MP News: क्या है खंडवा कब्रिस्तान कांड, महिलाओं की कब्रें खोदकर शवों से छेड़छाड़ का आरोपी अय्यूब खान गिरफ्तार
MP Khandwa News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया। यहां के बड़े कब्रिस्तान में हाल ही में दफनाई गई महिलाओं की कब्रें खोदकर उनके शवों के साथ घिनौनी छेड़छाड़ करने का मामला प्रकाश में आया। आरोपी अय्यूब खान (50 वर्ष), जो अपनी दो पत्नियों की हत्या का दोषी रह चुका है, को कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन गिरफ्तारी के बाद गुरुवार दोपहर जब पुलिस फावड़े को जब्त करने के लिए आरोपी को कब्रिस्तान लेकर पहुंची, तो आक्रोशित भीड़ ने हंगामा मचा दिया। लोगों ने आरोपी को घेर लिया, पीटने की कोशिश की और 'गोली मारो हैवान को, फांसी दो' के नारे लगाए। किसी तरह पुलिस ने भीड़ को संभाला और आरोपी को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ चुकी है।

घटना का खौफनाक चेहरा: अमावस्या की रातों में तांत्रिक क्रिया का बहाना
यह कांड 21 सितंबर 2025 को तब उजागर हुआ, जब बड़े कब्रिस्तान में दफनाई गई दो महिलाओं के परिजन धार्मिक रस्में (दुआ-फातिहा) के लिए पहुंचे। वहां कब्रें खुली मिलीं और एक महिला शव के पैर वाले हिस्से से कपड़े अस्त-व्यस्त पाए गए। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जांच में पता चला कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध था। आरोपी अय्यूब खान दिन के समय कब्रिस्तान की रेकी करता, ताजा महिलाओं की कब्रें चिह्नित कर लेता और अमावस्या की अंधेरी रातों में फावड़े से कब्रें खोदता। वह कब्र में उतरकर शवों के बाल काटता और तांत्रिक क्रिया के नाम पर छेड़छाड़ करता। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह अपनी 'जिस्मानी और रूहानी ताकत' बढ़ाने के लिए ऐसा करता था।
पुलिस जांच के अनुसार, यह पहली घटना नहीं थी। 19 मई 2025 को बड़े कब्रिस्तान और सिहाड़ा कब्रिस्तान में छह कब्रों के साथ छेड़छाड़ हुई थी। वहीं, 17 मई को मोघट कब्रिस्तान में भी इसी तरह की वारदात का शिकार हुईं दो ताजा कब्रें। कुल मिलाकर, आरोपी ने तीन से अधिक कब्रों के साथ अपराध किया। खास बात यह है कि अय्यूब ने अमावस्या का दिन इसलिए चुना, ताकि संदेह हिंदू तांत्रिकों पर जाए। खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने बताया, "आरोपी ने कब्र की मिट्टी हाथों से या फावड़े से हटाई, फिर शव पर पैरों की तरफ से छेड़छाड़ की। सीसीटीवी में उसकी करतूत कैद हो गई।"
जानिए पूरा कहानी, दो पत्नियों का हत्यारा, जेल से बाहर आते ही नया कांड
अय्यूब खान कोई साधारण अपराधी नहीं है। मुंदवाड़ा गांव (जावर थाना क्षेत्र) का रहने वाला यह शख्स थाने में निगरानीशुदा बदमाश के रूप में दर्ज है। उसके खिलाफ 11 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो हत्याएं प्रमुख हैं। 2009 में उसने अपनी पहली पत्नी को जलाकर मार डाला। 2011 में दूसरी पत्नी को पानी में डुबोकर हत्या कर दी। इन अपराधों के लिए उसे उम्रकैद की सजा हुई और 13 साल जेल काटने के बाद 15 मई 2025 को इंदौर सेंट्रल जेल से रिहा हुआ। रिहाई के महज चार दिन बाद ही उसने पहला कांड किया। जेल से बाहर आते ही उसकी पुरानी आदतें हावी हो गईं। परिवार और गांव वाले भी उससे दूरी बनाए रखते हैं।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फावड़ा जब्त किया, जो अपराध में इस्तेमाल होता था। पूछताछ में उसने बताया कि वह शवों के बाल काटकर रखता था, क्योंकि तंत्र-मंत्र के अनुसार इससे 'दैवीय शक्ति' मिलती है। एसपी राय ने कहा, "यह घटना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 295 (धार्मिक भावनाएं आहत करना), 297 (कब्र नष्ट करना) और 354 (महिलाओं से छेड़छाड़) के तहत मुकदमा दर्ज है। रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जा रही है।"
गुरुवार का हंगामा: भीड़ का आक्रोश, पुलिस की मशक्कत
गिरफ्तारी के एक दिन बाद, यानी 25 सितंबर (गुरुवार) दोपहर को पुलिस कुछ अधिकारियों और जवानों के साथ आरोपी को फावड़ा जब्त करने के लिए बड़े कब्रिस्तान ले गई। वहां मौजूद लोगों ने अय्यूब को पहचान लिया। देखते ही भीड़ आक्रोशित हो गई। सैकड़ों लोग जमा हो गए और आरोपी को घेर लिया। दो पुलिसकर्मियों के बीच बैठे अय्यूब को लोगों ने पीटने की कोशिश की। नारेबाजी शुरू हो गई - 'गोली मारो हैवान को!', 'फांसी दो!'। महिलाएं और युवा सबसे आगे थे, जो इस घटना से सबसे ज्यादा आहत थे।
पुलिस को भीड़ को संभालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। एसपी मनोज कुमार राय और कोतवाली प्रभारी समेत भारी पुलिस बल तैनात था। किसी तरह फोर्स ने भीड़ को खदेड़ा और आरोपी को वैन में बिठाकर थाने ले गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "यह हैवान कब्रों में भी महिलाओं को नहीं छोड़ता। समाज की रक्षा कौन करेगा?" हंगामे के दौरान कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन स्थानीय मुस्लिम समुदाय में गुस्सा चरम पर है।
मुस्लिम समुदाय का विरोध
यह घटना मुस्लिम समुदाय के लिए गहरा सदमा है। कब्रिस्तान को सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, और वहां शवों का अपमान असहनीय है। घटना के बाद समुदाय के लोगों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया और कड़ी सजा की मांग की। एक महिला ने कहा, "महिलाएं जीते-जी असुरक्षित हैं, मरने के बाद भी?
विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने कहा, "ऐसे अपराधियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पुलिस की निगरानी में चूक हुई।" वहीं, भाजपा ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और तांत्रिक अंधविश्वास की समस्या को उजागर करती है। मनोचिकित्सक डॉ अनुराग शर्मा ने बताया, "ऐसे अपराधी अक्सर बचपन के ट्रॉमा या साइकोपैथी से ग्रस्त होते हैं। समाज को जागरूकता फैलानी होगी।"
और राज खुलने की संभावना
पुलिस अब आरोपी के अन्य संभावित अपराधों की जांच कर रही है। खंडवा के अन्य कब्रिस्तानों में भी ऐसी घटनाओं की पड़ताल हो रही। एसपी राय ने कहा, "हम पूरी सख्ती से कार्रवाई करेंगे। आरोपी को फांसी की सजा दिलाने के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेंगे।" फिलहाल, अय्यूब को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह कांड न केवल खंडवा, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है। कब्रिस्तान जैसी पवित्र जगहों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। क्या समाज ऐसी घटनाओं से सबक लेगा? सवाल वही है - महिलाओं की सुरक्षा कब पूरी होगी? स्थानीय प्रशासन ने कब्रिस्तानों में सीसीटीवी बढ़ाने और रात्रिकालीन गश्त का वादा किया है। लेकिन घाव गहरा है, और न्याय की प्रतीक्षा लंबी।












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