Bhopal News: VIP रोड पर शराब के नशे में युवकों ने मचाया हंगामा, डस्टबिन तोड़कर फेंके तालाब में
भोपाल के वीआईपी रोड पर रात के समय कुछ युवकों ने हंगामा मचाया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के डस्टबिन तोड़े और उन्हें बड़ा तालाब में फेंक दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है, जो गुरुवार को सामने आया। इसमें दो से तीन युवक राजा भोज की प्रतिमा के सामने हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक युवक डस्टबिन को तोड़ देता है और फिर उसके कुछ हिस्से तालाब में फेंकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक शराब के नशे में धुत थे।

यह घटना भोपाल की राजधानी की साफ-सफाई और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। वीआईपी रोड, जो शहर का एक प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल है, वहां ऐसी गुंडागर्दी से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने कहा, "मामला हमारे संज्ञान में आ गया है। दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
पेड़ काटने और सरकारी डंपर के दुरुपयोग के वीडियो भी वायरल
गुरुवार को ही दो और वीडियो सामने आए, जो नगर निगम के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हैं। एक वीडियो में एक निगम कर्मचारी अपने निजी फार्म हाउस पर सरकारी डंपर से मुर्रम (रेत-गिट्टी का मिश्रण) डलवाते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जाता है कि यह दुरुपयोग सरकारी संसाधनों का निजी फायदे के लिए किया जा रहा था। किसी ने इसकी वीडियो बना ली और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया।
दूसरे वीडियो में वार्ड-54 के क्षेत्र में पेड़ काटने की घटना कैद हुई है। इसमें निगम कर्मी ही पेड़ों को काटते नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना उचित अनुमति के पेड़ काटे जा रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है। भोपाल, जो अपनी हरियाली के लिए जाना जाता है, ऐसी घटनाओं से अपनी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
नगर निगम के अफसरों ने इन वीडियो को लेकर जांच शुरू करने की बात कही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "ये वीडियो गंभीर हैं। हम तत्काल जांच करवाएंगे और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं होगा।" पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने भी निगम से मांग की है कि पेड़ कटाई पर रोक लगाई जाए और दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो।
घटनाओं का प्रभाव और प्रशासन की प्रतिक्रिया
ये घटनाएं भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं। एक ओर शराब के नशे में युवक सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निगम के ही कर्मचारी सरकारी संसाधनों का निजी उपयोग कर रहे हैं। इससे शहर की साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक निवासी ने लिखा, "भोपाल की सुंदरता को बचाना जरूरी है। ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।" प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मामलों की जांच पूरी कर दोषियों को सजा दी जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।












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