मंदसौर में ओलावृष्टि का असर: डिप्टी CM जगदीश देवड़ा ने गांव-गांव जाकर देखी फसल, किसानों को दिया भरोसा
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में हाल की ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गेहूं, चना, सरसों और अफीम की खड़ी फसलें बिछ गईं, बालियां टूटकर बिखर गईं, दाने झड़ गए।
इस तबाही के बीच बुधवार को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित गांवों-कित्तुखेड़ी, गोपालपुरा, लोहाखेड़ा, झारड़ा और अड़मालिया-में पहुंचकर खुद फसलों का जायजा लिया। खेतों में घुसकर उन्होंने किसानों से बात की, उनकी पीड़ा सुनी और आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कठिन समय है। फसलें बर्बाद हुई हैं, लेकिन राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर राहत प्रदान की जाएगी।"
खेतों तक पहुंचकर लिया जायजा
देवड़ा ने प्रभावित गांवों के खेतों में पैदल चलकर फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि ओलावृष्टि से गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर बिखर गई हैं, चना और सरसों के पौधे आड़े पड़ गए हैं। किसानों ने बताया कि फसल 70-80% तक नष्ट हो गई है। उप मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि "सरकार सभी प्रभावित क्षेत्रों के हर खेत पर जाकर सर्वे करेगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारी खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं।"
अफीम खेती पर विशेष ध्यान
मंदसौर क्षेत्र अफीम की खेती के लिए प्रसिद्ध है। उप मुख्यमंत्री ने अफीम फसल के नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अफीम खेती के संबंध में नारकोटिक्स विभाग भी मौके पर जाकर खेतों का निरीक्षण करेगा। केंद्र सरकार से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही फसल बीमा के मामले में भी किसानों को पूरा लाभ प्रदान किया जाएगा।
किसानों ने रखी अपनी पीड़ा
किसानों ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि ओलावृष्टि ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई किसानों ने कहा कि बैंक कर्ज का बोझ बढ़ गया है, परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है। एक किसान ने भावुक होकर कहा, "सरकार अगर जल्द मुआवजा नहीं देगी तो हम कहां जाएंगे?" देवड़ा ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि "सरकार आपकी हर चिंता और दुख में आपके साथ है। सर्वे जल्द पूरा होगा और राहत राशि समय पर मिलेगी।"
जिला योजना समिति के सदस्य राजेश दीक्षित भी मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला योजना समिति के सदस्य राजेश दीक्षित, स्थानीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। देवड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर प्रभावित किसान तक पहुंचकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए।
सरकार की प्रतिबद्धता
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। राज्य राहत कोष और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा। अफीम फसल के नुकसान पर भी केंद्र से बात की जा रही है। यह दौरा किसानों के बीच उम्मीद की किरण लेकर आया है। मंदसौर जैसे इलाकों में जहां फसलें ही परिवार की रीढ़ हैं, सरकार का यह संवेदनशील रुख किसानों को राहत दे रहा है। सर्वे की प्रक्रिया तेज होने से जल्द राहत राशि मिलने की उम्मीद जगी है।












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