MP News IAS: इंदौर में मौतों के बाद हटाए गए निगमायुक्त का ‘प्रमोशन’, जानिए कैसे 16 दिन में बदली तस्वीर
IAS Dilip Yadav: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद जिस नगर निगम आयुक्त को जिम्मेदारी तय करते हुए पद से हटाया गया था, वही अफसर महज 16 दिन के भीतर एक बार फिर अहम पद पर काबिज हो गया है।
इंदौर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त दिलीप यादव को अब मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एमपी टूरिज्म) का प्रबंध संचालक (एमडी) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति ने प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव बनाकर भोपाल अटैच कर दिया गया था। उनकी जगह क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया था। माना जा रहा था कि इस कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
16 दिन में बदल गया पूरा परिदृश्य
लेकिन महज 16 दिन बाद ही तस्वीर पूरी तरह बदल गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दावोस दौरे पर रवाना होने से ठीक पहले रविवार देर शाम 26 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई। इसी सूची में दिलीप यादव का नाम भी शामिल रहा और उन्हें मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का एमडी बना दिया गया। प्रशासनिक हलकों में इसे सीधे तौर पर 'प्रमोशन' के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि एमपी टूरिज्म का प्रबंध संचालक पद राज्य के महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पदों में गिना जाता है।
26 IAS अफसरों के तबादले, कई बड़े बदलाव
इस तबादला सूची में सरकार ने कई अहम प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। 1996 बैच के आईएएस अधिकारी उमाकांत उमराव से खनिज साधन विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। हालांकि वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव बने रहेंगे।
2008 बैच के आईएएस अधिकारी विशेष गढ़पाले को सचिव, ऊर्जा विभाग एवं एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, जबलपुर के साथ-साथ मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक भी बनाया गया है।
2010 बैच के अधिकारी तरुण राठी को आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं के पद से हटाकर आयुक्त, आदिवासी विकास नियुक्त किया गया है। वहीं शोभित जैन को खाद्य विभाग के सचिव पद से स्थानांतरित कर पशुपालन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
सीनियर अफसरों पर जताया गया भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रशासनिक फेरबदल के जरिए सीनियर अधिकारियों पर अपना भरोसा साफ तौर पर जताया है। अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं, वहीं कई सचिव स्तर के अफसरों को पहली बार स्वतंत्र रूप से विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
इनमें शोभित जैन, स्वतंत्र कुमार, इलैया राजा, जॉन किंग्सले, आलोक सिंह और श्रीमन शुक्ला जैसे नाम शामिल हैं। इसे सरकार की परफॉर्मेंस आधारित गवर्नेंस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में भी नई पदस्थापनाएं
स्वास्थ्य विभाग में भी प्रशासनिक मजबूती के लिए तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। इनमें धनराजू एस, राहुल हरिदास और दिशा नागवंशी को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासनिक निर्णय या सियासी संदेश?
इंदौर दूषित जल कांड के बाद दिलीप यादव को हटाए जाने को जहां सख्त कार्रवाई माना गया था, वहीं अब उनका एमपी टूरिज्म का एमडी बनना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। विपक्ष इसे जवाबदेही से बचने की कोशिश बता रहा है, जबकि सरकार समर्थक इसे अनुभवी अफसरों पर भरोसे का उदाहरण मान रहे हैं।
स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने वाला है, खासकर तब, जब सरकार विकास, निवेश और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश की छवि मजबूत करने की बात कर रही है।












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