Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: गुना की मिट्टी में बसी ममता, 90 साल की श्री बाई ने पेंशन दान की, सिंधिया ने ठाना श्रमदान का संकल्प

गुना: मध्य प्रदेश का गुना जिला, जहां जुलाई 2025 की बाढ़ ने घर-खेत सब कुछ बहा ले गई, आज एक ऐसी कहानी का गवाह बना, जिसने हर दिल को छू लिया। 23 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जब बाढ़ की तबाही का जायजा लेने गुना पहुंचे, तो एक 90 साल की वृद्धा, श्री बाई ने अपनी छोटी सी पेंशन बाढ़ पीड़ितों के लिए दान कर एक मिसाल कायम की।

उनके इस त्याग ने न सिर्फ सभा में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया, बल्कि खुद सिंधिया को भी श्रमदान का संकल्प लेने को प्रेरित किया। यह कहानी गुना की मिट्टी में बसी ममता, एकता, और मानवता की एक ऐसी मिसाल है, जो लंबे समय तक याद की जाएगी।

MP Jyotiraditya Scindia 90-year-old woman in Guna dedicates her pension to flood victims

जुलाई 2025 में गुना, शिवपुरी, और अशोकनगर की धरती पर बाढ़ ने ऐसा कहर बरपाया कि नदियां उफान पर आईं, गांव जलमग्न हो गए, और सैकड़ों परिवारों का सब कुछ पानी में बह गया। फसलें डूब गईं, मकान ढह गए, और लोग खुले आसमान तले रातें काटने को मजबूर हो गए। इस तबाही के बीच, केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो गुना के सांसद भी हैं, अपने चार दिवसीय दौरे के तहत 23 अगस्त 2025 को गुना पहुंचे।

सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित गांवों-अखाई घाट, शाजापुर, पोरू खेड़ी, और अमरोद खेड़ी-का दौरा किया। राहत शिविरों में जाकर उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की, उनकी बात सुनी, और आंसुओं से भरी आंखों में उम्मीद की किरण जगाई। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "यह संकट की घड़ी है। लेकिन अगर हम सब मिलकर सहयोग और श्रमदान करें, तो गुना फिर से उठ खड़ा होगा। मैं आपका सांसद ही नहीं, आपका परिवार का सदस्य हूं। आपकी हर मुश्किल में मैं आपके साथ हूं।"

श्री बाई जी का दिल छूने वाला दान

सिंधिया का यह आह्वान उस समय साकार हुआ, जब जनसभा में बैठी 90 साल की श्री बाई जी ने मंच पर आकर कुछ ऐसा किया, जिसने सबके दिलों को पिघला दिया। कमजोर कदमों और झुकी कमर के साथ, लेकिन मन में अटूट हौसले लिए, श्री बाई जी ने कहा, "मेरे पास ज्यादा नहीं है। मेरी 2,200 रुपये की पेंशन ही मेरी जिंदगी का सहारा है। लेकिन मैं इसे उन परिवारों के लिए देना चाहती हूं, जिन्होंने बाढ़ में सब कुछ खो दिया।" उनकी कांपती आवाज और चमकती आंखों ने सभा में सन्नाटा छा दिया।

श्री बाई ने प्रशासन से आग्रह किया, "मेरे इस छोटे से दान को उन लोगों तक पहुंचाएं, जिनके बच्चे भूखे हैं, जिनके घर बह गए। मेरी पेंशन उनकी मदद करे।" यह पल इतना भावुक था कि सभा में मौजूद कई लोग रो पड़े। X पर इस घटना का वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसमें श्री बाई जी मंच पर अपनी बात रख रही थीं। एक यूजर ने लिखा, "90 साल की उम्र में श्री बाई जी ने जो किया, वह हम सबके लिए प्रेरणा है। यह गुना की मातृशक्ति का असली रूप है।"

सिंधिया का श्रमदान का संकल्प

श्री बाई के इस त्याग से प्रेरित होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से एक ऐलान किया, जिसने सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा, "90 साल की इस मातृशक्ति का सेवा भाव और त्याग देखकर मेरा मन गदगद हो गया। मैं उनके सामने नतमस्तक हूं। मैं संकल्प लेता हूं कि मैं स्वयं कलेक्टर के साथ दो घंटे का श्रमदान करूंगा, ताकि राहत कार्यों में सीधा योगदान दे सकूं।"

सिंधिया ने यह भी वादा किया कि श्री बाई की पेंशन का एक-एक पैसा पारदर्शी तरीके से बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और नुकसान की भरपाई में इस्तेमाल होगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि इस दान का उपयोग प्रभावित परिवारों के लिए खाद्यान्न, अस्थायी आवास, और बच्चों की शिक्षा के लिए किया जाए। उनके इस संकल्प ने जनता में एक नया जोश भरा, और यह संदेश गया कि नेतृत्व और समाज मिलकर कितना कुछ कर सकते हैं।

श्री बाई: एक साधारण औरत, असाधारण हौसला

श्री बाई जी, जिनका पूरा नाम बाईबाला बाई है, गुना के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। 90 साल की उम्र में वे अपनी छोटी सी पेंशन से अपना गुजारा करती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, श्री बाई जी हमेशा से दूसरों की मदद के लिए तत्पर रही हैं। चाहे पड़ोस में किसी को खाना देना हो या गांव के बच्चों को कहानियां सुनाना, उनका जीवन सेवा का प्रतीक रहा है।

उनके पोते रामलाल ने बताया, "अम्मा को जब बाढ़ की खबर मिली, तो वे बहुत परेशान थीं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पेंशन से किसी का भला हो सकता है, तो वे उसे देना चाहती हैं।" श्री बाई जी का यह कदम न केवल गुना के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। X पर एक यूजर ने लिखा, "श्री बाई जी ने दिखा दिया कि सेवा की कोई उम्र नहीं होती। उनकी 2,200 रुपये की पेंशन लाखों के दान से भी बड़ी है।"

गुना में राहत कार्यों का जायजा

सिंधिया का यह दौरा उनके चार दिवसीय संसदीय क्षेत्र भ्रमण का हिस्सा था। इससे पहले, वे अशोकनगर के चंदेरी और शिवपुरी के कोलारस में बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर चुके थे। गुना में उन्होंने राहत शिविरों का निरीक्षण किया, जहां 3,000 से अधिक लोगों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न, और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

प्रशासन ने बताया कि बाढ़ में 400 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा, और 5,000 एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गईं। सिंधिया ने कलेक्टर आदित्य सिंह के साथ मिलकर नुकसान का आकलन तेज करने और मुआवजा वितरण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हर प्रभावित परिवार को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटाया जाए। केंद्र और राज्य सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"

सामाजिक और सियासी गूंज

श्री बाई के दान और सिंधिया के श्रमदान संकल्प ने गुना में एक सकारात्मक माहौल बनाया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे एकता और नेतृत्व का प्रतीक बताया। एक स्थानीय नेता ने कहा, "सिंधिया जी का श्रमदान और श्री बाई जी का दान दिखाता है कि गुना का हर व्यक्ति इस संकट में एक साथ है। यह हमारी ताकत है।"

विपक्षी कांग्रेस ने श्री बाई के दान की तारीफ की, लेकिन सिंधिया के संकल्प पर सवाल उठाए। एक कांग्रेस नेता ने कहा, "श्री बाई जी का दान दिल को छूने वाला है, लेकिन सिंधिया का श्रमदान सिर्फ दिखावा है। बाढ़ से बचाव के लिए ठोस नीतियां बननी चाहिए।" बीजेपी ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि सिंधिया का दौरा और उनका संकल्प जनता के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भविष्य की राह: एकता और पुनर्वास

श्री बाई जी के दान ने समाज में एक नई जागरूकता पैदा की है। कई स्थानीय संगठन, जैसे निर्माण परिवर्तन और झूलेलाल की फौज, अब बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आ रहे हैं। इन संगठनों ने बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री, खाद्यान्न, और कपड़े वितरित करने की योजना बनाई है।

सिंधिया ने दीर्घकालिक योजनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नदियों के किनारे बांधों को मजबूत करने, जल प्रबंधन को बेहतर करने, और बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी उपाय कर रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गुना में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिसमें दो नई एम्बुलेंस और केंद्रीय विद्यालय के लिए संसाधन शामिल हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+