MP Weather Alert: 25 जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनी, इंदौर-जबलपुर-रीवा भी लिस्ट में शामिल
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विज्ञानियों ने बुधवार को प्रदेश के 25 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसमें इंदौर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग के जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
प्रभावित होने वाले जिले हैं: इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया।

मंगलवार का मौसम और बारिश का आंकड़ा
मंगलवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार, इस दौरान छिंदवाड़ा में सबसे अधिक 44 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद बैतूल में 32 मिमी, जबलपुर में 16 मिमी, सतना में 12 मिमी, सिवनी में 7 मिमी, उमरिया में 4 मिमी, दमोह में 3 मिमी और पचमढ़ी में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश का अधिकतम तापमान ग्वालियर में 35.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम में अपेक्षाकृत गर्म रहा।
चक्रवात और मौसम प्रणालियों का प्रभाव
- मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार, वर्तमान में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जो मध्य प्रदेश में बारिश का कारण बन रही हैं। इनमें शामिल हैं:
- उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में बना एक चक्रवात।
- पूर्वी झारखंड और उसके आसपास का एक और चक्रवात।
पूर्वी विदर्भ में मौजूद एक प्रभावी चक्रवात।
इन चक्रवातों के प्रभाव से नमी युक्त हवाएं मध्य प्रदेश की ओर आ रही हैं, जिसके चलते बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि विदर्भ और झारखंड में बने चक्रवातों का असर मध्य प्रदेश में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। इसके चलते बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और इंदौर संभागों में भारी बारिश की संभावना है। साथ ही, नर्मदापुरम और भोपाल संभागों में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
प्रभावित क्षेत्र और संभावित प्रभाव
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन 25 जिलों में बारिश की संभावना है, वहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। इससे निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं:
निचले इलाकों में जलभराव: भारी बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, खासकर इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में।
कृषि पर प्रभाव: बारिश फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
सावधानियां और सुझाव
- यात्रा के दौरान सावधानी: बारिश के दौरान सड़कों पर सावधानी बरतें और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।
- बिजली और गरज से सुरक्षा: गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- किसानों के लिए: खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि फसलों को नुकसान न हो।
अगले कुछ दिनों का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक बारिश की गतिविधियां प्रदेश में सक्रिय रहेंगी। विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रभाव अधिक रहेगा। हालांकि, इसके बाद चक्रवातों की तीव्रता में कमी आने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नवीनतम मौसम अपडेट के लिए स्थानीय मौसम केंद्र की वेबसाइट या समाचार चैनलों से जुड़े रहें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।












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