निशा बांगरे के आवेदन पर सरकार ने 3 माह में नहीं लिया कोई फैसला, फिर से डिप्टी कलेक्टर बनना चाहती है ये नेत्री
आमला से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए डिप्टी कलेक्टर के पद से इस्तीफा देने वाली कांग्रेस नेता निशा बांगरी को कांग्रेस टिकट नहीं दे पाई। अब उनके पति, पिता, ससुर चाहते हैं कि वह फिर से सरकारी नौकरी करें, इसके चलते निशा बांगरी ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जनवरी में ही मुख्य सचिव को आवेदन देकर त्यागपत्र वापस लिए जाने की मांग की है।
हालांकि राज्य शासन की ओर से उनके इस आवेदन पर अब तक कोई पहल नहीं की गई है। निशा का कहना है कि यदि राज्य सरकार और डीओपीटी उन्हें मौका देती है तो वह डिप्टी कलेक्टर बनकर फिर से जन सेवा करना चाहती हैं।

गौरतलब है कि स्वयं के मकान के अंदर होने वाली पूजा में शामिल होने की शासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी, इसके बाद उन्होंने पिछले साल 22 जून को डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा दिया था। वहीं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें अमला विधानसभा सीट से टिकट देकर चुनाव लड़ाने का आश्वासन दिया था।
18 जनवरी को नौकरी में वापस आने सीएस को दिया आवेदन
निशा बैंगर ने वन इंडिया से चर्चा में कहा कि उनके परिजन चाहते हैं कि वह सरकारी नौकरी करें। इसलिए उन्होंने त्यागपत्र वापस लिए जाने का आग्रह किया है, यदि इसे स्वीकार किया तो डिप्टी कलेक्टर बनकर जन सेवा करूंगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो फिर राजनीति के माध्यम से जन सेवा करती रहेंगी।

मुख्य सचिव को आवेदन
निशा बांगरे ने मुख्य सचिव को दिया है गए आवेदन में कहा है कि जिस आधार पर विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने के लिए उनका त्यागपत्र स्वीकार किया गया था, वे परिस्थितियों ही नहीं बन पाई। इसलिए जनहित में वह डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवई देना चाहती हैं। 23 अक्टूबर 2023 से अब तक उन्होंने कहीं निजी अथवा शासकीय संस्था में नियुक्ति प्राप्त नहीं की है उन्हें कोई भी कारण बताओं नोटिस तक प्राप्त नहीं हुआ उन्होंने मुख्य सचिव से उनका त्यागपत्र वापस लेने के आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है।
निशा बांगरे, जो छतरपुर जिले में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत थीं, ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी। वे छतरपुर जिले के लवकुश नगर में एसडीएम रहते हुए इस निर्णय पर पहुंचीं थीं। उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे बैतूल जिले की आमला सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखती थीं।
लेकिन उनका नौकरी से इस्तीफा काफी देर से स्वीकार किया गया, तब तक कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के रूप में मनोज मालवे को घोषित कर दिया था। इस कारण, निशा बांगरे चुनाव में नहीं लड़ पाईं। फिलहाल निशा बांगरे कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता हैं। निशा बांगरे ने बताया कि कांग्रेस ने पहले उन्हें विधानसभा टिकट देने का वादा किया था वह पूरा नहीं किया। इसके बाद लोकसभा में भी टिकट नहीं दी। कांग्रेस ने उनके साथ वादाखिलाफी की है।












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