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MP News: MD ड्रग्स का साम्राज्य, जानिए कैसे आगर-मालवा में BJP नेता की कार से ₹5.5 करोड़ की ड्रग्स हुई बरामद

MD Drugs in MP: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में शुक्रवार को पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। एक सुनियोजित छापेमारी में पुलिस ने दो कारों (MP13CE6055 और MP13CD4006) से 9.250 किलो केटामाइन, 6 ग्राम एमडी ड्रग (मेफेड्रोन), 12.100 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर, 35 लीटर आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, ड्रग बनाने की मशीन, और अन्य उपकरण बरामद किए।

इस जब्त माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ 8 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। लेकिन इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा है इसका मास्टरमाइंड-राहुल आंजना, जो न केवल एक स्थानीय BJP नेता और तनोडिया मंडल का उपाध्यक्ष है, बल्कि एक कथित ड्रग तस्कर भी है, जिसका नेटवर्क देश के पांच राज्यों तक फैला हुआ है।

MD drugs in MP drugs worth 5 crore recovered from BJP leader Rahul Anjana car in Agar-Malwa

राहुल आंजना मौके से फरार हो गया, लेकिन उसके दो गुर्गों-ईश्वर मालवीय और दौलत सिंह आंजना-को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन दोनों ने पूछताछ में जो खुलासे किए, वे किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं। ट्यूबवेल मशीन के कारोबार की आड़ में ड्रग्स की तस्करी, गुप्त डिलीवरी सिस्टम, और BJP के रसूख का इस्तेमाल-यह कहानी मध्य प्रदेश में नशे के बढ़ते कारोबार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। आइए, इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी को रोचक तरीके से जानते हैं।

छापेमारी का रोमांच: कैसे रंगे हाथों पकड़ा गया ड्रग्स का जखीरा?

शुक्रवार दोपहर 1:50 से 4:50 बजे के बीच, आगर-मालवा की कोतवाली पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि आगर-बड़ौद रोड पर गणेश गौशाला के पास दो कारों-मारुति अर्टिगा (MP13CE6055) और इग्निस (MP13CD4006)-में भारी मात्रा में ड्रग्स ले जाया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और दोनों कारों को रोका। जैसे ही पुलिस ने तलाशी शुरू की, राहुल आंजना, जो अर्टिगा कार चला रहा था, मौके से भाग निकला। लेकिन उसके पीछे छूट गए उसके दो साथी-ईश्वर मालवीय और दौलत सिंह आंजना-जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

तलाशी में कारों से जो सामान बरामद हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया:

  • 9.250 किलो केटामाइन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 4.62 करोड़ रुपये।
  • 6 ग्राम एमडी ड्रग (मेफेड्रोन): कीमत 7,800 रुपये।
  • 12.100 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर और 35 लीटर आइसोप्रोपाइल अल्कोहल: कीमत 25 लाख रुपये।
  • ड्रग बनाने की मशीन और उपकरण: जो एक पूरी ड्रग फैक्ट्री का हिस्सा थे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, 1 किलो केटामाइन से 10 किलो एमडी ड्रग तैयार हो सकता है, जिसका मतलब है कि बरामद सामग्री से करीब 92.5 किलो एमडी ड्रग बनाई जा सकती थी। यह मात्रा न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि देशभर के युवाओं के लिए खतरा थी।

ड्रग्स का मास्टरमाइंड: राहुल आंजना और उसका नेटवर्क

राहुल आंजना कोई साधारण अपराधी नहीं है। वह BJP का तनोडिया मंडल उपाध्यक्ष है, जिसे 19 मई 2025 को यह पद सौंपा गया था। इसके अलावा, वह अपने गांव में सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर भी काम करता है। उसकी मां वर्तमान में सरपंच हैं, और पिता सेवाराम आंजना भी BJP के मंडल अध्यक्ष जैसे कई पदों पर रह चुके हैं। लेकिन यह रसूख सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं था-राहुल ने इसका इस्तेमाल ट्यूबवेल मशीन के कारोबार की आड़ में ड्रग्स तस्करी के लिए किया।

पुलिस पूछताछ में ईश्वर मालवीय और दौलत सिंह आंजना ने सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने बताया: राहुल का ड्रग नेटवर्क गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, और महाराष्ट्र तक फैला था। पिछले दो सालों से वे राहुल के साथ इस धंधे में थे। हर डिलीवरी के लिए उन्हें 5,000 रुपये प्रति ट्रिप मिलते थे। ड्रग्स की डिलीवरी के लिए फोन का इस्तेमाल नहीं होता था। राहुल के गुर्गे व्यक्तिगत रूप से मिलकर अगले स्थान की जानकारी देते थे।

कार के कर्टन में माल छिपाया जाता था, और डिलीवरी के लिए तय स्थान पर कार छोड़ दी जाती थी। दूसरी चाबी पहले से ही राहुल के अन्य गुर्गों के पास होती थी, जो माल ले जाते थे। पुलिस ने राहुल के घर से कई संदिग्ध दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, और मोबाइल डेटा भी बरामद किए हैं। उसके पिछले दो साल के बैंक लेनदेन और कॉल डिटेल्स से पता चला कि वह बड़े सप्लायर और खरीदारों के साथ डील करता था।

गुप्त डिलीवरी का जाल: एक थ्रिलर जैसी कहानी

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका डिलीवरी सिस्टम इतना गुप्त था कि कोई भी ट्रैक नहीं कर सकता था। कार में माल लोड करने के बाद, वे तय स्थान पर पहुंचते और कार को लॉक कर चले जाते। दूसरी चाबी राहुल के अन्य गुर्गों के पास होती थी, जिनकी पहचान ईश्वर और दौलत को भी नहीं थी। तैयार एमडी ड्रग को फिर अगले स्थान पर छोड़ा जाता था। यह सारा काम इतनी सावधानी से होता था कि पुलिस को डेढ़ महीने तक निगरानी करनी पड़ी।

पुलिस ने बताया कि राहुल की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। एक टीम राजस्थान में डेरा डाले हुए है, और उज्जैन सहित उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। SP आगर-मालवा ने कहा, "राहुल आंजना जल्द पकड़ा जाएगा। उसका नेटवर्क बड़ा है, लेकिन हम इसे पूरी तरह ध्वस्त करेंगे।"

उमंग सिंघार का हमला

इस मामले ने मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "BJP राज में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, और सरकार मूकदर्शक बनी है। राहुल आंजना जैसे BJP नेताओं की संलिप्तता साबित करती है कि मध्य प्रदेश नशे का गढ़ बन रहा है। आखिर BJP सरकार के संरक्षण के बिना इतना बड़ा ड्रग रैकेट कैसे चल सकता है? युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले इन माफियाओं पर BJP कब तक पर्दा डालेगी?"

सिंघार ने आगे कहा, "यह पहला मामला नहीं है। पहले भी BJP नेताओं के ड्रग माफियाओं से संबंध उजागर हुए हैं। सरकार को जवाब देना होगा कि वह अपने नेताओं को क्यों बचा रही है?"

जवाब में BJP प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कहा, "यह कार्रवाई BJP सरकार की सख्ती का सबूत है। पुलिस ने ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया, और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पार्टी से हो। कांग्रेस इसे सियासी रंग देकर जनता को गुमराह कर रही है।"

ड्रग्स की जड़ें: मध्य प्रदेश में बढ़ता खतरा

यह मामला मध्य प्रदेश में नशे के बढ़ते कारोबार की ओर इशारा करता है। हाल के महीनों में भोपाल, इंदौर, और रतलाम में भी ड्रग्स बरामदगी के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे ड्रग्स तस्करी का हब बनाती है, क्योंकि यह गुजरात, राजस्थान, और महाराष्ट्र से जुड़ा है।

नारकोटिक्स विशेषज्ञ डॉ अजय मेहता ने कहा, "केटामाइन और एमडी जैसे ड्रग्स युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहे हैं। इनका नेटवर्क इतना संगठित है कि बिना बड़े संरक्षण के यह संभव नहीं। सरकार को ड्रग्स के स्रोत और सप्लाई चेन को तोड़ना होगा।"

आगे का रास्ता: राहुल की गिरफ्तारी और जांच

पुलिस ने NDPS एक्ट 1985 की धारा 8 और 22 के तहत मामला दर्ज किया है। राहुल आंजना की तलाश में तीन टीमें लगी हैं, और उसके बैंक खातों, मोबाइल डेटा, और संपत्तियों की जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि राहुल का नेटवर्क मध्य प्रदेश से बाहर भी बड़े माफियाओं से जुड़ा हो सकता है।

SP आगर-मालवा ने कहा, "हमने ड्रग्स बनाने की मशीनें और रॉ मटेरियल बरामद किया है। यह एक बड़े रैकेट का हिस्सा है। हम इसे पूरी तरह उजागर करेंगे।"

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