भोपाल में सरकारी कर्मचारी के आलीशान मकान पर EOW की रेड, करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का खुलासा
मध्यप्रदेश में आय से अधिक मामलों को लेकर EOW की टीम लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद है।
भोपाल,3 अगस्त। मध्यप्रदेश के सरकारी तंत्र में ना जाने कितने भ्रष्टाचारी काला धन छुपा कर बैठे हैं, लेकिन जांच एजेंसियां भी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। ऐसी एक कार्रवाई राजधानी भोपाल में देखने को मिली। जहां EOW ने स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक बाबू ( क्लर्क ) के यहां छापा मारकर कार्रवाई की। EOW की टीम ने सुबह 6 बजे इस भ्रष्टाचारी बाबू के बैरागढ़ स्थित आलीशान मकान पर छापा मारा। कार्रवाई से घबराकर सरकारी बाबू ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। देर रात तक चली EOW की कार्रवाई में क्लर्क के घर करीब 85 लाख रूपये नगद मिले है।

आय से अधिक मिली संपत्ति
मध्यप्रदेश में मंगलवार को ईओडब्ल्यू एक्शन में दिखाई दी। राजधानी में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए EOW ने भ्रष्टाचारी हीरो केसवानी के घर सुबह 6 बजे छापा मारा। देर रात तक चली जांच में करीब 4 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा हुआ है। केसवानी के घर से ₹85 लाख रुपये नकद मिले हैं। सुबह जांच शुरू होते ही कार्रवाई से घबराकर केसवानी ने फिनाइल पी लिया था। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उसकी हालत बेहतर है।

50 हजार रुपए महीना वेतन पाने वाले के पास चार करोड़ की संपत्ति कैसे ?
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने जब शुरुआती जांच की तो उनके होश उड़ गए कि ₹50 हजार रुपये महीने का वेतन पाने वाले क्लर्क के पास इतनी संपत्ति कैसे ? आखिर चार करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक कैसे बना। बता दे कि हीरो केशवानी स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क के पद पर पदस्थ है। केसवानी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने कार्रवाई करते हुए उसके आलीशान घर, प्लॉट और जमीन के दस्तावेज सहित लाख रुपये नकद बरामद किए है। ज्वेलरी भी बरामद की गई। भ्रष्टाचारी ने अपनी पत्नी के खातों में बड़ी संख्या में राशि जमा कर रखी थी।

बचने के लिए पिया था फिनाइल
जानकारी के अनुसार बैरागढ़ के मिनी मार्केट में रहने वाले हीरो केशवानी चिकित्सा विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात है। आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो( EOW) को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। टीम के पहुंचने पर अचानक कर्मचारी की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां पर बताया गया कि उसने जहरीला फिनाइल पी लिया था। आनन-फानन में उसे अधिकारियों द्वारा अस्पताल ले जाया गया था। अक्सर भ्रष्टाचारियों के यहां जब इस तरह की कार्रवाई होती है तो कुछ लोग बचने के लिए इस तरह की घटना कर लेते हैं। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के लोग लगातार जांच कर रहे हैं। बाबू पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप था।

कांग्रेस ने लगाया आरोप
भोपाल के बैरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ सरकारी कर्मचारी के घर EOW के छापे पर राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि यह तो एक बाबू है जिसके पास इतनी करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार में भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद है। उन्होंने सीएम शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि सीएम कहते हैं कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा लेकिन इनकी सरकार में सभी भ्रष्टाचारी खा भी रहे हैं और फल फूल भी रहें है।

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर दिया जवाब
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मानसिक दिवालियापन का शिकार हो गई है। अगर सरकार भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा देती तो फिर कार्रवाई क्यों करती। उन्होंने कहा कि इकोनामिक ऑफेंस विंग सरकार का हिस्सा होती है लेकिन सरकार इस पर कंट्रोल नहीं करती है, कोई भी व्यक्ति जो धर्म सामाजिक धार्मिक संस्था से जुड़ा है उसके ऊपर छापा पड़ा है। रामेश्वर शर्मा 10 कार्यक्रम में जाते हैं अगर उनके साथ हीरो के शिवानी ने फोटो खींचा लिया तो उससे रामेश्वर शर्मा से उनका कनेक्शन नहीं हो जाता है।

एक्शन में नजर आया EOW
मध्यप्रदेश में मंगलवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में राजधानी में एक क्लर्क के करोड़ों रुपए की संपत्ति का खुलासा किया तो, वही जबलपुर में सहायक यंत्री आदित्य शुक्ला के घर पर भी ईओडब्ल्यू ने छापा मारकर कार्रवाई की है। जांच में सहायक यंत्री आदित्य शुक्ला की अघोषित संपत्ति और निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए। इंजीनियर के घर आय के ज्ञात स्रोतों से 203 गुना अधिक संपत्ति पाई गई। इसमें दो उसके आलीशान मकान भी शामिल है।












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