Barwani News: शिक्षिका बनने के लिए महिला ने छोड़ दी सरपंची, बोली- सपनों से बढ़कर कुर्सी नहीं
Barwani News: मंजू के शिक्षक बनने से फैसले पर उनके पति कान्हा राठौर ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी का सपना हमेशा से शिक्षिका बनने का रहा है।

Barwani News: बड़वानी जिले से अजब गजब मामला सामने आया है। यहां महिला सरपंच ने बच्चों को पढ़ाने के लिए सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया। पूर्व सरपंच मंजू राठौर अब टीचर बनने जा रही हैं।
अंजड़ के बिल्वारोड पंचायत की 33 वर्षित महिला सरपंच मंजू राठौर ने शुक्रवार को सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया। मंजू राठौर ने जानकारी दी कि यह इस्तीफा उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए किया है। उन्होंने बोला मेरा सपना शुरू से ही शिक्षिका बनने का रहा।
हालांकि 8 महीने पूर्व चुनाव में मैंने परिवार के कहने पर चुनाव लड़ा था। जिसमें मुझे 256 मतों से जीत मिली थी। लेकिन अब मेरा शिक्षिका के लिए चयन हो गया है। इसलिए अपने सपने को जीने के लिए मैंने सरपंच की कुर्सी छोड़ दी है। सरपंची सपनों से ज्यादा बड़ी नहीं होती।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बिल्वारोड में 1100 वोटर हैं। पिछले वर्ष एक जुलाई को हुए चुनाव में करीब 1000 लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। 15 जुलाई को परिणाम आया जिसमें मंजू की 256 वोटों से जीत हुई थी। इस बीच मंजू का सिलेक्शन 25 किमी दूर ग्राम दानोद के प्रायमरी स्कूल में शिक्षक के रूप में हो गया। शुक्रवार को मंजू अपने पति के साथ टिकरी जनपद पंचायत सीईओ के पास पहुंची और पंचायत इंस्पेक्टर की उपस्थिति में अपना इस्तीफा सौंप दिया। अब मंजू टीचर के तौर पर गांव चोतरियां में नौकरी करेगी।
फैसलों को लेकर मंजू राठौर ने कहा मुझे ग्राम पंचायत बिल्वारोड के करीब 8 महीने पहले सरपंच चुना था। सरपंच रहते हुए ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को कराने में जुटी रही। इस बीच मैंने संविदा शिक्षक वर्ग 3 की परीक्षा दी। जब परीक्षा का परिणाम आया तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था, लेकिन एक समस्या थी कि सरपंच बनकर गांव की तस्वीर बदलूं या फिर टीचर बनकर बच्चों का भविष्य संवारू। काफी सोच विचार के बाद मैंने सरपंची छोड़ने का फैसला लिया। बहरहाल, मंजू राठौर के इस फैसले की पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है।












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