"भारत अमीर, भारतीय गरीब, पूंजीवाद और अंदरूनी खतरा"

देश के अंदर खतरा है
भोपाल में आयोजित चिंतन शिविर में भागवत ने कहा कि देश को बाहर से ज्यादा अंदरूनी ज्यादा खतरा है। देश के अंदर ज्यादा खतरा है। भागवत ने इस खतरे से निपटने के लिए कहा कि हमे एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि समाज से छुआछूत को भी मिटाना होगा और राष्ट्रीयता को भी मजबूत करना होगा।
जात-पात से ऊपर उठकर करें काम
मोहनभागवत ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता व नेता जात-पात और ऊंच नीच की विचारधारा से ऊपर उठकर काम करें औऱ निजी स्वार्थ त्याग दें। रिश्वतखोरी को भी त्यागें। उन्होंने कहा कि रिश्वतखोरी भी आज बड़ी समस्या है। विकास के लिए सरकार के भरोसे भी बैठना ठीक नहीं है खुद से भी प्रयास करें।
नए नेतृत्व से बेहतरी की उम्मीद
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है। गठबंधन सरकार का नाम लिए बगैर भागवत ने इशारा किया कि नए नेतृत्व में लोगों को बेहतरी की उम्मीद है। इसी बेहतरी के लिए केंद्र सरकार से सामंजस्य बनाकर संघ अपना काम करता रहेगा।












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