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MP News: स्टे से बची आदिवासी बस्ती, भोपाल में गरीबों की जीत, सरकार की मनमानी पर न्यायालय की फटकार

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गरीब आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़ने की कोशिश पर एक बार फिर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने जारी किया स्टे (रोक) आदेश, जिससे प्रभावित परिवारों की जिंदगी बच गई। आज सुबह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवास पर पीड़ित परिवार पहुंचे।

जैसे ही स्टे मिलने की सूचना मिली, उनके चेहरों पर लंबे समय से छिपी चिंता गायब हो गई और आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। यह सिर्फ मकानों की रक्षा नहीं, बल्कि गरीबों के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा की जीत है।

Manas Bhawan tribal settlement saved from stay tears of joy A victory for the poor in Bhopal Jitu Patwari

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "यह मामला केवल मकानों का नहीं, बल्कि गरीब आदिवासी परिवारों की जीवन भर की पूंजी, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और उनके अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। सरकार जनता की होती है, गरीबों की होती है। यदि गरीब जनता ही सरकार में पीड़ित होकर खून के आंसू रोने लगे, तो ऐसी सरकार लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है।"

60-70 साल से बसी आदिवासी बस्ती, फिर भी तोड़ने की तैयारी

पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे पिछले 60-70 वर्षों से इसी झुग्गी-बस्ती में रह रहे हैं। तंग गलियों में कर्ज लेकर जैसे-तैसे छोटे-छोटे घर बनाए थे। लेकिन प्रशासन ने मानस भवन के नाम पर इन घरों को तोड़ने का नोटिस दे दिया। यह अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील कदम है।

पटवारी ने सवाल उठाते हुए कहा, "एक ओर गांधी जी के नाम से चलने वाली संस्था है और दूसरी ओर मानस भवन-बीच में दशकों से बसी आदिवासी बस्ती। गांधी जी के जो अनुयाई हैं, वह उनके घरों को नहीं तोड़ना चाहते, लेकिन मानस भवन से जगा देना है। इस वजह से गरीबों के घर तोड़ना न्यायसंगत नहीं है। हर संस्था में भारतीय जनता पार्टी और संघ के लोग बैठे हैं, जो गरीब का विरोध करते हैं।"

महिलाओं का सम्मान: रीना बौरासी सेतिया ने दी गिरफ्तारी

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने महिलाओं के सम्मान में खुद गिरफ्तारी दी। उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा किसी भी हालत में मंजूर नहीं। प्रदेश सरकार का जो भी मंत्री महिलाओं का अनादर करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ हम मोर्चा संभालेंगे। विजय शाह का मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि महिलाओं को लेकर इतने गंदे विचार रखने वाले इस मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। आने वाले दिनों में महिला कांग्रेस के द्वारा विजय शाह के खिलाफ और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।"

कांग्रेस का संकल्प: गरीबों और आदिवासियों की लड़ाई जारी

पटवारी ने मीडिया का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस संघर्ष में आदिवासी परिवारों का साथ दिया और सच्चाई को मजबूती से सामने रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीबों, आदिवासियों और वंचितों की लड़ाई लड़ती रहेगी और किसी भी कीमत पर उन्हें उजड़ने नहीं दिया जाएगा।

इस अवसर पर उपस्थित रहे:

  • पूर्व मंत्री पीसी शर्मा
  • नगर निगम भोपाल में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सविस्ता ज़की
  • पार्षद गुड्डू चौहान
  • समस्त पीड़ित परिवार

सरकार पर दबाव बढ़ा

यह घटना सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस इसे "गरीबों और आदिवासियों के खिलाफ नीति" बता रही है। मंत्री विजय शाह के बयान के बाद यह दूसरा बड़ा प्रदर्शन है। BJP ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया।

गरीबों की जीत, न्याय की उम्मीद

स्टे मिलने से आदिवासी परिवारों को राहत मिली है। यह मामला साबित करता है कि गरीबों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। कांग्रेस ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी। क्या सरकार स्टे पर विचार करेगी? वनइंडिया हिंदी अपडेट लाता रहेगा।

(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, भोपाल ब्यूरो)


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