MP News: रतलाम में जीतू पटवारी पर पथराव का तांडव, समाज की नाराजगी या सियासी साजिश, जानिए पूरा मामला
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में रविवार, 31 अगस्त 2025 को एक सनसनीखेज घटना ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के काफिले पर मांगरोल में अचानक पथराव हुआ, जिसमें उनकी गाड़ी का कांच टूट गया।
इस हमले में जीतू पटवारी बाल-बाल बच गए, लेकिन इस घटना ने मध्यप्रदेश की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि यह हमला धाकड़ समाज की ओर से पटवारी के एक कथित विवादास्पद बयान के खिलाफ नाराजगी के चलते किया गया।

क्या थी घटना?
जानकारी के अनुसार, जीतू पटवारी रतलाम में कांग्रेस के 'वोट चोर गद्दी छोड़' आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहे थे। इस दौरान मांगरोल में उनके काफिले पर धाकड़ समाज के कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि हमले में भाजपा के मंडल अध्यक्ष शामिल थे और यह एक सुनियोजित साजिश थी। पथराव इतना तीव्र था कि पटवारी की गाड़ी का कांच टूट गया, और मौके पर भगदड़ मच गई। पटवारी ने बाद में आरोप लगाया कि यह हमला भाजपा की शह पर हुआ, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश में बढ़ते नशे और अपराध के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी।
धाकड़ समाज की नाराजगी का कारण
पथराव की वजह पिछले दिनों जीतू पटवारी के एक बयान को माना जा रहा है। हालांकि, इस बयान का सटीक विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन समाज के लोगों में इसको लेकर गहरा आक्रोश था। धाकड़ समाज ने इसे अपनी अस्मिता पर हमला माना और रविवार को इस नाराजगी ने हिंसक रूप ले लिया।
कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा की साजिश करार दिया है। पटवारी ने कहा, "मध्यप्रदेश में शराब और नशा एक बड़ी समस्या बन गया है। भाजपा के लोग नशे के कारोबार में शामिल हैं। यह हमला मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।"
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी ने बताया कि कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सियासी तनाव और आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना ने मध्यप्रदेश की सियासत में एक नया तनाव पैदा कर दिया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की हताशा का परिणाम बताया और दावा किया कि यह हमला उनकी आवाज को दबाने की कोशिश है। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है।
पटवारी ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मध्यप्रदेश लोकतंत्र का मंदिर है। सत्ता और विपक्ष दोनों का सम्मान होना चाहिए। लेकिन भाजपा की इस तरह की हरकतें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं।"
जीतू पटवारी का विवादों से नाता
जीतू पटवारी पहले भी अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने मध्यप्रदेश की महिलाओं के शराब और नशे की लत को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर भाजपा ने तीखा हमला बोला था। इसके अलावा, उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, जिनमें 2024 में भाजपा नेता इमरती देवी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी और 2025 में एक ग्रामीण को मानव मल खाने का झूठा दावा करने के लिए उकसाने का मामला शामिल है।
धाकड़ समाज और सियासी समीकरण
धाकड़ समाज मध्यप्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र में एक प्रभावशाली समुदाय है। इस समाज का राजनीति में खासा दबदबा है।












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