MP : अब हर साल 30 अप्रैल तक होंगे शिक्षकों के तबादले, विभाग ने कैबिनेट से नीति मंजूर होने के बाद जारी किए आदेश

एमपी में स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों के तबादले अब प्रतिवर्ष 30 अप्रैल तक होंगे।

भोपाल,10 सितंबर। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों के तबादले अब प्रतिवर्ष 30 अप्रैल तक होंगे। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर से इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जो भी टीचर अपना ट्रांसफर करवाना चाहते हैं उन्हें इसके लिए शिक्षा पोर्टल पर जाना होगा। 31 मार्च तक इच्छुक शिक्षकों को आवेदन करना होगा। और आदेश भी इसी माध्यम से होंगे। वही 15 दिन का समय कार्यभार ग्रहण करने के लिए मिलेगा। बता दे प्रदेश के लाखों शिक्षक हर साल तबादलों को लेकर परेशान होते रहते हैं। हाल ही में प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में फैसला किया था कि 17 सितंबर से तबादलों पर लगी रोक हट जाएगी।

कैबिनेट से नीति मंजूर होने के बाद जारी किए आदेश

कैबिनेट से नीति मंजूर होने के बाद जारी किए आदेश

उप सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ओपी मंडलोई ने बताया कि राज और जिला स्तर पर अधिकारियों कर्मचारियों की तबादला नीति 2022 के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए गए हैं उन्होंने बताया कि अब प्रतिवर्ष तबादला नीति जारी नहीं होगी इसी नीति के माध्यम से स्थान तरण किए जाएंगे। जिसमें 31 दिसंबर से 31 मार्च तक आवेदन करना होगा और 30 अप्रैल तक शिक्षकों को आदेश भी प्राप्त होंगे। 15 दिन के अंदर कार्यभार भी ग्रहण करना होगा। इसके लिए 31 दिसंबर तक नए स्कूल प्रारंभ करना संघ के वृद्धि और पदों के युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शिक्षक एजुकेशन पोर्टल पर 15 जनवरी तक अपने पद स्थापना संबंधी जानकारी आवेदन करेंगे रिक्तियों का निर्धारण 31 जनवरी तक किया जाएगा और 1 मार्च को पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराजई जाएगी। प्रशासनिक आधार पर तबादले प्राथमिकता पर किए जाएंगे। इसके बाद जिन्होंने अपनी इच्छा से ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है उन पर विचार किया जाएगा।

 संपूर्ण सेवा अवधि में कम से कम 10 साल ग्रामीण क्षेत्र में देनी होगी सेवा

संपूर्ण सेवा अवधि में कम से कम 10 साल ग्रामीण क्षेत्र में देनी होगी सेवा

नई नीति के अनुसार नई भर्ती वाले विभिन्न संवर्ग के शिक्षकों को सामान्यत: ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में पदस्थ किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों को वहां कम से कम 3 साल तक काम करना होगा। संपूर्ण सेवा अवधि में कम से कम 10 साल ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देनी होगी। इस संबंध में शिक्षकों से वचन पत्र भी लिए जाएंगे। 10 वर्ष से अधिक अवधि से एक ही संस्था, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षक विहीन या कम शिक्षक वाले स्कूलों में ट्रांसफर कर भेजा जाएगा।

अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को भी भेजा जाएगा ग्रामीण क्षेत्रों में

अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को भी भेजा जाएगा ग्रामीण क्षेत्रों में

शिक्षकों के साथ अध्यापक संवर्ग के ऐसे शिक्षक दिन की प्राथमिक नियुक्ति नगरी निकाय में शिक्षाकर्मी या संविदा शिक्षक के रूप में हुई और वे नगरी क्षेत्र में ही काम कर रहे हैं ऐसे शिक्षकों को आप ग्रामीण क्षेत्र में भेजा जाएगा। दरअसल कुछ शिक्षक चालू से एक ही स्कूल में जमे हुए हैं और इसी बात का फायदा उठाकर वे स्कूल में पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं।

प्रशासकीय आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में भेजे गए शिक्षकों को मिलेगा भत्ता

प्रशासकीय आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में भेजे गए शिक्षकों को मिलेगा भत्ता

जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 3 साल बच्चे हैं या गंभीर रूप से बीमार है उन्हें इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र या आदिवासी बहुल जिले यहां आना-जाना शिक्षकों को काफी दूर पड़ता है ऐसे शिक्षकों को प्रशासकीय आधार पर पदस्थ किए जाने पर भत्ता भी दिया जाएगा। फिलहाल एमपी के शिक्षक इस नई नीति से ज्यादा खुश नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन नीति लागू होने के बाद ही इसका पता चल पाएगा कि ये नीति कितनी शिक्षकों के लिए कारगर है।

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