Bhopal News: भोपाल के नए कलेक्टर बने कौशलेंद्र विक्रम सिंह, मिल चुका है मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड

मध्य प्रदेश शासन में प्रशासनिक व्यवस्था में सोमवार को बड़ा परिवर्तन करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के कुछ अधिकारियों का तबादला कर दिया। जिसमें कौशलेंद्र विक्रम सिंह को भोपाल का कलेक्टर बनाया गया।

 भोपाल के नए कलेक्टर बने कौशलेंद्र विक्रम सिंह

राजधानी भोपाल में जिले की कमान कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपी गई है। चुनाव के नजरिए से राजधानी में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भरोसे के 2010 बैच के आईएएस अफसर को यह मौका दिया है। इससे पहले कौशलेंद्र विक्रम सिंह सीएम सचिवालय में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वही भोपाल कलेक्टर है अविनाश लवानिया को एमडी जल निगम बनाया गया है।

मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से हो चुका है सम्मान

IAS अधिकारी को कौशलेंद्र विक्रम सिंह मूलतः हरदोई उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इससे पहले वे ग्वालियर में कलेक्टर का दायित्व संभाल चुके। लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान शिकारी कांड हुआ और फिर उनका तबादला करते हुए उन्हें अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं अपर प्रबंधक संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के पद पर पदस्थ किया गया। उन्हें लंबे समय तक ग्वालियर में कलेक्टर का कार्यभार संभाला। कांग्रेस और भाजपा दोनों के समय वे कार्य करते रहे। विक्रम सिंह ने दिव्यांगों को राशन देने के लिए मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना की शुरुआत की थी, जिसके लिए खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान उनकी तारीफ कर चुके हैं हाल ही में उनका मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मान किया गया था।

ग्वालियर कलेक्टर रहते हुए जीवाजी यूनिवर्सिटी में छात्र से विवाद को लेकर वीडियो हुआ था वायरल

ग्वालियर कलेक्टर रहे कौशलेंद्र विक्रम सिंह उस समय चर्चाओं में आए थे, जब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। जिसमें ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं आगे बढ़ाने की मांग को लेकर एनयूसीआई ने हंगामा किया था और प्रशासनिक गेट पर ताला जड़ दिया था। इसके बाद कौशलेंद्र विक्रम सिंह यूनिवर्सिटी पहुंचे यहां उन्होंने मौके पर छात्र संगठन के नेताओं की क्लास ले ली। उन्होंने हंगामा कर रहे छात्र नेता से कहा कि पढ़ाई करने आते हो तो नेतागिरी नहीं करनी चाहिए, तब छात्रों ने कहा कि वह पढ़ते हैं। लेकिन इस बार तैयारी के लिए वक्त नहीं मिला, इसलिए परीक्षा की तारीक बढ़वाने की मांग कर रहे हैं। फिर कलेक्टर ने उनसे पढ़ाई के बारे में पूछा तो किसी ने एलएलएम किसी ने एमएससी किसी ने अन्य विषय के बारे में कहा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि आप साल भर पढ़ाई की वजह नेतागिरी करोगे तो वक्त कहां से मिलेगा। कलेक्टर ने कहा कि वह खुद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रहे। इस दौरान NUSI के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज यादव से उनकी बहस हो गई और तत्काल कलेक्टर रहते हुए कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने उन्हें पुलिस के जरिए हिरासत लेकर थाने भिजवा दिया था। जिसके बाद उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।

अविनाश लवानिया को क्यों मिली एमडी जल निगम की जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार जाने के बाद जून 2020 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश लवानिया को भोपाल कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले कलेक्टर लवानिया भोपाल में नगर निगम के कमिश्नर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। भोपाल कलेक्टर बनने के बाद कोरोना महामारी जैसी चुनौती सामने आई और लवानिया ने पूरे कोरोना काल में अहम भूमिका निभाई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तक आमजन के लिए कोरोना से बचाव के बेहतर प्रयास उनके द्वारा किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं कोरोना टीकाकरण आदि का बेहतर संचालन कराया गया।

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