“गलतियां की हैं, लेकिन छल नहीं…” फेसबुक वीडियो में बोले पूर्व मंत्री दीपक जोशी, शादी पर पहली बार खुलकर रखी बात
Deepak Joshi: एक से अधिक विवाह को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। शनिवार को उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर 1 मिनट 28 सेकंड का एक वीडियो साझा कर पूरे विवाद पर अपनी बात रखी। वीडियो में दीपक जोशी का लहजा संयमित लेकिन भावुक नजर आया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनसे जीवन में गलतियां जरूर हुई हैं, लेकिन उन्होंने कभी बेईमानी, छल या कपट नहीं किया।
वीडियो संदेश में दीपक जोशी ने कहा, "यश और अपयश मनुष्य जीवन में आते-जाते रहते हैं। मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि मैंने गलतियां जरूर की हैं, लेकिन बेईमानी या धोखाधड़ी नहीं की। जिन महिलाओं ने अपने सामान्य जीवन को सार्वजनिक किया है, उसे और अधिक सार्वजनिक करना मैं उचित नहीं समझता।"

उन्होंने इस पूरे विवाद में महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए कहा कि निजी जीवन को सरेआम चर्चा का विषय बनाना समाज और परिवार दोनों के लिए ठीक नहीं है।
पिता की विरासत का दिया हवाला
वीडियो में दीपक जोशी ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "मेरे पिताजी को राजनीति का संत कहा जाता है। उनकी विरासत मेरे लिए प्रेरणा है। उसी के आधार पर कह सकता हूं कि न मैं रास्ता भटका हूं और न ही मैंने अपनी मंजिल खोई है। मैं उनके पदचिह्नों पर चलते हुए शुचिता और सत्य के लिए लगातार संघर्ष करता रहूंगा।"
जोशी के इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि बाबूलाल गौर की छवि साफ-सुथरी राजनीति करने वाले नेता के रूप में रही है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
गौरतलब है कि यह मामला 4 दिसंबर 2025 को उस समय सार्वजनिक हुआ, जब कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव पल्लवी राज सक्सेना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में दीपक जोशी उनकी मांग में सिंदूर भरते नजर आए। पल्लवी ने इन तस्वीरों के साथ खुद को दीपक जोशी की पत्नी बताया, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
पल्लवी के दावे के बाद विवाद यहीं नहीं रुका। कुछ ही दिनों में दो और महिलाएं-नम्रता जोशी और शिखा जोशी-भी सामने आईं और उन्होंने भी खुद को दीपक जोशी की पत्नी बताते हुए विवाह का दावा किया। तीन-तीन महिलाओं के दावे सामने आने के बाद मामला निजी जीवन से निकलकर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
राजनीतिक हलकों में हलचल
एक पूर्व मंत्री से जुड़े इस बहुविवाह विवाद ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। विपक्ष जहां इसे नैतिकता और सार्वजनिक जीवन से जोड़कर सवाल उठा रहा है, वहीं समर्थक इसे निजी मामला बताकर संयम बरतने की बात कह रहे हैं। दीपक जोशी का यह वीडियो ऐसे समय आया है, जब सोशल मीडिया पर लगातार नए दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं।
आगे क्या?
दीपक जोशी के इस बयान के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह विवाद यहीं थमेगा या फिर कानूनी और राजनीतिक स्तर पर आगे बढ़ेगा। फिलहाल, पूर्व मंत्री के इस वीडियो ने बहस को एक नया मोड़ जरूर दे दिया है, जहां वे अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए भी खुद को छल-कपट से दूर बता रहे हैं।









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