MP के इस जेल में जगाई जा रही है शिक्षा की अलख, सलाखों के पीछे कैदी बदल रहे हैं अपनी जिंदगी
रीवा, 12 जुलाई। रीवा के केंद्रीय जेल में सजा काट रहे कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जेल प्रशासन ने अनोखी पहल की है। जेल में बड़ी संख्या में कैदी अब शिक्षित होने के लिए जेल के अंदर ही शिक्षा ग्रहण कर रहे है। पूरी तरह अनपढ़ कैदियों को कक्षा 1 की शिक्षा प्रदान की जा रही है। अब धीरे-धीरे कैदियों में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ रहा है और बड़ी संख्या पढ़ने के लिए कैदियों ने कदम बढ़ा दिया है।

अलग-अलग कक्षाओं में कैदियों का एडमिशन
जेल में कक्षा 1 से लेकर एमएसडब्लूू तक की पढ़ाई कैदी कर रहे है। अभी तक कैदियों को इग्रू से शिक्षा मिलती थी लेकिन इस सत्र से अब भोज विश्वविद्यालय में कैदियों को एडमिशन दिया जा रहा है। जेल में बंद करीब पांच सैकड़ा के लगभग कैदी पढ़ाई कर रहे है। अपने अपराध की सजा काटने के साथ ही वे शिक्षित भी हो रहे हैं। जेल प्रशासन द्वारा लगातार इन कैदियों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप शिक्षित होने वाले कैदियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। जेल में प्रतिदिन इनकी कक्षाएं लगाई जाती है। और कैदियों को पढ़ाने के लिए जेल में शिक्षक भी नियुक्त है। उनके पढ़ाई से जुड़ा तमाम खर्च जेल प्रशासन द्वारा ही उठाया जा सकता है। इनमें कुछ कैदी तो पूरी तरह अनपढ़ थे जिनको अब जेल प्रशासन द्वारा प्रारंभिक शिक्षा दिलाई जा रही है।
बीए में कर रहे हैं पढ़ाई
जेल में इस वर्ष ग्रेजुएशन की आधा दर्जन कैदी पढ़ाई कर रहे है जिसमें
घनश्याम यादव, रंगलाल यादव, अजय वैश्य, राजेन्द्र प्रसाद केवट, प्र्रेम सिंह गोड़, अजय सिंह, अजय वर्मा, विक्रम सिंह शामिल है। इन सभी कैदियों को तमाम पुस्तकें व स्टेशनरी का सामग्री जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है। कोविड-19 के समय कैदियों की कक्षाओं का नियमित संचालन करने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था लेकिन अब उनकी कक्षाएं प्रतिदिन संचालित हो रही है।
इन-इन कक्षाओं में कैदियों का प्रवेश
जेल में काफी संख्या में कैदी अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें कक्षा पांचवी में 59, कक्षा आठवीं में 52, कक्षा 10वीं 21, कक्षा 12वीं 35, बीए 8 कैदियों ने एडमिशन लिया है। इसके अतिरिक्त 2 कैदी एमएसडब्लू की पढ़ाई कर रहे है। इन सभी कैदियों की निर्धारित समय में परीक्षाएं भी जेल के अंदर ही आयोजित की जाती है। हाल ही में संगीत की परीक्षा जेल परिसर में आयोजित की गई थी।
एसके उपाध्याय, जेल अधीक्षक रीवा के अनुसार
जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए लगातार कोशिश किए जा रहे हैं। विभिन्न कक्षाओं में बड़ी संख्या में कैदियों ने एडमिशन लिया है जो अब शिक्षित होकर अपने जीवन को सुधारने में लगे है। 2 कैदी जेल में रहकर एमएसडब्लू की पढ़ाई कर रहे है। कैदियों को शिक्षित होने के लिए लगातार उत्साहित किया जा रहा है।












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