पति की बेरोजगारी और आर्थिक तंगी ने एक 10वी पास मां को कैसे बना दिया अपने ही बच्चों का हत्यारा,जनिए पूरा मामला
भोपाल में पति के बेरोजगार होने से पत्नी को ससुराल वाले ताना मारने लगे। इसके बाद गरीबी -आर्थिक तंगी से परेशान एक मां ने अपने दो जुड़वां नवजात को गला घोंटकर मार डाला!
भोपाल, 28 सितंबर। अक्सर बेरोजगारी और आर्थिक तंगी लोगों को बेबस बना देती है। लेकिन यह बेबसी किसी को अपनों का ही हत्यारा बना दे ऐसे मामले बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। राजधानी भोपाल में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहा पति के बेरोजगार होने से पत्नी को ससुराल वाले ताना मारने लगे। इसी बीच महिला को दो जुड़वा बच्चे हो गए और ससुराल वाले उसे बाते सुना ने लगे कि एक बच्ची पहले से ही है, दो और बच्चे पैदा कर लिए। अब इनका भरण पोषण कैसे होगा ? बस इसी बात ने 10वीं पास महिला को अपने ही 15 दिन के जुड़वा बच्चों का हत्यारा बना दिया। आरोपी महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उसका पति कुछ नहीं करता। पति कहने पर ही उसने ऐसा किया। पति ने उससे कहा था कि इनको पैदा कर लिया है, इनको कैसे खिलाएगी। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। अब महिला पुलिस से पति की गिरफ्तारी की मांग कर रही है। वहीं इस घटना पर कांग्रेस प्रवक्ता ने शिवराज सरकार पर सवाल खड़ें करते हुए ट्वीट करके लिखा कि "आत्मनिर्भर मप्र" की सच्ची तस्वीर! भोपाल में गरीबी -आर्थिक तंगी से परेशान एक मां ने अपने दो जुड़वां नवजात को गला घोंटकर मार डाला!

पिता ने कहा- 4 बहनों में सबसे होशियार है ये लड़की
अपने ही बच्चों की हत्या करने वाली महिला के पिता को यकीन ही नहीं हो पा रहा है कि उसने ऐसा किया है। आरोपी महिला सपना के पिता गुलाब सिंह ने बताया कि मेरी 4 लड़कियों में से ये मेरी सबसे होशियार लड़की है। पता नहीं उसने ये घटना कैसे कर दी। जब पिता को यह बात पता चली कि उसने पति के बेरोजगार होने से और ससुराल वालों के ताने मारने से यह कदम उठाया है। तब पिता ने कहा कि मेरी बेटी को बहुत प्रताड़ित किया गया आर्थिक तंगी और गरीबी ने उसकी बुद्धि को नष्ट कर दिया। वरना मेरी लड़की बहुत होशियार थी। वह ऐसा घिनौना काम कभी कर ही नहीं सकती। अब सवाल यही उठता है कि आर्थिक तंगी और बेरोजगारी किसी को हैवान भी बना सकती है। समय रहते सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।

बच्चों की हत्यारी महिला ने पुलिस को धाकड़ समाज के कई नेताओं के नाम बताएं
सूत्रों की मानें तो जब पुलिस सपना से पूछताछ कर रही थी, इस दौरान सपना ने पुलिस को धाकड़ समाज के बारे में जानकारी दी। उसने बताया है कि धाकड़ समाज कई हिस्सों में बटा है। कोई किरार लिखता है। कोई धाकड़ लिखता है। उसने यह भी बताया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उसी समाज से आते हैं। महिला काफी देर तक पुलिस वालों से बात करती रही लेकिन जैसे ही उसे बच्चों के बारे में पूछा तो उसे दौरा पड़ गया और उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ा। पिता के अनुसार आरोपी लड़की सपना दसवीं तक पढ़ी है।

सपना से सच बुलवाने के लिए पुलिस को खानी पड़ी कसम
टीटी नगर थाना प्रभारी चेन सिंह रघुवंशी को महिला से गुनाह कबूल करवाने के लिए कसम खाना पड़ी। मंगलवार को महिला से पूछताछ हुई। थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी ने खुद ही महिला से पूछताछ की। उन्होंने महिला की देसी भाषा में उससे बात करना शुरू किया। इसके बाद टीआई ने महिला को भरोसे में लिया और उससे कहा तुम बच्चों का पता बता दो तुम्हें कुछ भी नहीं होगा। इसके लिए टीआई को कसम दी खानी पड़ी। इसके बाद महिला टूट गई और उसने पुलिस को बताया कि 23 सितंबर की सुबह तड़के 4 बजे वे बच्चों लेकर घर से निकली थी। बच्चों को घर से करीब 2 किलोमीटर दूर मनीपुरम कॉलोनी के पास ले गई और वहां पर उनके कपड़े उतारे फिर गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। वहां से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अंदर गई वाह रखिए खाली पानी की टंकी पर पैर रखकर करीब 8 फीट की दीवार के पीछे बच्चों को फेंक दिया।

इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने 254 सीसीटीवी फुटेज खंगाले
एसीपी चंद्र शेखर पांडे ने बताया कि 5 दिन में करीब 254 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को बच्चों के गायब होने पर महिला पर शक जा रहा था, लेकिन वे टूट नहीं रही थी, इस दौरान TI चेनसिंह ने महिला को कसमें खाकर भरोसा दिलाया कि वह बच्चों के बारे में बताएं कि वह कहां है। इसके अलावा पुलिस ने महिला से यूं ही कहा कि बच्चों को फेंकते हुए उसका CCTV आया है। जिसके बाद महिला ने खुद मौके पर जाकर बच्चों के शव बरामद करवाएं। बच्चों को झांसी फेंका था वह कुत्ते नहीं थे इसलिए बच्चों के शव सुरक्षित रहे, लेकिन शव बुरी तरह से सड़ गए थे।

महिला ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को किया था गुमराह
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि सपना धाकड़ मूलत: बैरसिया की रहने वाली है और उसकी उम्र 27 साल है। 2017 में उसकी शादी कोलार गेस्ट हाउस के पास रहने वाले ब्रजमोहन धाकड़ के साथ हुई थी। अभी 15 दिन पहले यानी 7 सितंबर को उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। इसके बाद से ही महिला का दिमाग कुछ ठीक नहीं है। 23 सितंबर की सुबह 4:30 बजे महिला बिना किसी को बताए घर से निकल गई, जबकि उसके परिवार वाले सब सो रहे थे। महिला ने टीटी नगर पुलिस को बताया कि वो मायके बैरसिया जाने के लिए निकली थी,लेकिन रंग महल टॉकीज के पास उसके बच्चे चोरी हो गए। हालांकि पुलिस ने जांच में पाया था कि महिला अकेले रंगमहल टॉकीज चौराहा पर आई थी। उसके साथ बच्चे नहीं थे।

विपक्ष ने इस घटना पर सरकार को घेरा
इस पूरी घटना पर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने सवाल खड़े करते हुए सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि "आत्मनिर्भर मप्र" की सच्ची तस्वीर! भ्रष्टों (मात्र छोटी मछलियों) के घरों से करोड़ों-अरबों का "कालाधन" मिल रहा है!वहीं,राजधानी भोपाल में ही गरीबी -आर्थिक तंगी से परेशान एक मां ने अपने दो जुड़वां नवजात को गला घोंटकर मार डाला! शर्म हो तो शर्म करो सरकार
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