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ट्रैक्टर पर सवार सिंधिया: बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत और विश्वास का संबल, गुना के कलोरा में बांटी आर्थिक सहायता

गुना/भोपाल: मध्य प्रदेश के गुना जिले में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचाई, लेकिन इस आपदा की घड़ी में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए मसीहा बनकर राहत और विश्वास का संबल प्रदान किया।

24 अगस्त 2025 को सिंधिया ने ट्रैक्टर चलाकर बमोरी विधानसभा के कलोरा गांव पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं, और आर्थिक सहायता के साथ हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने क्षतिग्रस्त कलोरा डैम का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के जज्बे को सलाम करते हुए पुनर्निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों और प्रशासन की सराहना की।

Jyotiraditya Scindia riding on a tractor Distributed relief material among flood victims in Kalora Guna

आपदा में मसीहा बने सिंधिया

मध्य प्रदेश के गुना जिले में 29-30 जुलाई 2025 को आई भीषण बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया था। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि कई परिवारों को बेघर भी कर दिया। इस संकट की घड़ी में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रियता के साथ राहत और पुनर्वास कार्यों का नेतृत्व किया। 21 अगस्त से शुरू हुआ उनका प्रवास कार्यक्रम 24 अगस्त 2025 को बमोरी विधानसभा के कलोरा, तुमडा, और बांधा गांवों में पहुंचा, जहां उन्होंने ट्रैक्टर चलाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनके दुख-दर्द को साझा किया।

लव-कुश मंदिर में पूजा के साथ दिन की शुरुआत

24 अगस्त को सिंधिया ने अपने दिन की शुरुआत गुना के कुशवाह नगर स्थित लव-कुश मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। लव-कुश जन्मोत्सव के अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की समृद्धि और बाढ़ पीड़ितों के कल्याण के लिए मंगल कामना की। इसके बाद, वे गुना सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस आत्मीय शुरुआत के बाद, वे बमोरी विधानसभा के बाढ़ प्रभावित गांवों की ओर रवाना हुए।

Jyotiraditya Scindia riding on a tractor Distributed relief material among flood victims in Kalora Guna

ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे कलोरा

सिंधिया का ग्रामीणों से जुड़ाव और उनकी सादगी का अनोखा उदाहरण तब देखने को मिला, जब वे खुद ट्रैक्टर चलाकर कलोरा गांव पहुंचे। इस अनोखे अंदाज ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। कलोरा में उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना, और तत्काल राहत के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा, "केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस आपदा से हुए नुकसान का पूर्ण आकलन कर रही हैं। प्रत्येक प्रभावित परिवार को न्यायोचित मुआवजा और सहायता दी जाएगी।"

कलोरा डैम का निरीक्षण, ग्रामीणों के जज्बे को सलाम

29-30 जुलाई की बाढ़ में कलोरा डैम की वेस्ट वियर करीब 10 फीट तक क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके कारण आसपास के कई गांव जलमग्न हो गए थे। इस आपदा ने ग्रामीणों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। सिंधिया ने 24 अगस्त को डैम का निरीक्षण किया और तीन दिनों के भीतर इसकी मरम्मत करने वाले कारीगरों, ग्रामीणों, और प्रशासनिक अमले की सराहना की। उन्होंने कहा, "आप सभी का यह सामूहिक प्रयास प्रेरणादायक है। आपने न केवल डैम को ठीक किया, बल्कि इस क्षेत्र को और सुरक्षित बनाया।" इस दौरान उन्होंने डैम की मजबूती और भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए दीर्घकालिक उपायों पर भी चर्चा की।

शिवपुरी और अशोकनगर में राहत कार्यों की समीक्षा

सिंधिया का यह प्रवास केवल गुना तक सीमित नहीं रहा। 21 अगस्त को उन्होंने ग्वालियर से अपने दौरे की शुरुआत की और शिवपुरी के लिलवारा गांव में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। यहां उन्होंने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है। 22 अगस्त को वे शिवपुरी के कोलारस क्षेत्र के सांगेश्वर, लगदा, लालपुर, और बांसखेड़ा गांवों में पहुंचे। दोपहर बाद वे अशोकनगर के चंदेरी क्षेत्र के अखियाघाट, शाजापुर, पोरुखेड़ी, और अमरोद खेड़ी गांवों में गए, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की और शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी।

शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सौगात

सिंधिया ने राहत कार्यों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। 23 अगस्त को वे अशोकनगर के नवीन केंद्रीय विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों को कंप्यूटर, किताबें, और अन्य शैक्षणिक सामग्री भेंट की। इसके अलावा, उन्होंने अशोकनगर जिला चिकित्सालय और चंदेरी सिविल अस्पताल को 50 लाख रुपये की लागत से एक-एक एंबुलेंस समर्पित की, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उसी दिन, उन्होंने गुना के बजरंगपुर नवोदय विद्यालय में आयोजित नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप के समापन समारोह में हिस्सा लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

आपदा में जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर

सिंधिया ने अपने प्रवास के दौरान गुना शहर की बाढ़ग्रस्त पॉश कॉलोनियों का भी दौरा किया, जहां उन्होंने जान-माल के नुकसान का जायजा लिया। आपदा में अपनों को खो चुके परिवारों से मिलकर उन्होंने संवेदनाएं व्यक्त कीं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। अशोकनगर के मुंगावली विधानसभा के बरखेड़ा जमाल और गोरा बहादुरपुर गांवों में भी उन्होंने पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की।

सिंधिया का नेतृत्व: विश्वास और सहयोग का प्रतीक

सिंधिया ने इस आपदा के दौरान न केवल राहत कार्यों का नेतृत्व किया, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बनाकर बचाव और पुनर्वास कार्यों को गति दी। उन्होंने सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और प्रशासनिक अमले के साथ-साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह सामूहिक प्रयास ही हमें इस आपदा से उबार रहा है। मैं अपने क्षेत्र की जनता के साथ हर कदम पर हूं।"

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