Bhopal News: बारिश में बढ़ा फंगल इन्फेक्शन, डेंगू और मलेरिया के मरीजों के बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट
MP News: गर्मी और उमस के चलते इन दोनों फंगल इन्फेक्शन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका स और भोपाल में स्थित जेपी अस्पताल, एम्स और हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। यहां दिनों दिन लगभग 400 से 510 तक मरीज फंगल इन्फेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
इन मरीजों में 50 फ़ीसदी मरीज में फंगल इन्फेक्शन सामने आ रहे हैं। फंगल इन्फेक्शन वैसे तो आम बात है, लेकिन गर्मी और बारिश के दिनों में यह तेजी से बढ़ता है। फंगल इन्फेक्शन वैसे तो एड़ी, नाखून और पेट के पास होता है। लेकिन बारिश के चलते कपड़े गीले होने से यह शरीर के कई हिस्सों में हो सकता है।

यह इन्फेक्शन हर उम्र के लोगों में हो रहा है। डॉक्टर का कहना है कि अक्सर देखने में आ रहा है कि फंगल होने पर लोग अपने हिसाब से मेडिकल से दवा ले लेते हैं, लेकिन अक्सर यह बीमारी पकड़ में नहीं आती और शरीर में बढ़ जाती है ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के बाद ही कोई दवा लें।
ऐसे करें बचाव
बारिश के मौसम में कपड़ों का चैन अच्छी तरह से करना चाहिए। इसके तहत ढीले और साफ कपड़े ही पहनें। गीले कपड़े न पहनें। घर में एक ही टॉवल का इस्तेमाल न करें। डॉक्टर के अनुसार गर्मी और उमस के इस मौसम में लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। फंगल इन्फेक्शन हर उम्र के लोगों को हो रहा है, इसलिए विशेष ध्यान रखें।
डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
राजधानी भोपाल में बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में मौसमी बीमारियां भी पैर पसारने लगी है। खासकर मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां शामिल है। डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं इनमें से अधिकांश मैरिज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं हालांकि इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है। विभाग का कहना है कि इससे बचाव के लिए सरकारी और निजी अस्पताल में बेवजह रखे गए कबाड़ को तत्काल हटाया जाए।
साथ ही गमले, पानी की टंकी और कूलर की सफाई कराई जाए, जिससे मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण हो सके साफ सफाई एवं पानी के जमाव को रोककर मच्छरों की उत्पत्ति को कम किया जा सकता है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यालय परिसर में रखे अनुपयोगी डिब्बे, प्लास्टिक की बोतल, पुराने टायर इत्यादि का उचित निस्तारण किया जाए। कलर के पानी को नियमित रूप से बदला जाए। सीएमएचओ डॉक्टर प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मच्छर से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के कारण डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में कमी आ रही है। डेंगू मलेरिया की जांच और दवाइयां सभी सरकारी अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध है। वही आशा कार्यकर्ता से संपर्क करके भी जांच करवाई जा रही है।












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