Indore News: लव जिहाद फंडिंग मामला, काठमांडू में छिपा था अनवर कादरी, पत्नी और बेटी ने कैसे की मदद, जानिए
MP Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर में कथित लव जिहाद फंडिंग मामले में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। कादरी पर आरोप है कि उसने हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने और धर्म परिवर्तन के लिए युवकों को 3 लाख रुपये तक की फंडिंग की थी।
बाणगंगा थाने में दर्ज दो प्रकरणों के आधार पर कादरी को 8 दिन के रिमांड पर लिया गया है, और पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। फरार होने के दौरान कादरी ने न केवल देश के कई राज्यों की यात्रा की, बल्कि नेपाल के काठमांडू में भी छिपा रहा, जहां उसकी दूसरी पत्नी फरहाना और बेटी आयशा ने उसकी मदद की।

काठमांडू में छिपा था कादरी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जून 2025 में बाणगंगा थाने में FIR दर्ज होने के बाद कादरी इंदौर से भाग गया था। उसने भोपाल, हैदराबाद, चेन्नई, केरल, सिक्किम, दार्जिलिंग, और सिलीगुड़ी होते हुए नेपाल में प्रवेश किया। एसीपी रुबीना मिजवानी के अनुसार, कादरी काठमांडू के एक होटल में ठहरा था। होटल का बिल उसकी बेटी आयशा ने दिल्ली से ऑनलाइन जमा किया था। आयशा अपने पिता को लगातार संरक्षण और सहायता प्रदान कर रही थी। उसने कादरी की अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की कोशिश की, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के कारण यह प्रक्रिया रुक गई।
पत्नी फरहाना की भूमिका
कादरी की दूसरी पत्नी फरहाना भी इस दौरान उसकी सहयोगी रही। पूछताछ में खुलासा हुआ कि फरहाना ने कादरी को इंदौर में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। वह कादरी के साथ नेपाल में थी, लेकिन कादरी को डर था कि परिवार वालों के कॉल्स के जरिए उसकी लोकेशन का पता चल सकता है। इसलिए उसने फरहाना को भारत वापस भेज दिया। हालांकि, 19 जुलाई 2025 को फरहाना दोबारा नेपाल गई और कादरी को इंदौर की ताजा स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान उसने नेपाल में एक सिम कार्ड भी खरीदा, जिसका इस्तेमाल कादरी ने फरहाना और आयशा से संपर्क में रहने के लिए किया।
लव जिहाद फंडिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत जून 2025 में हुई, जब बाणगंगा थाने में दो युवकों, साहिल शेख और अल्ताफ, के खिलाफ बलात्कार और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का मामला दर्ज हुआ। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि कादरी ने उन्हें हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया था। कादरी ने साहिल को 2 लाख और अल्ताफ को 1 लाख रुपये दिए थे, ताकि वे हिंदू युवतियों से शादी करें और उन्हें गलत गतिविधियों में धकेलें। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर हिंदू नामों जैसे 'अर्जुन' और 'राज' का इस्तेमाल कर युवतियों को अपने जाल में फंसाया।
कादरी पर यह भी आरोप है कि उसने युवतियों की जाति के आधार पर एक "रेट कार्ड" बनाया था, जिसमें प्रेम संबंध शुरू करने के लिए 1 लाख और शादी व धर्म परिवर्तन के बाद 2 लाख रुपये देने की बात थी।

कादरी का आपराधिक इतिहास
अनवर कादरी, जिसे 'अनवर डकैत' के नाम से भी जाना जाता है, का आपराधिक इतिहास पुराना है। उसके खिलाफ इंदौर और उज्जैन में हत्या का प्रयास, डकैती, बलवा, अवैध हथियार रखने, जमीन कब्जाने और मारपीट सहित 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2011 में उसे एक साल की सजा भी हो चुकी है। इसके बावजूद, वह इंदौर में तीन बार कांग्रेस पार्षद चुना गया।
पुलिस की कार्रवाई और सियासी बवाल
कादरी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की गई और उस पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया 8 सितंबर 2025 को शुरू होने वाली थी, जिसके दबाव में उसने 29 अगस्त को जिला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के दौरान उसने अपनी दाढ़ी और मूंछें हटाकर वकील की वेशभूषा अपनाई थी। कोर्ट में भीड़ ने उस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया।
इस मामले ने सियासी तूल भी पकड़ा है। बीजेपी ने कादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने कहा कि कादरी को फंसाया जा रहा है।












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