Bhopal News: भोपाल में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, इस्कॉन की तेरहवीं वार्षिक उत्सव, कल भक्तिमय होगा शहर
MP News Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 28 जून 2025 को पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर द्वारा भगवान श्रीजगन्नाथ, बलराम, और देवी सुभद्रा की तेरहवीं वार्षिक रथयात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह रथयात्रा, जो भोपाल में भक्ति और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है, शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और हजारों श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करेगी। इस बार रथ को पुरी, ओडिशा के प्रसिद्ध नंदीघोष रथ की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो अपनी भव्यता और तकनीकी विशेषताओं के लिए चर्चा में है।

रथयात्रा का मार्ग और समय
रथयात्रा 28 जून 2025 को शाम 4 बजे भोपाल टॉकीज से शुरू होगी और हमीदिया रोड, भारत टॉकीज, रोशनपुरा, रंगमहल, और न्यू मार्केट होते हुए माता मंदिर स्थित प्लेटिनम प्लाजा पर समाप्त होगी। इस यात्रा में भक्त 'हरे कृष्ण' महामंत्र के संकीर्तन के साथ रथ को रस्सियों से खींचेंगे, और मार्ग में शंख, मृदंग, और करताल की ध्वनियों के साथ पारंपरिक झांकियां वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। रथयात्रा का शुभारंभ भोपाल की महापौर मालती राय द्वारा आरती के साथ होगा, जबकि समापन स्थल पर मध्य प्रदेश शासन की मंत्री कृष्णा गौर आरती और आशीर्वचन देंगी।
नंदीघोष रथ की भव्यता
इस वर्ष का रथ अपनी भव्यता और तकनीकी विशेषताओं के लिए विशेष रूप से चर्चा में है। 27 फीट ऊंचा, 24 फीट लंबा, और 17 फीट चौड़ा यह रथ पुरी के नंदीघोष रथ की प्रतिकृति है। इसका निर्माण दो टन लोहे और 50 घन फीट सागौन की लकड़ी से किया गया है, जो इसे मजबूती और सुंदरता प्रदान करता है। रथ में छह फीट ऊंचे लकड़ी के विशाल पहिए लगाए गए हैं, और इसकी छत को सुंदर वास्तुशिल्पीय नक्काशी और रंग-बिरंगे वस्त्रों से सजाया गया है।
रथ की एक खास विशेषता इसकी हाइड्रोलिक प्रणाली है, जो इसे मार्ग में बिजली के तारों या अन्य बाधाओं से बचाने के लिए ऊंचाई को समायोजित करने में सक्षम बनाती है। हाइड्रोलिक लीवर की मदद से रथ की ऊंचाई को आवश्यकतानुसार ऊपर या नीचे किया जा सकता है, जिससे यह तकनीकी रूप से उन्नत और सुरक्षित है। इस रथ का डिजाइन और निर्माण इस्कॉन के विशेषज्ञ कारीगरों द्वारा किया गया है, जो इसे भक्ति और कला का अनूठा संगम बनाता है।
संतों और विदेशी भक्तों का आगमन
इस वर्ष की रथयात्रा को और भव्य बनाने के लिए इस्कॉन के जोनल सेक्रेटरी महामन दास प्रभुजी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उनके साथ रूस से आए वितांक दास और द्विजमणि दास जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध भक्त भी भोपाल में मौजूद होंगे। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस रथयात्रा में शामिल होने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे भोपाल का यह आयोजन वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ेगा। इस्कॉन भोपाल के प्रवक्ता कृष्ण कृपा दास ने बताया कि इस बार रथयात्रा में भक्तों का उत्साह चरम पर है, और यह आयोजन भोपाल के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा।
भक्ति और भोग का संगम
रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलराम, और सुभद्रा की मूर्तियां रथ पर विराजमान होंगी, और भक्तों को उनके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। रथ के साथ 151 विशेष भोग अर्पित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिठाइयां शामिल होंगी। यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर आरती का आयोजन होगा, और भक्तों द्वारा 'हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन वातावरण को और भक्तिमय बनाएगा। इस्कॉन के भक्तों और स्वयंसेवकों की टीमें रथयात्रा के सुचारू संचालन के लिए तैयार हैं, और मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा।
इस्कॉन भोपाल की तेरहवीं रथयात्रा
यह इस्कॉन भोपाल की तेरहवीं वार्षिक रथयात्रा है, जो 2012 से शुरू हुई थी। हर साल यह आयोजन भोपाल में भक्ति और उत्साह का प्रतीक बनता जा रहा है। इस्कॉन मंदिर, जो भोपाल के पटेल नगर में स्थित है, अपने सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए जाना जाता है। रथयात्रा के माध्यम से इस्कॉन का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ की भक्ति को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में प्रेम, शांति, और एकता का संदेश फैलाना है। इस्कॉन के प्रवक्ता ने बताया कि इस बार रथयात्रा में 10,000 से अधिक भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है, और यह आयोजन भोपाल के लिए एक सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव होगा।
प्रशासन और गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी
रथयात्रा के शुभारंभ के लिए महापौर मालती राय द्वारा आरती की जाएगी, जो इस आयोजन को और गरिमामय बनाएगी। समापन स्थल पर मंत्री कृष्णा गौर की उपस्थिति और आशीर्वचन इस्कॉन के इस प्रयास को और प्रोत्साहन देंगे। प्रशासन ने रथयात्रा के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि भक्तों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
सोशल मीडिया पर उत्साह
रथयात्रा की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर भक्तों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। X पर कई यूजर्स ने इस्कॉन की इस पहल की सराहना की है। एक यूजर ने लिखा, "भोपाल में जगन्नाथ रथयात्रा हर साल भक्ति का अनूठा रंग बिखेरती है। इस बार का रथ तो कमाल का है!" एक अन्य यूजर ने कहा, "हरे कृष्ण! भोपाल में इस्कॉन की रथयात्रा एक ऐसा अवसर है, जो हमें भगवान के करीब लाता है।" इस्कॉन भोपाल ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर रथयात्रा की तैयारियों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जो वायरल हो रहे हैं।












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