मध्य प्रदेश में शराब फैक्ट्री से बचाए गए बच्चे लापता, NCPCR के अध्यक्ष ने लगाया सनसनीखेज आरोप
MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन में एक शराब फैक्ट्री में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने छापा मारकर 50 से अधिक बाल मजदूरों को आजाद कराया है। जिसमें से 20 से अधिक बच्चियां शामिल थीं। अब 24 घंटे बाद NCPCR अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि बचाए गए बच्चों को गायब कर दिया गया है।
शनिवार देर रात दिए गए बयान में कानूनगो ने जानकारी दी की बच्चों को दोपहर 3:30 बजे रेस्क्यू किया गया और फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई के लिए पुलिस को आवेदन दिया गया लेकिन, 7:30 बजे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिस शराब फैक्ट्री में बच्चे काम करते मिले थे वह संस्थान सरकार के आबकारी विभाग की देखरेख में चलता है। उसी परिसर में आबकारी अधिकारी का दफ़्तर भी है। मामला सामने आने के बाद सीएम मोहन यादव के आदेश पर जिला आबकारी को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा रायसेन जिले के 3 आबकारी उप-निरीक्षकों प्रीति शैलेंद्र, शैफाली वर्मा और मुकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
शनिवार, 15 जून को NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को जानकारी मिलने पर सोम डिस्टलरी नाम की शराब फैक्ट्री का निरीक्षण किया था। इस दौरान फैक्ट्री में 18 साल से कम उम्र के 50 बच्चे शराब बनाते पकड़े गए थे। इनमें 20 नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान बाल आयोग को बच्चों के हाथ की त्वचा जली हुई मिली थी।
इस उन्होंने जानकारी दी कि इसकी सूचना बचपन बचाओ आंदोलन नाम के एनजीओ द्वारा दी गई थी, कि फैक्ट्री में बच्चों से 15-16 घंटे काम कराया जाता है।












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