MP News: नर्मदापुरम में कृषि विभाग के उप संचालक 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
MP News: पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के सख्त निर्देशों और उप पुलिस महानिरीक्षक लोकायुक्त संगठन भोपाल मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में भोपाल लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना की टीम ने सोमवार को एक जोरदार ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
नर्मदापुरम जिले में तैनात कृषि विभाग के अनुज्ञापन अधिकारी सह उप संचालक जयराम हेड़ाऊ को उनके ही कार्यालय में 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

कैसे शुरू हुई रिश्वत की कहानी?
आवेदक 68 वर्षीय राजनारायण गुप्ता (पिता श्री पन्नालाल गुप्ता), निवासी बाबई रोड, कैंपियन स्कूल के पास, नर्मदापुरम अपने बड़े भाई श्री वीरेंद्र गुप्ता की दुकान "विनायक खाद बीज भंडार" का संचालन देखते हैं। कुछ महीने पहले उनकी दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसी वीडियो को आधार बनाकर उप संचालक कृषि श्री जयराम हेड़ाऊ ने बिना ठोस जांच के दुकान का खाद-बीज विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
लाइसेंस बहाल कराने के लिए जब राजनारायण गुप्ता श्री हेड़ाऊ से मिले तो अधिकारी ने खुलेआम एक लाख रुपये रिश्वत की मांग कर दी। बुजुर्ग व्यापारी ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो अधिकारी ने धमकी दी कि "पैसे नहीं दिए तो लाइसेंस कभी बहाल नहीं होगा और दुकान हमेशा के लिए बंद करा दूंगा।"
हिम्मत दिखाई बुजुर्ग ने, लोकायुक्त से की शिकायत
अपमान और मजबूरी से तंग आकर राजनारायण गुप्ता ने हिम्मत जुटाई और सीधे भोपाल लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक श्री दुर्गेश राठौर के सामने पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही लोकायुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। गुप्त सत्यापन में अधिकारी की रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। फिर तय हुआ कि ट्रैप लगाई जाए।
ट्रैप: प्लान परफेक्ट, कार्रवाई बिजली सी तेज
8 दिसंबर 2025 की सुबह तय समय पर राजनारायण गुप्ता लोकायुक्त टीम के साथ नर्मदापुरम कृषि कार्यालय पहुंचे। पहले से फेनॉलफ्थलीन पाउडर लगे 40 हजार रुपये की गड्डी उनके हाथ में थी। जैसे ही उप संचालक जयराम हेड़ाऊ ने अपने केबिन में लिफाफा लिया और रुपये गिनने शुरू किए, लोकायुक्त टीम ने छापा मार दिया।
आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो पानी का रंग बैंगनी हो गया - रिश्वत के रासायनिक सबूत मिल गए। आरोपी के पैंट की जेब से भी बाकी रकम बरामद हुई। पूरी कार्रवाई का वीडियो रिकॉर्डिंग भी किया गया।
आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई
- - नाम: जयराम हेड़ाऊ पुत्र विष्णु हेड़ाऊ
- - उम्र: 51 वर्ष
- - पद: अनुज्ञापन अधिकारी एवं उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जिला नर्मदापुरम
- - पता: एफ-3, सिविल लाइन, नर्मदापुरम
- - गिरफ्तारी के बाद धारा: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7) के तहत मामला दर्ज
ट्रैप टीम के जांबाज़
- इस सफल ट्रैप को अंजाम देने वाली टीम के सदस्य इस प्रकार हैं:
- - उप पुलिस अधीक्षक - बी.एम. द्विवेदी (ट्रैप दल प्रमुख)
- - निरीक्षक - सुश्री रजनी तिवारी
- - प्रधान आरक्षक - रामदास कुर्मी
- - प्रधान आरक्षक - मुकेश पटेल
- - आरक्षक - मुकेश परमार
- - आरक्षक - चैतन्य प्रताप सिंह
किसानों-व्यापारियों में राहत की लहर
नर्मदापुरम के खाद-बीज व्यापारियों में इस गिरफ्तारी से राहत की लहर दौड़ गई है। कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि श्री हेड़ाऊ लंबे समय से लाइसेंस नवीनीकरण, जांच और नए लाइसेंस के नाम पर अवैध वसूली करते आ रहे थे। आज की कार्रवाई से उन्हें उम्मीद जगी है कि अब मनमानी पर लगाम लगेगी।
लोकायुक्त भोपाल के पुलिस अधीक्षक श्री दुर्गेश राठौर ने कहा, "हमारी टीम दिन-रात भ्रष्टाचार के खिलाफ मुस्तैदी से काम कर रही है। कोई भी अधिकारी चाहे कितना भी बड़ा हो, रिश्वत लेते पकड़ा गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। आम नागरिक बेखौफ होकर शिकायत करें, हम उनकी पहचान गोपनीय रखते हैं।"
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में लोकायुक्त संगठन पूरी तरह मुस्तैद है। उम्मीद है कि ऐसे सख्त कदमों से सरकारी महकमों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों की नींद उड़ जाएगी और ईमानदार अफसरों का मनोबल बढ़ेगा।












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