MP News : रिटायर्ड IAS जुलानिया की लोकायुक्त ने शुरू की जांच,1 करोड़ की रिश्वत मनी-रोटेशन का मामला
MP में लोकायुक्त रिटायर्ड IAS ऑफिसर राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ जांच शुरू की दी है। इस पूर्व IAS ऑफिसर पर खाते में सीधी रिश्वत और मनी रोटेशन से राशि प्राप्त करने का आरोप है। बता दे जुलानिया लंबे समय तक जल संसाधन विभाग के
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार पर सीएम शिवराज की जीरो टॉलरेंस की मुहिम के बीच 'लोकायुक्त' ने एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल लोकायुक्त ने रिटायर्ड IAS ऑफिसर राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की दी है। इस पूर्व IAS ऑफिसर पर खाते में सीधी रिश्वत और मनी रोटेशन से राशि प्राप्त करने का आरोप है। बता दे जुलानिया लंबे समय तक जल संसाधन विभाग के मुखिया रहे थे। उन पर भ्रष्टाचार को लेकर आईएएस रमेश थेटे ने भी शिकायत की थी। जुलानिया पर लगे आरोपों को नीचे विस्तार से जानें...

फर्म से 99.5 लाख रुपये लेने का आरोप
रिटायर्ड IAS अफसर राधेश्याम जुलानिया पर एक फर्म से 99.5 लाख रुपए लेने का आरोप है। इसी मामले में लोकायुक्त संगठन ने जांच शुरू की है। प्रकरण सितंबर माह में दर्ज किया गया था, लेकिन जांच अब शुरू की गई है। इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ईडी की कार्रवाई का भी हवाला दिया गया था। शिकायत में बताया गया कि भोपाल कि जिस बंगले में जुलानिया रहते हैं,उसका भूखंड उन्होंने स्वयं और पत्नी अनीता के नाम पर खरीदा है। जमीन को खरीदने की रकम अर्नी इंफ्रा के खाते से अलग-अलग बैंक खातों में घुमाकर जुलानिया के अकाउंट में भेजी गई थी। शिकायत में यह भी लिखा गया था कि जनवरी 2021 में ईडी की टीम ने अर्नी इंफ्रा के मालिक आदित्य त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। जिसमें यह पता चला था कि जल संसाधन विभाग के सबसे बड़े ठेकेदार राजू मेंटाना की ओर से प्रदेश के वरिष्ठ अफसरों को रिश्वत बांटने का काम किया जाता था। अर्नी इंफ्रा को मेंटाना की ओर से 93 करोड़ रुपये के काम सबलेट के नाम से मिले थे।

लंबे समय तक रहे जल संसाधन विभाग के प्रमुख
जुलानिया लंबे समय तक मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभाग के प्रमुख अधिकारी रहे हैं और उनके कार्यकाल में मेंटाना को सैकड़ों करोड़ रुपये के काम दिए गए थे। इस शिकायत को लेकर लोकायुक्त संगठन के विधि अधिकारी अवधेश कुमार गुप्ता ने शिकायतकर्ता को सूचना देकर बताया है कि शिकायत के आधार पर लोकायुक्त विभाग ने जुलानिया के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

आईएएस रमेश थेटे ने भी की थी शिकायत
जल संसाधन के प्रमुख सचिव रहे जुलानिया के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर IAS रमेश थेटे ने भी पुलिस में शिकायत की थी। लोकायुक्त से की गई शिकायत में इस बात का भी जिक्र किया गया है। रमेश थेटे ने दिसंबर 2016 में भोपाल के हबीबगंज थाने में ये शिकायत की थी कि राधेश्याम जुलानिया ने अपने फ्रांस में रहने वाले बेटे को एक करोड़ पी की राशि भेजी है उस वक्त थेटे ने जुलानिया के कार्यकाल की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की थी। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त में यह भी बताया कि जुलानिया की बेटी मेंटाना की कंपनी में जॉब करती है।

करप्शन बर्दाश्त नहीं : सीएम शिवराज
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh Chouhan) प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैदानी पोस्टिंग में कर्मठ और संवेदनशील अधिकारियों कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार करप्शन के मामले में सख्त है और ऐसे मामलों में कोई एक्शन लेने का काम किया जा रहा है। उधर पूर्व IAS राधेश्याम जुलानिया के विरोध करप्शन के मामले में हुई शिकायत पर केस दर्ज कर लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज ने विकास गतिविधियों और जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में शुक्रवार को निवास कार्यालय में मंत्री और विधायक साथियों से वह चली संवाद किया। सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है यहां गड़बड़ होगी वहां दोषियों को दंडित किया जाएगा महिला बाल विकास विभाग में 104 लोगों पर कार्रवाई की गई है और 26 को नौकरी से बाहर किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को राहत देने के लिए स्वच्छ प्रशासनिक व्यवस्था का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है।
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