दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के ओंकारेश्वर बांध पर बनेगी
भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डांग ने कहा कि 600 मेगावाट की दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना प्रदेश में नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध में बनाई जाएगी। यहां वर्ष 2022-2023 तक बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

सौर परियोजना में अनुमानित निवेश रु 3,000 करोड़ का होगा। विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम और पावर ग्रिड ने भी परियोजना के विकास के लिए सहायता प्रदान करने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
मध्य प्रदेश में परियोजना की प्राथमिक व्यवहार्यता विश्व बैंक के सहयोग से पहले ही हो चुकी है और वर्ष 2022-2023 तक बिजली उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है।
मुख्य विचार
• जनवरी 2021 में पॉवर ग्रिड द्वारा परियोजना क्षेत्र से खंडवा सबस्टेशन तक ट्रांसमिशन लाइन मार्ग सर्वेक्षण का काम शुरू होगा।
• परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव के विस्तृत अध्ययन के लिए निविदा भी जारी की जा रही है।
• मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने सौर परियोजना से 400 मेगावाट बिजली खरीदने के लिए अपनी सहमति दी है।
• इसमें ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर में 600 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता के साथ फ्लोटिंग सौर ऊर्जा पैनल होंगे।
• अनुमान के अनुसार, 2 वर्षों में, सौर परियोजना सस्ती और अच्छी गुणवत्ता की शक्ति प्रदान करने में सक्षम होगी।
• बिजली का उत्पादन लगभग 2000- हेक्टेयर जल क्षेत्र में होगा। यह बांध में सौर पैनल स्थापित करके किया जाएगा। ये पैनल जलाशय में पानी की सतह पर तैरेंगे।
• जब बांध का जल स्तर कम होता है, तो सौर पैनल अपने आप ही ऊपर और डाउनलोड को समायोजित कर देंगे और बाढ़ और मजबूत लहरों का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सूरज की किरणें बिजली पैदा करती रहेंगी।












Click it and Unblock the Notifications