विदिशा में RTI एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या, शिवराज सरकार की पुलिस पर खड़े हुए सवाल

एमपी के विदिशा में दिनदहाड़े आरटीआई एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना गुरुवार शाम 5 बजे की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है।

भोपाल, 3 जून। मध्य प्रदेश के मुखिया भले ही अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलवा दे या फिर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवा दे, लेकिन मध्यप्रदेश में गुंडे, बदमाशों और माफियाओं पर अंकुश लगाने में मध्य प्रदेश पुलिस फेल साबित हो रही है। दरअसल राजधानी भोपाल से सटे विदिशा शहर में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर 42 वर्षीय एक आरटीआई कार्यकर्ता की गुरुवार को दिनदहाड़े अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर SP मोनिका शुक्ला पहुंची। उन्होंने बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता रंजीत सोनी को 5:15 बजे के आसपास अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। उन्होंने कहा कि सोनी के बहुत नजदीक और पीछे से खोपड़ी पर गोली मारी गई है। उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा है कि किसी परिचित ने सोनी को गोली मारी है।

 विदिशा में RTI एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या

एसपी ने बताया कि आरटीआई एक्टिविस्ट सोनी का झूला उसकी मोटरसाइकिल में टंगा हुआ था। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी कार्यालय में लगा सीसीटीवी काम नहीं कर रहा था। हमलावरों को पता लगाने के लिए पुलिस शहर के बाकी फुटेज देख रही है। एसपी शुक्ला ने बताया कि सोनी मध्यप्रदेश के अशोकनगर का रहने वाला था और वे 6 साल से पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी का काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार बाद में उसने ठेकेदारी छोड़ दी और फिर पीडब्ल्यूडी में आईटीआई की याचिका लगाने का काम कर रहा था।

RTI एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या

विदिशा SSP समीर यादव ने बताया कि घटना के बाद हत्यारे मौके से फरार हो गए और पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए विभिन्न एविडेंस पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस को शक है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी की वजह हो सकती है। गोली मारने के पीछे आरटीआई लगाना भी एक कारण हो सकता है। फिलहाल पुलिस अभी सभी एंगल पर जांच कर रही है। वहीं कांग्रेस ने कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्दी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ये शव - राज है। जहां से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ें ,उनका गृह जिला‌ कहे जाने वाले विदिशा में एक आरटीआई एक्टिविस्ट की सरेआम हत्या हो जाना यह बताता है कि प्रदेश में कानून का राज है या फिर गुंडे , बदमाशों और अपराधियों का। प्रदेश में जंगलराज है , कथित सुशासन लहुलुहान पड़ा हुआ है।

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