झूठ बोलकर किसानों को गुमराह करने मंदसौर आए थे Jeetu Patwari: भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच जुबानी जंग चालू है भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को झूठा बताया है।

Jeetu Patwari had come to Mandsaur to mislead farmers by lying: BJP MLA Yashpal Singh Sisodia

MP Politics NEWS: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया (Yashpal Singh Sisodia) ने पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मंदसौर नहीं आए थे, बल्कि वे सिर्फ झूठ बोलकर किसानों को गुमराह और भ्रमित करने के लिए यहां आए थे। वे 'झूठ बोलो, जोर से बोलो और चिल्ला-चिल्ला कर बोलो' की बात को चरितार्थ करने आए थे और वही करके चले गए। वो यह भूल गए हैं कि उनकी ऐसी ही झूठी बयानबाजी और हरकतों के कारण उन्हें विधानसभा में माफी मांगना पड़ती है और बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण सत्र से निष्कासन भी झेलना पड़ता है।

पटवारी का दावा सरासर झूठ

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सिसोदिया ने कहा कि मंदसौर के किसान सम्मेलन में ₹3000 प्रति क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य किए जाने की बात को लेकर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक जीतू पटवारी ने मेरे नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा विधानसभा में रखे गए प्रस्ताव का पहला विरोध मेरे द्वारा किया गया। पटवारी का यह दावा सरासर झूठ है और मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि विधानसभा की कार्यवाही रिकॉर्ड में रहती है और वह संबंधित कार्यवाही का रिकॉर्ड निकलवाकर उसे सार्वजनिक करें।

सिसोदिया ने कहा कि जिस प्रस्ताव की जीतू पटवारी चर्चा कर रहे हैं, ऐसा कोई प्रस्ताव विधानसभा की कार्रवाई में आया ही नहीं है। जीतू पटवारी ने ऐसा कोई प्रस्ताव विधानसभा में नहीं रखा। न तो ऐसे किसी प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष ने ग्राह्य किया और न ही वह सदन की कार्यवाही का हिस्सा बना। विधायक सिसोदिया ने कहा कि उनका यह कथन भी झूठा है कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा उन्हें समझाने लगे और वित्तमंत्री और मंदसौर विधायक उन्हें साइड में ले गए।

झूठ बोलकर कांग्रेस में अलग-थलग पड़े पटवारी

सिसोदिया ने कहा कि बजट सत्र के एक माह बाद जीतू पटवारी को मंदसौर आने पर मेरे विरोध की याद क्यों आई? यदि वे किसानों के सच्चे हितैषी थे, तो भोपाल या इंदौर में पत्रकार वार्ता करके भी इस विषय को उठा सकते थे। श्री सिसोदिया ने कहा कि सभी को पता है कि समर्थन मूल्य तय करने का काम केंद्र सरकार का है, राज्य सरकारों का नहीं। ऐसे में पटवारी की यह मांग ही झूठ पर आधारित है। इसीलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस विषय पर पटवारी के साथ खड़े होना जरूरी नहीं समझा है, क्योंकि उन्हें भी पता है कि समर्थन मूल्य बढ़ाने का काम राज्यों का नहीं है। सिसोदिया ने सवाल किया कि क्या जीतू पटवारी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जहां उनके दल की सरकारें हैं, वहां उन्होंने ₹3000 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ करवाई है ?

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