MP Election 2023: प्रत्याशी चयन के लिए कमलनाथ को फ्री हैंड, बंगले पर जुटने लगी दावेदारों की भीड़
MP Election congress News: मध्यप्रदेश कांग्रेस में इस बार प्रत्याशी चयन का मामला दिल्ली की जगह भोपाल पर भी ज्यादा निर्भर रहेग। बताया जा रहा है कि स्क्रीनिंग कमिटी सिर्फ औपचारिकता की ही रहेगी। पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं के बाद अब इलेक्शन कमेटी के सदस्यों ने कमलनाथ को ही प्रत्याशी चयन करने के लिए फ्री हैंड कर दिया है। हालांकि पार्टी अपनी पूर्व की तरह ही सभी औपचारिकताएं करती हुई दिखाई दे रही। इसके चलते प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दावेदारों की दौड़ इस बार दिल्ली की जगह भोपाल में तेज हो चुकी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को ही कांग्रेस की लेक्शन कमेटी की बैठक में सभी ने कमलनाथ के निर्णय को ही फाइनल मारने के लिए हामी भर दी है, लेकिन इसके साथ ही उन्हें यह भी सुझाव दिया गया है कि वे जिला संगठन को नजरअंदाज ना करें। इसके लिए जिला से भी दावेदारों के नाम मंगाए जांए, इस मुद्दे को लेकर बैठक में लगभग 15 मई तक चर्चा चलती रही कमलनाथ सहित कुछ नेताओं ने कहा कि इससे दावेदारों के नामों की संख्या तेजी से बढ़ जाएगी। इसके बाद सोमवार को भी इस पर चर्चा की गई।

इसमें यह सुझाव भी सामने आया कि पार्टी संगठन के लोगों के दम पर भी चुनाव लड़ना चाहती है तो मंडलम सेक्टर को भी महत्व मिलना चाहिए, ताकि वे चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के लिए मेहनत के साथ काम कर सकें। मंडलम-सेक्टर के पदाधिकारी को कितना महत्व दिया जाएगा, इसे लेकर कोई निर्णय इस बैठक में नहीं हो सका।
जल्द करें या देर से घोषित करें उम्मीदवार इस पर बड़ा संशय
बैठक में कुछ सदस्यों ने कहा कि भाजपा की देखा देखी उम्मीदवार चयन का काम नहीं किया जाए। उम्मीदवार के जल्द घोषित होने से यह खतरा बढ़ जाएगा कि वह एन वक्त पर कहीं पार्टी नहीं छोड़ दे। इस पर भी बहुत ध्यान रखना होगा। इसलिए पहले ऐसे लोगों को टिकट दिया जाए, जो किसी भी हालत में पार्टी नहीं छोड़ सकते है। जल्द टिकटों के ऐलान करना है तो उम्मीदवार के दूसरे दल में जाने की संभावनाओं पर भी विचार पहले किया जाए। इस पर कमलनाथ ने भी कहा कि इसे लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
जुटने लगी दावेदारों की भीड़
भाजपा द्वारा 39 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद कांग्रेस में भी दावेदार सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को प्रत्याशी चयन का फ्री हैंड मिलने के बाद उनके बंगले पर अब दावेदारों की भीड़ जितना शुरू हो गई है। भोपाल की बैरसिया विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक दावेदार सामने आए है।
जाति का समीकरणों के साथ आर्थिक स्थिति में देखी जाएगी
बताया जाता है कि इस बार विधानसभा सीट के जातिगत समीकरणों के साथ ही दावेदारों की आर्थिक स्थिति कितनी मजबूत है, यह भी देखा जाएगा। कांग्रेस इस चुनाव में कोई भी रिक्स नहीं लेना चाहती है। इसलिए वे इस बार हर एंगल पर काम कर रही है।












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