Karni Sena : करणी सेना के आगे झुकी सरकार, 18 मांगों पर बनी सहमति, आंदोलन खत्म
करणी सेना का आंदोलन खत्म हो गया है। सरकार द्वारा 18 मांगे लिखित में मान ली गई है। 1 महीने में सभी मांगे लागू हो जाएगी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में बीतें कई दिनों से जातिगत आरक्षण समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना परिवार का जनआंदोलन चार दिनों से कर रही थी। लेकिन अब शिवराज सरकार करणी सेना के आगे झुक गई है। जिसके बाद अब ये आंदोलन खत्म हो चुका है। बताया जा रहा है कि करणी सेना परिवार के ज्ञापन में शामिल 22 मांगों में से 18 मांगों पर विचार के लिए तीन अफसरों की कमेटी कमेटी बनाई गई है।

बता दें करणी सेना 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी। जिसमें सरकार ने 18 मांगों पर सरकार के साथ सहमति जताई है। आरक्षण, एट्रोसिटी समेत 3 मांगों के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया बुधवार देर शाम करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर से मिलने जंबूरी मैदान पहुंचे। यहां शेरपुर ने भदौरिया को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
मुलाकात के बाद करणी सेना परिवार एवं सर्व समाज के प्रवक्ता शैलेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार के साथ 18 मांगों के निराकरण पर सहमति बनने की जानकारी दी। बता दें बीतें तीन दिन से डॉ भदौरिया आँदोलनकारियों के संपर्क में थे। वहीं आंदोलन को लेकर एक एसीएस और दो पीएस की कमेटी बनाई गयी है। यह कमेटी दो महीने में सिफ़ारिश राज्य सरकार को देगी।
बता दे भोपाल में करणी सेना का 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन 4 दिनों तक चला, जबकि इस आंदोलन के लिए सिर्फ 1 दिन की अनुमति दी गई थी। पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि अब तक करणी सेना के नेतृत्व कर्ताओं की ओर से कोई आंदोलन की अनुमति नहीं ली गई है इसके बावजूद लगातार चौथे दिन धरना प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलन की कुछ वीडियो भी वायरल हुए। जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपशब्द कहे गए। करणी सेना के आंदोलन के चलते भोपाल वासियों को ट्रैफिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।












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