झाबुआ मेले में बड़ा हादसा: स्कूल बच्चों से भरा झूला टूटा, 15 घायल; कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
Jhabua Mela: जिले में चल रहे एक मेले में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। झाबुआ के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर आयोजित मेले में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक झूला अचानक टूटकर नीचे गिर गया। हादसे के वक्त झूले में स्कूली बच्चे सवार थे। इस दर्दनाक दुर्घटना में करीब 15 बच्चे घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल लाया गया।
घायल बच्चों को सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार मच गई और अभिभावक अपने बच्चों को ढूंढते नजर आए।

मौके पर मची अफरा-तफरी, अभिभावकों में आक्रोश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला तेज गति से घूम रहा था, तभी अचानक उसका एक हिस्सा टूट गया और पूरा झूला जमीन पर आ गिरा। बच्चों के गिरते ही लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। घायल बच्चों को निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने मेले के संचालकों पर सुरक्षा में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि झूलों की न तो तकनीकी जांच की गई थी और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी।
कलेक्टर, एसपी और एसडीएम पहुंचे अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायल बच्चों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों के इलाज में किसी तरह की कमी न रहे।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, मेला संचालन पर उठे सवाल
कलेक्टर नेहा मीना ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि मेले को किस आधार पर अनुमति दी गई थी, झूलों की सुरक्षा जांच हुई थी या नहीं, और हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।
गौरतलब है कि यह मेला 1 जनवरी से उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में संचालित हो रहा था। अब सवाल उठ रहे हैं कि मेला आयोजन की अनुमति किसने दी और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कराया गया।
लापरवाही आई सामने, दोषियों पर होगी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में मेला संचालकों या संबंधित अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एहतियातन झूले को बंद करा दिया गया है और मेले की अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है और प्रशासन को ऐसे आयोजनों पर सख्ती से निगरानी करनी चाहिए।












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