MP News: कैबिनेट बैठक, सरकार ने लिया बड़ा निर्णय, निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन की योजना
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए। इनमें सबसे बड़ा फैसला पीपीपी मोड पर निजी मेडिकल कॉलेजों को 1 रुपये में 25 एकड़ सरकारी जमीन देने का था।
यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे निजी निवेशकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री ने पशु आहार अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये करने का भी ऐलान किया, जिससे पशुपालन के क्षेत्र में प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। कैबिनेट ने कई और योजनाओं को भी मंजूरी दी, जो राज्य के विकास में मददगार साबित होंगी।

निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलेगा 1 रुपये में 25 एकड़ भूमि
अब तक, निजी मेडिकल कॉलेजों को निवेश के लिए खुद जमीन का इंतजाम करना पड़ता था, लेकिन इस फैसले के बाद ये कॉलेज 1 रुपये प्रति वर्ष के भू-भाटक पर 25 एकड़ सरकारी जमीन प्राप्त कर सकेंगे। इससे निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए काम करना और आसान होगा, और पीपीपी मोड पर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इस फैसले के तहत, सरकार मेडिकल कॉलेजों के निर्माण में तेजी लाने की योजना बना रही है, ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर हो सके।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि इस कदम से राज्य में अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खुल सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ऊंचा होगा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर शिक्षा मिलने की संभावना है, और मेडिकल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जिला अस्पतालों का भविष्य तय
पहले सरकार ने एक निर्णय लिया था जिसमें जिला अस्पतालों को प्राइवेट डेवलपर्स के हवाले करने का प्रस्ताव था, लेकिन कैबिनेट ने अब उसे पलट दिया है। अब जिला अस्पताल सरकार के नियंत्रण में ही रहेंगे और उन्हें अपग्रेड किया जाएगा। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि अब प्राइवेट डेवलपर्स से जोड़ने की बजाय, निजी मेडिकल कॉलेजों को डीवलपर से संबद्ध किया जाएगा। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवा के स्तर को ऊंचा करने के लिए लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, अब आयुष्मान कार्डधारकों को 75 प्रतिशत नि:शुल्क सुविधा जिला अस्पतालों में मिलेगी, जिससे आम आदमी को स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती और सुलभ मिल सकेंगी। यह कदम आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
पशुपालन के लिए भी सरकार की नई योजनाएं
पशुपालन के क्षेत्र में भी सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। गौमाता को समर्पित कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि पशु आहार अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया जाएगा। यह निर्णय खासकर उन लोगों के लिए अहम है जो गौशालाओं में गायों और भैंसों का पालन करते हैं। इसके अलावा, गौवंश विहार के लिए पीपीपी मोड पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक नई नीति को मंजूरी दी गई है, जिससे गौवंश पालन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को लाभ होगा।
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि सरकार पीपीपी मोड के तहत निवेशकों से बिडिंग कराएगी, ताकि गौवंश पालन में अधिक से अधिक निवेश हो सके। इसके अलावा, 5,000 गौवंश रखने के लिए भी एक योजना बनाई जाएगी, जिसमें निवेशक सीएनजी, सोलर और अन्य उत्पादन कर सकेंगे।
राजमार्गों पर जोर, ग्वालियर और सागर बायपास का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के अन्य फैसलों का भी खुलासा किया। राज्य को भारत सरकार से 4,000 करोड़ रुपये की सौगात मिली है, जिसमें ग्वालियर पश्चिमी बाईपास और सागर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए मंजूरी दी गई है। ग्वालियर पश्चिमी बाईपास 28.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी लागत 1,426 करोड़ रुपये है, वहीं सागर बाईपास की लागत 688 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा और राज्य के विकास में तेजी आएगी।
कृषि उपार्जन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कृषि उपार्जन को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी। चना, मसूर, सरसों और तुअर की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जा रही हैं। 7.28 लाख मैट्रिक टन चने का उपार्जन 21 अप्रैल तक किया जाएगा, और अब तक 2.6 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है। इसके अलावा, 31.36 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन भी किया जा चुका है, और किसानों को 4,012 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री का 13 अप्रैल का दौरा और आगामी कार्यक्रम
कैबिनेट बैठक से पहले, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल को अशोकनगर जिले में स्थित श्री आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम में होंगे, जहां वह कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को भोपाल में रहेंगे, जहां राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य सरकार के बीच अनुबंध हस्ताक्षर होंगे।
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में कई बड़े और दूरगामी प्रभाव वाले फैसले लिए हैं, जिनसे राज्य के स्वास्थ्य और पशुपालन क्षेत्र में सुधार होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए सरकारी जमीन का प्रस्ताव, पशु आहार अनुदान का बढ़ाया जाना, और जिला अस्पतालों की अपग्रेडेशन की योजना, सभी कदम राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। अब यह देखना होगा कि सरकार इन योजनाओं को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू करती है, ताकि प्रदेश के नागरिकों को इसका फायदा मिले।












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