MP News: हिंदू दामाद का किडनैप, मुस्लिम ससुराल वालों का गुस्सा, विदिशा हाईवे पर ड्रामा, पत्नी को ले गए ललितपुर
MP News Muslims: प्यार की राह कभी आसान नहीं होती, खासकर जब धर्म की दीवारें बीच में आ जाएं। मध्य प्रदेश के भोपाल में रहने वाले एक हिंदू युवक की शादी उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की मुस्लिम लड़की से हुई, तो ससुराल पक्ष के लोग भड़क गए। नतीजा? आधा दर्जन से ज्यादा लोग भोपाल पहुंचे, दंपति को किडनैप कर ललितपुर ले जाने लगे।
रास्ते में विदिशा के पास हाईवे पर पति किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भाग निकला, लेकिन पत्नी को वे जबरन ले गए। वहां से महिला ने हिम्मत दिखाई, पुलिस के पास पहुंची और भोपाल लौट आई। अब भोपाल के कोलार थाने में FIR दर्ज हो गई है, और पुलिस ललितपुर रवाना होने की तैयारी में है।

यह घटना न सिर्फ इंटरफेथ मैरिज (अंतर-धर्म विवाह) के विवाद को उजागर करती है, बल्कि समाज में बढ़ते धार्मिक तनाव की एक कड़ी भी जोड़ती है। आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं - कैसे शुरू हुआ यह प्यार, क्यों भड़का गुस्सा, और अब क्या हो रहा है जांच में।
कैसे मिले सरवन और हाजरा, शादी का फैसला
यह कहानी शुरू होती है दो साल पहले, जब भोपाल के राजहर्ष कॉलोनी में रहने वाले सरवन विश्वकर्मा (27 वर्ष, पुत्र लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा) की मुलाकात ललितपुर (उत्तर प्रदेश) की हाजरा (उम्र 24 वर्ष) से हुई। सरवन एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि हाजरा एक स्कूल में शिक्षिका थीं। दोनों की मुलाकात एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां दोनों ने एक-दूसरे को जाना। सरवन बताते हैं, "हमारी बातें धीरे-धीरे बढ़ीं। धर्म का कभी मुद्दा नहीं बना। हम दोनों को लगा कि प्यार में जाति-धर्म की क्या जगह?" लेकिन जब परिवार को पता चला, तो हंगामा मच गया।
हाजरा का परिवार - जो ललितपुर के एक कस्बे में रहता है - शुरू से ही इस रिश्ते के खिलाफ था। उनका कहना था कि "हमारी बेटी का विवाह एक हिंदू से कैसे हो सकता है? यह हमारी परंपराओं के खिलाफ है।" सरवन के परिवार ने भी चिंता जताई, लेकिन प्यार परवान चढ़ चुका था। आखिरकार, 15 मई 2025 को दोनों ने भोपाल में आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। शादी कोर्ट के जरिए रजिस्टर भी करा ली गई थी। सरवन कहते हैं, "हमने सोचा था कि समय के साथ सब मान जाएंगे। लेकिन ससुराल पक्ष ने कभी स्वीकार नहीं किया। फोन पर धमकियां आती रहीं।" हाजरा के पिता अलाउद्दीन (एक स्थानीय व्यापारी) और भाई गफूर, अजहर उद्दीन, रहमान ने कई बार सरवन को फोन कर "शादी तोड़ लो वरना अंजाम बुरा होगा" कहा। लेकिन दंपति ने इसे नजरअंदाज किया और भोपाल में नई जिंदगी शुरू की।
किडनैप का प्लान: 13 सितंबर की रात, भोपाल में धावा
13 सितंबर 2025 की रात करीब 10 बजे का समय था। सरवन और हाजरा राजहर्ष कॉलोनी के अपने फ्लैट में थे। अचानक दरवाजे पर जोरदार दस्तक हुई। बाहर हाजरा के मायके वालों का ग्रुप था - अलाउद्दीन, गफूर, अजहर उद्दीन, रहमान और दो-तीन अन्य साथी। वे एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी से आए थे, जो ललितपुर से भोपाल करीब 500 किलोमीटर दूर है। सरवन बताते हैं, "वे चिल्ला रहे थे - 'हाजरा को हमें सौंप दो, वरना घर जला देंगे।' हमने दरवाजा खोला, तो वे अंदर घुस आए। हमें धमकाया, हाथ बंधवाए और गाड़ी में धकेल दिया। उनका प्लान साफ था - हमें ललितपुर ले जाकर जबरन तलाक कराना या सरवन को 'सजा' देना।"
आरोपियों ने दंपति को बंधक बनाकर गाड़ी स्टार्ट की। हाईवे पर भोपाल से विदिशा की ओर जा रहे थे। रास्ते में हाजरा ने विरोध किया, लेकिन आरोपी कहते रहे, "तुम्हें घर वापस ले जा रहे हैं, यह गलत शादी थी।" सरवन के मुताबिक, "वे 'लव जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, कह रहे थे कि सरवन ने हाजरा को बहकाया है।" यह मामला इंटरफेथ मैरिज के कारण और संवेदनशील हो गया, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' विरोधी कानून सख्त हैं, हालांकि यहां शिकार हिंदू दामाद बने।
विदिशा हाईवे पर ड्रामा: पति भागा, पत्नी बंधक
भोपाल से विदिशा करीब 180 किलोमीटर है। रास्ते में, भोर के समय (करीब 4 बजे) गाड़ी विदिशा के पास एक डिवाइडर पर रुकी। आरोपी चाय पीने उतरे। सरवन को मौका मिला। वे बताते हैं, "मेरे हाथ ढीले हो गए थे। मैंने रस्सी काटी और गाड़ी से कूद गया। भागते हुए पास के एक ढाबे पर पहुंचा। वहां लोगों ने मुझे छिपाया।" सरवन ने तुरंत लोकल पुलिस को फोन किया, लेकिन डर के मारे रुके। इधर, आरोपी गाड़ी स्टार्ट कर ललितपुर की ओर बढ़ गए, हाजरा को साथ ले।
ललितपुर पहुंचते ही हाजरा को घर में बंद कर दिया गया। लेकिन हाजरा ने हार नहीं मानी। दो दिन बाद, 15 सितंबर को मौका पाकर वे घर से निकलीं और नजदीकी थाने पहुंचीं। हाजरा ने पूरा घटनाक्रम बताया - किडनैप, धमकी और जबरन बंधक। ललितपुर पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया (FIR नंबर 247/2025, IPC धारा 363, 365, 506 के तहत)। थाना प्रभारी रामकुमार सिंह ने कहा, "हाजरा की शिकायत पर हमने परिवार को नोटिस दिया। लेकिन वे भोपाल जाने से इनकार कर रहे थे। इसलिए हमने हाजरा को सुरक्षित भोपाल भेजा।" 16 सितंबर को हाजरा भोपाल लौटीं, जहां सरवन से मिलीं।
FIR और पुलिस कार्रवाई: कोलार थाने में शनिवार रात दर्ज हुआ केस
भोपाल पहुंचते ही सरवन ने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी संजय सोनी ने 20 सितंबर (शनिवार) रात को FIR दर्ज की (FIR नंबर 589/2025)। धाराएं - 363 (किडनैप), 365 (गिरफ्त में ले जाना), 506 (आपराधिक धमकी), 147 (दंगा भड़काना)। सोनी ने बताया, "सरवन का बयान दर्ज है। आरोपी ललितपुर के रहने वाले हैं - अलाउद्दीन (हाजरा के पिता), गफूर (भाई), अजहर उद्दीन, रहमान और अन्य। हमारी टीम कल (22 सितंबर) ललितपुर रवाना हो रही है। वहां से आरोपी गिरफ्तार कर लाएंगे।"
पुलिस अब जांच कर रही है कि दंपति कैसे मिले, शादी कैसे हुई, और क्या कोई पूर्व शिकायत थी। सोनी कहते हैं, "हम दोनों पक्षों के बयान लेंगे। अगर 'लव जिहाद' का एंगल आता है, तो UP पुलिस से समन्वय करेंगे। लेकिन फिलहाल, यह पारिवारिक विवाद लगता है।" सरवन और हाजरा सुरक्षित हैं, थाने की निगरानी में। सरवन कहते हैं, "हम न्याय चाहते हैं, न कि बदला। बस हमारी शादी को मान्यता मिले।"
इंटरफेथ मैरिज पर बहस, क्या कहते हैं विशेषज्ञ
यह घटना भारत में बढ़ते इंटरफेथ मैरिज विवादों को नई बहस दिला रही है। NCRB डेटा के मुताबिक, 2024 में ऐसे मामलों में 15% इजाफा हुआ, जहां परिवार किडनैप या हिंसा का सहारा लेते हैं। विशेषज्ञ डॉ. रीना शर्मा (सोशलॉजिस्ट, भोपाल) कहती हैं, "प्यार व्यक्तिगत है, लेकिन समाज अभी भी धर्म को प्राथमिकता देता है। ऐसे केस में कानून (स्पेशल मैरिज एक्ट) है, लेकिन परिवार का दबाव ज्यादा। हाजरा जैसी महिलाओं को साहस दिखाना पड़ता है।"
आगे की राह: न्याय की उम्मीद, समाज को संदेश
पुलिस की टीम ललितपुर पहुंचकर आरोपी गिरफ्तार करेगी। कोर्ट में केस चलेगा, जहां दंपति के बयान तय करेंगे दिशा। सरवन और हाजरा अब काउंसलिंग ले रहे हैं। सरवन कहते हैं, "हम साथ हैं, बस शांति चाहते हैं।" यह घटना सिखाती है कि प्यार की जीत के लिए हिम्मत और कानून का साथ जरूरी है। लेकिन सवाल वही - कब टूटेंगी धर्म की दीवारें? विदिशा हाईवे का यह ड्रामा समाज को सोचने पर मजबूर कर रहा है। जांच जारी है, अपडेट के लिए बने रहें।












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