश्व में शांति स्थापित हो। यह हमारी परंपरा का हिस्सा है, लेकिन इस बार ऑपरेशन सिंदूर की जीत ने इसे और भी विशेष बना दिया है।"
भोपाल में उत्साह और सामुदायिक एकता
भोपाल स्टेशन पर जत्थे के स्वागत के दौरान स्थानीय लोगों और सिंधी समाज के सदस्यों ने एकजुटता का परिचय दिया। स्वागत समारोह में पारंपरिक सिंधी नृत्य और भजनों ने माहौल को और जीवंत बना दिया। स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने कहा, "सिंधी समाज की यह पहल हमें गर्व महसूस कराती है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और इस प्रार्थना सभा ने दिखाया कि भारत की संस्कृति और शक्ति एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।"
इससे आगे क्या होगा
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। सिंधी समाज की यह प्रार्थना सभा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक सहभागिता का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को "राष्ट्र के संकल्प और साहस का प्रतीक" बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस अभियान ने देशभर में तिरंगा यात्राएं और सामाजिक एकता को प्रेरित किया है।
भोपाल से हरिद्वार के लिए रवाना हुए इस जत्थे की प्रार्थना और विश्व शांति की कामना निश्चित रूप से देश के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आएगी। यह आयोजन न केवल सिंधी समाज की आस्था को दर्शाता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सैन्य ताकत को भी रेखांकित करता है।
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