जिन सरकारों पर हिंदी को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी थी, वह खुद अंग्रेजी के थे गुलाम : CM शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंग्रेजी को लेकर पिछली सरकारों को जमकर कोसा। उन्होंने बिना नाम लिए पहले की विपक्ष की सरकारों को अंग्रेजी का गुलाम बता दिया।

भोपाल में आयोजित हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंग्रेजी को लेकर पिछली सरकारों को जमकर कोसा। उन्होंने बिना नाम लिए पहले की विपक्ष की सरकारों को अंग्रेजी का गुलाम बता दिया। सीएम शिवराज ने कहा कि हमारी संस्कृति, जीवन मूल्य, परंपराएं, संस्कार अपनी भाषा में ही प्रगट होंगे। उन लोगों ने महापाप किया था, जिन्होंने आजादी के बाद भी अंग्रेजी की अनिवार्यता को जारी रखा। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गुलामी से मुक्ति का मार्ग खोला है। बता दे आज राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में MBBS फर्स्ट ईयर की हिन्दी की किताबों का विमोचन किया गया। इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जिन सरकारों पर हिंदी को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी थी, वे ही अंग्रेजी के थे गुलाम

जिन सरकारों पर हिंदी को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी थी, वे ही अंग्रेजी के थे गुलाम

आजादी के बाद जिन सरकारों पर हिंदी को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी थी, वह खुद अंग्रेजी के गुलाम थे, उन्होंने हिंदी के लिए प्रयास नहीं किया और नतीजा यह हुआ कि अपनी हिंदी भाषा में योग्य प्रतिभाओं को मौका नहीं मिला। अंग्रेजी का ऐसा हौव्वा बनाया गया कि भोपाल में टीटी नगर और एमएलबी कहा जाने लगा। देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय तात्या टोपे जी और वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई जी को भुला दिया गया। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्व मंच पर हिंदी में संबोधन देकर भारत के 132 करोड़ नागरिकों का मान बढ़ाया। भविष्य में और भी पाठ्यक्रम हिंदी में पढ़ाने की शुरुआत होगी। हम अगले साल से मध्यप्रदेश में 6 कॉलेजों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में करवायेंगे और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से आने वाले समय में आईआईटी और आईआईएम की पढ़ाई भी हिन्दी में करवायेंगे।

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    आज पूरा मध्य प्रदेश आह्लादित है, प्रसन्न है : CM

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    सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज हम सब के सौभाग्य से इस ऐतिहासिक दिन, इस कार्यक्रम में पधारे हुए भारत के गृह एवं सहकारिता मंत्री जिन्होंने देश को आतंकवाद से मुक्त कर दिया है अमित शाह का स्वागत, वंदन, अभिनंदन है। गरीब एवं कमजोर परिवारों के बच्चे जो अंग्रेजी में प्रवीण नहीं थे, उन्हें मेडिकल की पढ़ाई से वंचित होना पड़ता था। ऐसी प्रतिभाएं कुंठित हो जाती थीं और उज्ज्वल भविष्य बनने से रह जाता था। अब ऐसी बाधाएं नहीं रहेंगी। आज पूरा मध्य प्रदेश आह्लादित है, प्रसन्न है और मेरा तो रोम-रोम खिला हुआ है। एक संकल्प पूरा हो रहा है और एक सपना साकार हो रहा है।

    पीएम मोदी ने Brain Drain को Brain Gain में बदल दिया : अमित शाह

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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। जब भी आने वाले दिनों में इतिहास लिखा जाएगा, आज के दिन को स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यह क्षण जो है पूरे देश में शिक्षा क्षेत्र के पुनर्जागरण क्षण हैं, पुनर्निर्माण का क्षण है। PM नरेंद्र मोदी ने स्थानीय भाषाओं में उच्च शिक्षा का संकल्प व्यक्त किया था, उसे मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने साकार किया। आज मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं। मुझे आज गर्व होता है कि बीजेपी की शिवराज सरकार ने देश में सबसे पहले मेडिकल की शिक्षा हिंदी में शुरू कर पीएम मोदी की इच्छा की पूर्ति की है। गुलामी के दौर में अंग्रेजों ने भारत की प्रतिभाओं के Brain Drain के लिए व्यवस्था की, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Brain Gain में बदल दिया है। अपनी भाषा में शिक्षा से बच्चों की प्रतिभा और निखरेगी। मैं सीएम शिवराज और मंत्री विश्वास को हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई के इस अभिनव प्रयास के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

    दूसरे कई पाठ्यक्रमों में भी काम आएंगी ये किताबें

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    रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल में रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल की तीन हिंदी किताबों का विमोचन किया। इन तीन किताबों में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री शामिल है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि लेखकों और प्रकाशकों की अनुमति के बाद किताबों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हिंदी में अनुवाद किया गया है। इसके बाद हर विषय के विद्यार्थियों की समिति बनाकर किताबों का हिंदी रूपांतरण किया गया। उन्होंने कहा कि यह किताबें नर्सिंग पैरामेडिकल और दूसरे कई पाठ्यक्रमों में भी काम आएंगी।

    ये भी पढ़ें : MBBS Books News : मेडिकल की किताबों का ट्रांसलेट करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस...

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