MP Mission 2023 : शिवराज कैबिनेट में हो सकता है बड़ा फेरबदल, MLA विष्णु खत्री को बनाया जा सकता है मंत्री
शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार व फेरबदल दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में हो सकता है। जिसमें भोपाल से बैरसिया विधायक विष्णु खत्री को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की माने तो अनुसूचित जति वर्ग से भोपाल क
एमपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार व फेरबदल दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में हो सकता है। जिसमें भोपाल से बैरसिया विधायक विष्णु खत्री को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की माने तो अनुसूचित जति वर्ग से भोपाल के विष्णु खत्री, गुना के जजपाल सिंह जज्जी और जतारा से विधायक हरिशंकर खटीक को मंत्री बनाया जा सकता है। बता दे वर्तमान में प्रदेश में मुख्यमंत्री को मिलाकर कैबिनेट में 21 सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल नवंबर माह में ही संभावित था। लेकिन गुजरात चुनाव के चलते इसे रोक दिया गया। हालांकि विस्तार होगा यह भी थे बताया जा रहा है।

बदले जाएंगे प्रभारी मंत्री
शिवराज सरकार के मंत्रियों के प्रभार के जिले बदले जाएंगे। जिलों के प्रभार में बदलाव किए का 82 महीने से शुरू हो सकती है। जिस की सहमति मुख्यमंत्री संगठन से ले चुके हैं और जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसमें सबसे अधिक सिंधिया समर्थक मंत्री प्रभावित होंगे। क्योंकि इन मंत्रियों के विरुद्ध संगठन और सरकार दोनों ही शिकायतें मिली हैं। इस कवायद के बीच मंत्रिमंडल विस्तार में पद पाने के लिए उम्मीद लगाए नेताओं को अभी इंतजार करना पड़ सकता है।

प्रभार वाले जिलों में नहीं जाते मंत्री
सीएम शिवराज सिंह चौहान और संगठन के नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई कोर कमेटी की बैठकों और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के साथ हुई बैठक में यह बात सामने आ चुकी है कि मंत्री प्रभार के जिलों में नहीं जा रहे हैं। और इसको लेकर सबसे खराब परफॉर्मेंस आधा दर्जन से अधिक सिंधिया समर्थक मंत्रियों की है। दरअसल ये मंत्री अगर जिलों में जाते भी हैं तो संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से मिले बगैर ही लौट जाते हैं। जिलों के प्रवास के दौरान इनकी मुलाकातों को लेकर भी शिकायतें संघटन तक पहुंचती हैं। इन मंत्रियों के अलावा कई अन्य मंत्री भी हैं,जो जिलों के प्रवास को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसलिए अब यह देश है कि जल्दी जिलों का प्रभार बदलने का काम किया जाएगा। कई मंत्रियों के विरुद्ध विभागीय कामकाज और मंत्री स्टाफ को लेकर भी शिकायत है सीएम शिवराज और संगठन तक पहुंचती हैं।

कैबिनेट का विस्तार दिसंबर की कोर कमेटी की बैठक के बाद हो सकता हैं !
इधर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले 2 माह से चल रही अटकलों को भी कोर कमेटी की बैठक के बाद बल मिला है। हालांकि ये विस्तार कब होगा अभी यह तय नहीं है इस बदलाव के पहले दिसंबर में होने वाली कोर कमिटी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में सिंधिया समर्थक कुछ मंत्रियों को बदला जाना तय हैं साथ ही कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की भी सरकार से छुट्टी की जाएगी। इस विस्तार में मंत्रियों इस विस्तार में मंत्रियों को इस विस्तार में मंत्रियों को हटाने और रिक्त 4 पदों को भरने पर दर्जनभर विधायकों पर मंत्री पद मिलने की संभावना है बताया जाता है कि इस चयन में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल के सदस्य तय किए जाएंगे।

सीएम के बोलने के बाद भी कुछ मंत्री नहीं गए जिलों में
मंत्रियों के प्रभार के जिलों में ना जाने की शिकायतों को तब और बल मिल गया, जब जन सेवा अभियान के दौरान मुख्यमंत्री को प्रभारी मंत्रियों पर भरोसा करने की वजह मंत्रियों के समूह गठित करना पड़े। ये मंत्री समूह भी गृह मंत्री नेता मिश्रा समेत कुछ मंत्रियों को छोड़कर शुरुआती 1 माह में जिलों में नहीं गए, जबकि सीएम खुद जिलों और गांवों में जाते रहे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कई बार कैबिनेट की बैठक के दौरान भी मंत्रियों को यह निर्देश देना पड़ा कि जिलों में जाएं और वहां जनता से संवाद करें।












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