MP Cabinet: कैबिनेट में 1 दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर लगी मुहर, ट्रांसजेंडर को OBC वर्ग में मिलेगा आरक्षण
राजधानी भोपाल में मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में मिलेट्स मिशन, सिंचाई परियोजनाओं और ट्रांसजेंडर को ओबीसी आरक्षण समेत कई प्रस्ताव पास हुए।

Madhya Pradesh cabinet News: मध्यप्रदेश में कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार मंडी फीस की प्रतिपूर्ति प्रदाय करने की योजना में सरकार संशोधन करेगी। इसमें राज्य में उत्पादित गेहूं के स्थान पर राज्य में किसी भी मंडी क्षेत्र में निर्यात के उद्देश्य खरीदे गए अनाज, भुगतान पत्र से 31 मार्च तक खरीदे गए अनाज और इसके बाद 60 दिन में दस्तावेजों सहित मंडी शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए किए गए आवेदनों पर छूट दी जाएगी।
30,000 ट्रांसजेंडर पर चर्चा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में एक दर्जन प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसमें मध्यप्रदेश में ट्रांसजेंडर को पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने पर चर्चा की गई। प्रदेश में अभी 30,000 ट्रांसजेंडर है। उन्हें आरक्षण का लाभ मिलेगा फिलहाल ओबीसी को 14% आरक्षण दिया जा रहा है ट्रांसजेंडर को इसी में से आरक्षण मिलेगा। बता दे पिछड़ा वर्ग की सूची में क्रमांक 94 पर ट्रांसजेंडर को शामिल किया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
गेहूं निर्यात के लिए मंडी शुल्क के प्रावधान में होगा संशोधन
गेहूं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया था। अब इसमें संशोधन किया जा रहा है। पिछले साल प्रदेश से 21 लाख टन गेहूं का निर्यात हुआ था। इसमें से केवल 5 लाख 523 हजार टन के दावे को ही क्षतिपूर्ति के लिए मान्य किया गया था। जो बदलाव किया जा रहा है, उसके तहत राज्य में उत्पादित गेहूं के स्थान पर राज्य में किसी भी मंडी क्षेत्र में निर्यात के उद्देश्य से खरीदा, भुगतान पत्र से खरीदी गई मात्रा में से 31 मार्च 2023 निर्यात और 31 मार्च से 60 दिन में अभिलेख सहित शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करना शामिल है।
23 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
प्रदेश में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए राज्य मिलेट मिशन लागू किया जाएगा। मिशन के अंतर्गत 2024-2025 तक किसानों को कोदो-कुटकी, ज्वार एवं रागी के उन्नत प्रमाणित बीज पर सहकारी एवं शासकीय संस्थाओं के माध्यम से 80% अनुदान दिया जाएगा। प्रसंस्करण और विपणन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हितग्राहियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर फूड फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाएगा। मिशन के अंतर्गत संचालित होने वाली गतिविधियों पर 2 साल में ₹23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा सरस्वती शिक्षा समिति मोती नगर सागर को शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु 23 हजार 680 वर्ग फीट भूमि का स्थाई पट्टा आवंटन भी सरकार करेगी।












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