शिवराज सिंह चौहान ने बताया- किसान कैसे बढ़ा सकते हैं अपनी आय, मोदी सरकार के अहम फैसले की दी जानकारी
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि किसान कैसे अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह 11 बजे कृषि बीजों की अलग-अलग 109 किस्म को जारी करेंगे। अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोन के लिए अलग-अलग किस्में हैं। क्योंकि जो खेती हिमालय के क्षेत्रों में हो सकती है, वो समुद्र के तट पर नहीं हो सकती। जो खेती मध्य भारत में हो सकती है, वो नॉर्थ-ईस्ट में नहीं हो सकती। इसलिए जलवायु के अनुकूल किस्में तैयार की गई हैं।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विज्ञान और अनुसंधान सीधे किसानों तक पहुंचे और उनका लाभ किसानों को मिले। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने गरीब ग्रामीणों के लिए 2 करोड़ घर बनाने का प्रावधान किया है और साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक 5 सूत्रीय रोडमैप प्रस्तुत किया है।
शिवराज ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। कृषि क्षेत्र लगभग 50% लोगों को रोजगार प्रदान करता है और जीडीपी में योगदान 17% से अधिक है। उन्होंने बताया कि किसान न केवल उत्पादक हैं बल्कि उपभोक्ता भी हैं, और किसान जब खरीदारी करते हैं तो इससे जीडीपी में भी वृद्धि होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान हैं, और हम उनकी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
आय बढ़ाने का रोडमैप इस प्रकार है:
1. उत्पादन बढ़ाना: कृषि उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में काम करना।
2. उत्पादन की लागत घटाना: कृषि की लागत को कम करने के उपाय अपनाना।
3. कृषि उत्पाद का उचित मूल्य: किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम सुनिश्चित करना।
4. प्राकृतिक आपदाओं की क्षतिपूर्ति: प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई करना।
5. कृषि का विविधीकरण: परंपरागत फसलों के अलावा फल, फूल, औषधियां, मधुमक्खी पालन, और वैल्यू ऐडिशन के माध्यम से विविध फसलों को बढ़ावा देना।
शिवराज सिंह ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने के लिए अच्छे बीज की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन के कारण धरती की सतह का तापमान बढ़ रहा है, इसलिए ऐसे बीजों की आवश्यकता है जो जलवायु के अनुकूल हों और बेहतर पैदावार दे सकें। आईसीएआर ने हाल ही में 109 नई किस्मों के बीज तैयार किए हैं, जिनमें 23 अनाज की किस्में शामिल हैं। इनमें चावल की 9, गेहूं की 2, जौ की 1, मक्का की 6, ज्वार, बाजरा, रागी, छीना, सांबा की 1-1, अरहर की 2, चने की 2, मसूर की 3, मटर की 1, मूंग की 2 किस्में हैं। इसके अलावा, तिलहन की 7, चारे की 7, गन्ने की 7, कपास की 5, जूट की 1, और बागवानी की 40 किस्में भी तैयार की गई हैं।












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