IPS अधिकारी संदेश कुमार जैन को क्यों बनाया गया AIIMS भोपाल का नया डिप्टी डायरेक्टर? जानिए पूरा मामला
MP IPS News: मध्य प्रदेश के वरिष्ठ IPS अधिकारी संदेश कुमार जैन को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल का नया डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब किसी पुलिस अधिकारी को AIIMS भोपाल में इतनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत कार्यरत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जैन को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर यह पद सौंपा गया है। वह 4 अगस्त 2025 को अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में जैन भोपाल में पुलिस अधीक्षक (रेडियो) के रूप में कार्यरत हैं।

उनकी नियुक्ति ने न केवल प्रशासनिक हलकों में चर्चा पैदा की है, बल्कि यह भी सवाल उठाया है कि एक IPS अधिकारी को इस प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में यह जिम्मेदारी क्यों दी गई।
संदेश कुमार जैन: तकनीकी और प्रशासनिक दक्षता का अनूठा मिश्रण
संदेश कुमार जैन एक अनुभवी IPS अधिकारी हैं, जिन्होंने नक्सल ऑपरेशन, आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS), और पुलिस रेडियो विंग जैसे संवेदनशील विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी इस नियुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैन ने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) भोपाल से बीटेक की डिग्री हासिल की और इसके बाद इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर किया। तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें AIIMS जैसे जटिल संस्थान के लिए उपयुक्त बनाता है।
नियुक्ति का कारण: भ्रष्टाचार पर नकेल और प्रशासनिक सुधार
AIIMS भोपाल में डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) के पद पर संदेश कुमार जैन की नियुक्ति को भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। @FreePressMP ने 31 जुलाई 2025 को X पर पोस्ट किया कि यह पहली बार है जब किसी IPS अधिकारी को AIIMS भोपाल में इस तरह की जिम्मेदारी दी गई है, और इसका उद्देश्य "संस्थान में भ्रष्टाचार की जांच करना" है। सूत्रों के अनुसार, AIIMS भोपाल में पिछले कुछ वर्षों में प्रशासनिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद एक सख्त और अनुशासित अधिकारी की नियुक्ति की जरूरत महसूस की गई।
2021 में AIIMS भोपाल के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) धीरेंद्र प्रताप सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह घटना संस्थान की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवाल थी। जैन की नियुक्ति को इस संदर्भ में देखा जा रहा है कि उनकी पुलिस पृष्ठभूमि और अनुशासनात्मक दृष्टिकोण भ्रष्टाचार पर नकेल कसने में मदद करेगा।
चयन प्रक्रिया: 100 से अधिक दावेदारों को पछाड़ा
AIIMS भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) पद के लिए 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों, प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों, और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे। सभी आवेदकों का साक्षात्कार नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें संदेश कुमार जैन ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, नेतृत्व क्षमता, और संकट प्रबंधन के अनुभव के आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में चयन हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि उनके करियर की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है।
डिप्टी डायरेक्टर का पद: क्यों है महत्वपूर्ण?
AIIMS भोपाल जैसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह पद संस्थान के क्लीनिकल सेवाओं, संसाधन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास, और अनुसंधान परियोजनाओं के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी संभालता है। इसके अलावा, यह पद वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन, और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जैन की पुलिस पृष्ठभूमि और तकनीकी विशेषज्ञता से उम्मीद की जा रही है कि वह संस्थान में प्रशासनिक सुधारों को गति देंगे और भ्रष्टाचार की शिकायतों को कम करेंगे।
पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और वर्तमान स्थिति
AIIMS भोपाल की कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल भी 4 अगस्त 2025 को समाप्त हो रहा है। नए निदेशक की नियुक्ति के लिए केंद्र स्तर पर आवेदन मंगाए गए हैं, और तब तक AIIMS रायपुर के निदेशक को अस्थायी प्रभार सौंपा जा सकता है। इस बीच, जैन की नियुक्ति से प्रशासनिक स्थिरता और सुधार की उम्मीद की जा रही है।












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