गुजरात से जुड़े हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के तार, ससुराल बड़ौदा में पिछले साल यूं बना प्लान
भोपाल। होली 2020 पर मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के रंग में भंग पड़ गया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा 10 मार्च को इस्तीफा दिया जाने से कमलनाथ की चौदह माह पुरानी सरकार अल्पमत में आ गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला लिया और पार्टी से इस्तीफा सोनिया गांधी को भेज दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

बता दें कि मध्य प्रदेश की सियासत में तूफान ला देने वाले सिंधिया के इस्तीफे के तार गुजरात से जुड़े हैं। मीडिया की खबरों में दावा किया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे की प्लानिंग गुजरात के बड़ौदा स्थित उनके ससुराल में हुई। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ बागी होने और कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा देने की पूरी पटकथा चार माह पहले सिंधिया के ससुराल में लिखी गई और होली 2020 पर इसेे अलमीजामा पहनाया गया है।
बता दें कि गुजरात के बड़ौदा के गायकवाड़ मराठा राजरिवार की प्रियदर्शनी से 12 दिसंबर 1994 को ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी हुई। ससुराल होने के कारण सिंधिया का बड़ौदा में आना जाना लगा रहता है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने भी गुजरात चुनाव के दौरान उन्हें बड़ौदा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी थी। बड़ौदा के आसपास की जो सीटें उसे जीताने की जिम्मेदारी सिंधिया को सौंपी गई थी। सिंधिया इस दौरान जाकर वहां प्रचार भी किया था।
सिंधिया नवंबर 2019 में गए थे बड़ौदा
उधर, बड़ौदा महाराज से प्रधानमंत्री मोदी से अच्छे रिश्ते बताए जाते हैं। यहीं वजह है कि पीएम मोदी ने पहली बार लोकसभा चुनाव भी बड़ौदा सीट से लड़ा था। मीडिया की खबरों के मुताबिक कि नवंबर 2019 में बड़ौदा महाराज के यहां पारिवारिक कार्यक्रम था। उसमें देशभर से सियासी जगत के कई लोग पहुंचे थे। सिंधिया ने भी शिरकत की थी। सियासी हलकों में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि यहीं पर बड़ौदा महाराज के साथ सिंधिया ने अपनी वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा की।
सिंधिया ने 10 मार्च 2020 को इस्तीफा दे दिया
कांग्रेस में सिंधिया बिल्कुल ही अलग-थलग पड़ गए थे। पार्टी न तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने को तैयार थी और न ही राज्यसभा भेजने को। ऐसे में सिंधिया के पास कोई रास्ता नहीं बचता था। बड़ौदा महाराज से नरेंद्र मोदी के रिश्ते जगजाहिर हैं। इसी फैमिली पार्टी में सिंधिया के आगे की सियासी सफर पर चर्चा हुई। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने सोशल प्रोफाइल से कांग्रेस का नाम हटा दिया था। उसके बाद सिंधिया आगे की तैयारी में जुट गए थे। आखिरकार उन्होंने 10 मार्च 2020 को इस्तीफा दे दिया।
-
Bhopal News: भोपाल नगर निगम का 3938 करोड़ का बजट पेश, महापौर मालती राय के बड़े दावे, लेकिन पुराने वादे अधूरे -
दतिया में डकैती की साजिश नाकाम, पंडोखर पुलिस ने 3 शातिर बदमाश हथियारों सहित दबोचे, 2 फरार -
Ujjain Vikram Trade Fair: CM मोहन यादव की पहल का असर, 29 हजार+ गाड़ियां बिकीं, जानिए कितनी मिल रही टैक्स छूट -
दतिया में फेसबुक फ्रेंड बनकर 18 लाख की ठगी: इलाज, नौकरी और एक्सीडेंट के बहाने महिला से पैसे ऐंठे -
MP News: मोहन यादव का सख्त एक्शन, सीधी कलेक्टर हटाए, जानिए क्यों गिरी गुना एसपी पर भी गिरी गाज -
MP News: गुना को मिली नई महिला एसपी, कौन हैं IPS हितिका वसाल? जानिए पूरा प्रोफाइल -
भोपाल में हिंदू उत्सव समिति की बड़ी बैठक, लव जिहाद पर चिंता, महिला जागरूकता अभियान का ऐलान -
MP News: दतिया के उनाव में शर्मनाक घटना, सरपंच के पति को पीटा, मुंह काला कर जूतों की माला पहनाकर घुमाया -
CM मोहन यादव का ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम: UPSC में चयनित 61 युवाओं से करेंगे सीधा संवाद, जानिए पूरी डिटेल -
CM Kisan Kalyan Yojana: 14वीं किस्त का इंतजार खत्म? मार्च-अप्रैल में आ सकते हैं ₹2000-₹4000, जानिए अपडेट -
Assam Chunav से पहले भाजपा को तगड़ा झटका, मौजूदा मंत्री कांग्रेस में हुईं शामिल, कौन है ये महिला नेता? -
पंजाब विपक्ष ने पीसीएस अधिकारी के उत्पीड़न का आरोप लगाया












Click it and Unblock the Notifications