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जानिए महिला की झोपड़ी से कैसे मिली 1 करोड़ की ब्राउन शुगर, इंदौर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 48 लाख कैश बरामद

24 अगस्त 2025 की शाम को इंदौर क्राइम ब्रांच ने द्वारकापुरी के अहीरखेड़ी क्षेत्र में एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में हिस्ट्रीशीटर महिला सीमा नाथ (32), पत्नी महेश तोपे, को गिरफ्तार किया गया।

क्राइम ब्रांच की तीन टीमों, जिसमें महिला पुलिस कर्मी भी शामिल थीं, ने सीमा की झोपड़ी पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस को 516 ग्राम ब्राउन शुगर, 48.5 लाख रुपये नकद (500, 200, और 100 रुपये की नोटों की गड्डियों में), और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा मिला। बरामद ब्राउन शुगर की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।

Indore Crime Branch action Brown sugar worth Rs 1 crore recovered from history-sheeter woman hut

क्राइम ब्रांच के उपायुक्त (DCP) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया, "सीमा नाथ पिछले कई वर्षों से नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार कर रही थी। मौके से मिले सबूत साफ तौर पर इशारा करते हैं कि उसने इस धंधे से भारी मुनाफा कमाया है।" सीमा के खिलाफ मध्य प्रदेश स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

छापेमारी के दौरान तनाव, परिवार का हंगामा

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान सीमा नाथ के परिवार वालों ने पुलिस के साथ हंगामा करने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस थाने से अतिरिक्त बल बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार, सीमा ने पहले भी कई बार पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए विवादित हथकंडे अपनाए थे। बताया जाता है कि वह पुलिस अधिकारियों के सामने अपने कपड़े फाड़कर झूठे आरोप लगाने की धमकी देती थी, जिसके चलते कई बार कार्रवाई में देरी हुई।

सीमा नाथ: एक हिस्ट्रीशीटर की कहानी

सीमा नाथ इंदौर में नशे के कारोबार की एक कुख्यात हस्ती है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें ज्यादातर नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित हैं। पूछताछ में सीमा ने स्वीकार किया कि वह अपने सहयोगी रवि काला के साथ मिलकर सस्ते दामों पर ड्रग्स खरीदती थी और इंदौर में ऊंचे दामों पर बेचती थी।

पुलिस को संदेह है कि सीमा का नेटवर्क इंदौर के अलावा अन्य शहरों तक फैला हुआ है। उसकी झोपड़ी से बरामद 48.5 लाख रुपये की नकदी को गिनने के लिए पुलिस को नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी, जो लोहे की पेटियों और कपड़ों के बीच छिपाई गई थी। यह राशि उसके नशीले पदार्थों के कारोबार से कमाए गए मुनाफे का हिस्सा मानी जा रही है।

पुलिस की रणनीति और चुनौतियां

इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। 2025 में अब तक सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये की ड्रग्स जब्त की गई हैं। DCP त्रिपाठी ने कहा, "हमारा लक्ष्य इंदौर को नशामुक्त करना है। ऐसी कार्रवाइयां गुप्त सूचनाओं और स्थानीय लोगों की मदद से संभव हो रही हैं।"

हालांकि, इस कार्रवाई में कई चुनौतियां भी सामने आईं। सीमा नाथ के परिवार के हंगामे और उसके पहले के हथकंडों ने पुलिस के लिए स्थिति को जटिल बनाया। इसके बावजूद, महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी ने कार्रवाई को सुचारू रूप से पूरा करने में मदद की।

इस कार्रवाई ने इंदौर में सियासी और सामाजिक बहस छेड़ दी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इसे BJP सरकार की नाकामी का सबूत बताया। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा, "BJP के शासन में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। सीमा नाथ जैसे लोग खुलेआम ड्रग्स बेच रहे हैं, और सरकार चुप है।

दूसरी ओर, BJP प्रवक्ता रमेश ठाकुर ने कहा, "क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई दर्शाती है कि हमारी सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यह कोई सियासी मुद्दा नहीं है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीमा नाथ के खिलाफ पहले भी कार्रवाइयां हो चुकी हैं, और यह जांच व्यक्तिगत अपराध पर केंद्रित है।

स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन कुछ ने चिंता जताई कि नशे का कारोबार छोटे स्तर के अपराधियों तक सीमित नहीं है। एक स्थानीय निवासी, राकेश वर्मा ने कहा, "सीमा नाथ जैसे लोग तो मोहरे हैं। असली माफिया अभी भी पकड़ से बाहर हैं।"

इंदौर में नशे का बढ़ता खतरा

इंदौर, जो अपनी स्वच्छता और व्यापारिक महत्व के लिए जाना जाता है, हाल के वर्षों में नशे के कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। 2025 में इंदौर में कई ड्रग्स से जुड़े मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 14 अगस्त 2025 को धान मंडी क्षेत्र में 11.75 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक हिस्ट्रीशीटर विनोद जाधव को गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह, जुलाई 2025 में शिवाजी नगर में 14.87 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो लोगों को पकड़ा गया।

इन घटनाओं से साफ है कि इंदौर में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार एक गंभीर समस्या बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की लत और इसके कारोबार का बढ़ता प्रभाव युवाओं पर खतरनाक असर डाल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अनीता शर्मा ने कहा, "नशे का धंधा इंदौर की सामाजिक संरचना को खोखला कर रहा है। ऐसी कार्रवाइयां जरूरी हैं, लेकिन बड़े माफियाओं को पकड़ना होगा।"

आगे की जांच और रणनीति

क्राइम ब्रांच अब सीमा नाथ के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। DCP त्रिपाठी ने बताया कि सीमा के सहयोगी रवि काला की तलाश जारी है, और ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जाएगी। पुलिस को संदेह है कि सीमा का कारोबार इंदौर के बाहर भी फैला हो सकता है। इसके अलावा, बरामद नकदी के स्रोत की भी जांच की जा रही है।

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