Bhopal News: बदमाशों ने धाक जमाने के लिए भोपाल में किया भाजपा नेता का मर्डर, परिजनों ने की सड़क जाम
Bhopal news: राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल के सामने युवक की हत्या करने वाले बदमाशों ने वर्चस्व को लेकर भाजपा नेता पर हमला किया था बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश चल रही थी। अपनी धाक जमाने के लिए बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया घटना के बाद से बदमाश अपने घर से गायब है। पुलिस का कहना है कि जल्दी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
गांधीनगर थाना पुलिस ने बताया की हत्या के मामले में सतीश खरे जेल में बंद था। इस दौरान उसकी 1 महीने की पैरोल मिली थी कल पैरोल खत्म होने के बाद विकास वर्मा दोस्त ईशु खरे के साथ सतीश को जेल छोड़ने गया था।

रास्ते में पंचशील नगर निवासी सुरेंद्र कुशवाहा भी मिल गया। इसके बाद सभी लोग उसे जेल छोड़ने के लिए चले गए थे। सतीश खरे को जेल छोड़ने के बाद तीनों जेल कैंपस से बाहर निकले, तभी संदेश नरवारे, आकाश भदोरिया छोटा चेतन उर्फ फैजल और दीपांशु सेन ने चाकू से हमला कर दिया था।
सुरेंद्र की जांघ में चाकू लगा, जबकि विकास वर्मा के हाथ में चाकू लगा था। हमले में सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया था। जबकि विकास की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम में लगी हुई है क्योंकि आरोपियों ने प्लानिंग के तहत हमला किया था इसलिए वे अपने घर पर भी नहीं गए हमले की मुख्य वजह दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की बात सामने आ रही है। हत्या की मुख्य कारणों का खुलासा आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
परिजन ने कहा कि मर्डर केस में तंजील और भूरा हड्डी को भी नामजद किया जाना चाहिए। रात में इन नामों को पुलिस को दिया गया था। लेकिन पुलिस ने देर रात चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, और एफआईआर में ये दो नाम नहीं शामिल किए गए। एसीपी चंद्र शेखर पांडे ने जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भाजयुमो मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा परिवार में एकलौते बेटे और एकलौते कमाने वाले थे। उनकी छोटी एक बहन भी है। पिता की मृत्यु करीब 10 साल पहले हो चुकी है।












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