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MP News: सागर में लोकायुक्त ने इंजीनियर को रिश्वत लेते कैसे रंगे हाथों पकड़ा, जानिए, 1 लाख रुपए की थी डिमांड

मध्य प्रदेश के सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक और उदाहरण सामने आया है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के निर्देश पर सागर लोकायुक्त इकाई ने आज एक ट्रैप ऑपरेशन चलाकर मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड (MPEB) के कनिष्ठ अभियंता (प्रभारी सहायक अभियंता) मिलन परतेती को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई MPEB के पावर हाउस कार्यालय में की गई, जहां परतेती एक ठेकेदार से एस्टीमेट को DE (डिवीजनल इंजीनियर) से अप्रूव करवाने के बदले रिश्वत मांग रहा था।

यह घटना मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो आम नागरिकों को प्रभावित करने वाली सरकारी सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से न केवल आरोपी को पकड़ा गया, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने का संदेश भी दिया गया है।

Lokayukta caught junior engineer Milan Parteti red handed taking bribe in Sagar at mp

ट्रैप ऑपरेशन का पूरा विवरण: ठेकेदार की शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

ट्रैप ऑपरेशन आज (13 सितंबर 2025) दोपहर करीब 2 बजे MPEB के पावर हाउस कार्यालय में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ता राम कुमार पटेल (पिता स्व. श्री रतन राम पटेल, निवासी नेहा नगर, मकरोनिया, सागर) ने बताया कि वह एक ठेकेदार हैं और उनके प्लॉट के ऊपर से गुजर रही 11 kV की बिजली लाइन को हटवाने के लिए उन्होंने MPEB में आवेदन किया था। इस प्रक्रिया के तहत बनाए गए एस्टीमेट को DE से अप्रूव करवाने के लिए आरोपी मिलन परतेती ने उनसे 1.5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

राम कुमार पटेल ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज की, जो पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त श्री योगेश्वर शर्मा के पास पहुंची। 3 सितंबर 2025 को शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें परतेती ने रिश्वत की रकम को 1 लाख रुपये तक कम करने पर सहमति जताई। लोकायुक्त टीम ने तत्काल ट्रैप की योजना बनाई, और आज दोपहर आरोपी को रिश्वत के पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

ट्रैपकर्ता निरीक्षक रोशनी जैन ने बताया, "आरोपी ने ठेकेदार से पैसे लेते ही पकड़ा गया। उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।" ट्रैप दल में निरीक्षक कमल सिंह उइके और लोकायुक्त सागर स्टाफ भी शामिल थे। अग्रिम कार्यवाही जारी है, और आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

आरोपी की पहचान और भूमिका

आरोपी मिलन परतेती मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड (MPEB) में कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात हैं और सागर सर्कल में प्रभारी सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। वे बिजली लाइन शिफ्टिंग, एस्टीमेट अप्रूवल, और संबंधित कार्यों के जिम्मेदार हैं। ठेकेदार राम कुमार पटेल ने बताया कि परतेती ने एस्टीमेट को DE से पास करवाने के बदले रिश्वत मांगी थी, अन्यथा काम अटक जाएगा।

सागर लोकायुक्त कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, "MPEB जैसे विभागों में भ्रष्टाचार आम समस्या है। ठेकेदारों को एस्टीमेट पास करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। इस ट्रैप से हमने एक और भ्रष्ट अधिकारी को पकड़ लिया है।"

शिकायत से ट्रैप तक की पूरी प्रक्रिया

राम कुमार पटेल ने बताया कि उनका प्लॉट नेहा नगर में है, जहां से 11 kV की हाई-टेंशन लाइन गुजर रही है। इससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था, इसलिए उन्होंने MPEB में लाइन शिफ्टिंग के लिए आवेदन किया। एस्टीमेट तैयार होने के बाद परतेती ने उनसे संपर्क किया और 1.5 लाख रुपये की मांग की। पटेल ने रिश्वत देने से इनकार किया, लेकिन दबाव बढ़ने पर उन्होंने लोकायुक्त से शिकायत की।

3 सितंबर को सत्यापन के दौरान परतेती ने रकम को 1 लाख रुपये पर अड़ गया। लोकायुक्त टीम ने राम कुमार पटेल को रिश्वत के पैसे (गिनी हुई नोटों के साथ) दिए और उन्हें कार्यालय में भेजा। जैसे ही परतेती ने पैसे लिए, ट्रैप दल ने छापा मारा। आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद हो गई, और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के विशेष निर्देश पर की गई, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ सागर संभाग में चल रही मुहिम का हिस्सा है।

सागर संभाग में भ्रष्टाचार की बढ़ती घटनाएं

सागर संभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही हैं। पिछले तीन महीनों में लोकायुक्त ने MPEB, PWD, और अन्य विभागों में 15 से अधिक ट्रैप ऑपरेशन चलाए हैं, जिनमें 8 अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया। सागर लोकायुक्त कार्यालय ने बताया कि सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन, एस्टीमेट पास करवाने, और लाइसेंस जारी करने जैसे क्षेत्रों में भ्रष्टाचार सबसे ज्यादा है।

पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर योगेश्वर शर्मा ने कहा, "हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि वे शिकायतें दर्ज करें। सागर संभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 8435794333 पर संपर्क करें।"

परिजनों और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

आरोपी मिलन परतेती के परिजनों ने गिरफ्तारी के बाद सदमे में हैं। एक रिश्तेदार ने कहा, "हमारे परिवार पर यह आघात है। लेकिन अगर दोषी साबित होता है, तो सजा भुगतनी होगी।" ठेकेदार राम कुमार पटेल ने लोकायुक्त की कार्रवाई की सराहना की और कहा, "मैंने रिश्वत नहीं दी, इसलिए काम अटक रहा था। अब इंसाफ मिलेगा।"

कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई

आरोपी मिलन परतेती के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 (रिश्वत लेना) और 13(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। लोकायुक्त टीम ने आरोपी के घर और कार्यालय की तलाशी ली है, जहां से और सबूत बरामद हो सकते हैं।

सागर लोकायुक्त कार्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की शिकायतें हेल्पलाइन 8435794333 पर दर्ज करें। कार्यालय ने कहा, "हमारी टीम गोपनीयता बनाए रखते हुए शिकायतों का निपटारा करती है। भ्रष्टाचार मुक्त मध्य प्रदेश का निर्माण हमारा लक्ष्य है।"

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