पहले घोटाला किया अब माथा पीट रहे हैं यह

लेकिन जब कार्रवाई हो गई तो कंगाल हो गए हैं। अब उनके पास वो भी बची कुची कमाई भी नहीं बची जो उन्होंने अपने मेहनत कमाई होगी। काली कमाई तो गई ही साथ ही घोटालेबाज और काली कमाई कमाने वाला उद्योगपति जैसा दाग भी उन पर लग गया है।
अवैध धन वैध
शक होने के बाद ईडी ने पूरी पड़ताल की तो पता चला कि विजय कोठारी अवैध धन को वैध बनाने का धंधा करता है। जिसके बाद जांच अधिकारियों ने अपनी कमर कसी और सबूत जुटाए। एक मौका देख उद्योगपति विजय कोठारी और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक इस मामले में जांच अधिकारियों ने आरोपी कोठारी की 12 करोड़ रुपए की दो अचल सम्पत्तियां कुर्क कर ली है। जांच अधिकारी वर्ष 2012 से मामले की पड़ताल कर सबूत जुटा रहे थे।












Click it and Unblock the Notifications