Indore News: गांधी भवन के सामने पत्थरबाजी, पत्रकार समेत कई घायल; BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भिड़ंत
Indore News BJP and Congress workers: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इंदौर के गांधी भवन (कांग्रेस कार्यालय) के ठीक सामने मंगलवार शाम को भारी हंगामा और पत्थरबाजी हुई, जिसमें पत्रकार समेत कई लोग घायल हो गए। घटना का मुख्य कारण युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कांग्रेस कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करना था, जिसे पुलिस ने मच्छी बाजार चौराहे पर रोक लिया।
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी और गाली-गलौज के बाद स्थिति बेकाबू हो गई और पत्थर चलने लगे।

पुलिस ने तुरंत दोनों पक्षों को बैरिकेडिंग के जरिए अलग किया और भारी बल के साथ स्थिति को काबू में किया। हंगामे के दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा कि अभी तक कोई गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
घटना का पूरा क्रम
शाम करीब 5 बजे युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गांधी भवन के सामने विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे। वे कांग्रेस पर विभिन्न आरोप लगा रहे थे और नारे लगा रहे थे। पुलिस ने उन्हें मच्छी बाजार चौराहे पर ही रोक लिया और आगे बढ़ने से मना कर दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और जवाबी नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच पहले गाली-गलौज हुई, फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई। पत्थरों से गांधी भवन की खिड़कियां टूटीं और आसपास खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा। पत्रकारों पर भी पत्थर लगे, जिससे कम से कम 2-3 पत्रकार घायल हुए।
पुलिस ने तुरंत फोर्स बढ़ाई और लाठीचार्ज की स्थिति से बचते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। फिलहाल गांधी भवन के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है और इलाके में धारा 144 लागू करने की तैयारी है।
दोनों पक्षों के बयान
कांग्रेस: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर हिंसा भड़काई और गांधी भवन पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने मांग की कि पुलिस तुरंत कार्रवाई करे और आरोपियों को गिरफ्तार करे।
भाजपा/युवा मोर्चा: भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले पत्थर फेंके। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे प्रदर्शन को दबाने के लिए हिंसा भड़का रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने मामले को गंभीरता से लिया है। डीसीपी जोन ने कहा कि दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा कि किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
घायलों में शामिल पत्रकारों ने आरोप लगाया कि वे सिर्फ खबर कवर करने आए थे, लेकिन उन पर भी पत्थर फेंके गए। पत्रकार संघ ने इसकी कड़ी निंदा की है और पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
यह घटना इंदौर में कांग्रेस और भाजपा के बीच तनाव को और बढ़ा रही है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जानबूझकर गांधी भवन पर हमला करने आए थे, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर प्रदर्शन को हिंसक बनाने का आरोप लगाया।
यह घटना बजट सत्र के दौरान हुई है, जिससे विधानसभा में भी इस मुद्दे पर हंगामा हो सकता है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में कौन दोषी पाया जाता है और दोनों पार्टियां इस मामले को कितना आगे बढ़ाती हैं।
इंदौर में अभी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। घायलों का इलाज चल रहा है और पुलिस ने इलाके में नजर रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। यह घटना एक बार फिर मध्य प्रदेश में राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की समस्या को उजागर करती है।












Click it and Unblock the Notifications