MP Election: सांची सीट पर सिंधिया समर्थक प्रभुराम को मिला टिकट तो क्या शेजवार पाला बदलकर लेंगे बदला?
सांची का नाम दुनिया भर में बौद्ध स्तूप के लिए फेमस है। लेकिन अब यह स्तूप से ज्यादा सियासत के लिए चर्चाओं में है। यहां पर चुनाव से पहले वर्तमान मंत्री और पूर्व मंत्री के बीच वर्चस्व को लेकर घमासान देखने को मिल सकता है।

MP Sanchi Vidhan Sabha News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से पहले दलबदल का दौर जारी है। दीपक जोशी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बड़ी संख्या में नेताओं ने पार्टियां बदली है। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर भाजपा में उम्मीदवारों को लेकर घमासान मचा हुआ है, ऐसे ही एक सीट रायसेन जिले की सांची विधानसभा है। जहां पर सिंधिया समर्थक प्रभुराम चौधरी BJP से विधायक और वर्तमान में स्वास्थ्य मंत्री है। जबकि भाजपा के पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार उनके बेटे मुदित शेजवार के लिए इसी विधानसभा सीट से दावेदारी जता रहे हैं।
सांची विधानसभा का इतिहास
रायसेन जिले की सांची विधानसभा सीट (एससी) (SC) वर्ग के प्रत्याशी के लिए आरक्षित है। रायसेन जिला भोपाल संभाग में आता है। इस विधानसभा सीट में 2013 के इलेक्शन में मतदाताओं की कुल संख्या दो लाख 2 लाख 21 हजार 576 थी। 2013 के विधानसभा चुनाव में इस जीत पर डॉ गौरीशंकर शेजवार ने 85599 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस की प्रभुराम चौधरी को 20 हजार 936 मतों के अंतर से हराया था। जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रभु राम चौधरी ने गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार 10,813 वोटों के अंतर से चुनाव हराया था। इसके बाद प्रभु राम चौधरी भाजपा में शामिल हो गए और उन्होंने उपचुनाव में कांग्रेस के मदन लाल चौधरी को 63 हजार 809 वोटों के बड़े अंतराल से हराया।
प्रभुराम चौधरी के भाजपा में शामिल होने के बाद शेजवार के लिए क्या ऑप्शन
वरिष्ठ पत्रकार सरवन नगले ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि रायसेन की सांची विधानसभा सीट प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि दीपक जोशी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से ही शेजवार को लेकर भी पाला बदल ने की खबरें लगातार सामने आ रही है। ऐसे में अगर शेजवार कांग्रेस का दामन थामते है और कांग्रेस उन्हें सांची विधानसभा से उम्मीदवार बनाती है तो 2023 विधानसभा चुनाव में यहां पर सबसे रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस को मिल सकता है सांची में मजबूत उम्मीदवार
राजनीतिक विश्लेषक लखन लाल वर्मा बताते हैं कि सांची विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों पर वर्तमान विधायक और मंत्री प्रभुराम चौधरी का ज्यादा प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। उनके खिलाफ लगातार क्षेत्रीय असंतोष बढ़ता जा रहा है। वहीं कांग्रेस में उम्मीदवारी को लेकर कई कार्यकर्ता सामने आ रहा है लेकिन कांग्रेस जिताऊ उम्मीदवार तलाश कर रही है। अगर गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार कांग्रेस में शामिल हो जाते हैं तो कांग्रेस को यहां पर मजबूत उम्मीदवार मिल सकता है।
सांची विधानसभा की समस्याएं
स्थानीय लोगों के अनुसार सांची विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या बिजली की है। सांची को बलि देश की दूसरी सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है लेकिन फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अलावा कई इलाकों में सड़कों की हालत जर्जर है और स्कूलों में शिक्षक की भारी कमी बनी हुई है। वहीं स्वास्थ्य के मामले में भी डॉक्टरों की भारी कमी इस विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिलती है। ग्रामीण आशीष रजक ने बताया कि यहां बिजली आने जाने का कोई समय निश्चित नहीं है कभी 4 तो कभी 8 घंटे बिजली गुल रहती हैं। अंबाबाड़ी के जितेंद्र मीणा, सेमरा के हेमंत लोधी, दीवानगंज के राजकुमार मालवीय गीदगढ़ के महेश मालवीय बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में सड़कों की जर्जर हालत और हेड पंप की समस्या भी बनी हुई है।
बीजेपी विधायक ने किया विकास होने का दावा
स्थानीय विधायक और मध्यप्रदेश शासन में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बताया कि सांची विधानसभा क्षेत्र में पिछले साढे 4 सालों में 2 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य हुए हैं। इतने काम तो पहले के 70 सालों में भी नहीं हुए। सांची नगर को देश की दूसरी सोलार सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। हर घर में नल से जल पहुंचाने का काम चल रहा है। नए उद्योगों की स्थापना हो रही है सभी ग्राम पंचायतों में हेल्थ व वैलनेस सेंटर स्थापित हो रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications