MP News Datia: 3 माह का बच्चा छत पर छोड़कर भागा परिवार, SDOP आकांक्षा जैन ने दूध पिलाकर दिखाई मानवता
MP News Datia: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एक ऐसा मार्मिक और दिल छू लेने वाला वाकया सामने आया, जिसने पुलिस की सख्ती के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता को भी उजागर कर दिया।
जहां एक तरफ अवैध शराब के कारोबारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक 3 महीने के नन्हे शिशु की ठंड में रोती सिसकियां सुनकर महिला SDOP आकांक्षा जैन का मातृत्व जाग उठा।

उन्होंने बच्चे को गोद में उठाया, दूध मंगवाकर पिलाया और ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था की। यह घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोगों की आंखें नम कर रही है।
अवैध शराब पर पुलिस-आबकारी की संयुक्त कार्रवाई: फुलरा कंजर डेरा में दबिश
दतिया पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम लगातार अवैध शराब के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सूचना मिलने पर टीम चिरूला थाना क्षेत्र के फुलरा कंजर डेरा इलाके में पहुंची। जैसे ही पुलिस की गाड़ियां आईं, कई लोग घर छोड़कर फरार हो गए। कुछ घरों में सिर्फ छोटे-छोटे बच्चे अकेले छूट गए। यह देखकर टीम के सदस्यों के मन में गुस्सा भी आया और चिंता भी।
कार्रवाई के दौरान टीम को जमीन में गहराई तक दबाकर रखी गई भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने की सामग्री मिली। ड्रमों में भरा करीब 9000 किलो गुड़ लहान (शराब बनाने का मुख्य कच्चा माल) और अन्य सामान बरामद हुआ। हालांकि जमीन में दबे होने के कारण सब कुछ बाहर निकालना मुश्किल था, इसलिए सैंपल लेकर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
30 लाख से ज्यादा की जब्ती: 5400 बल्क लीटर कच्ची शराब नष्ट
कार्रवाई में कुल 5400 बल्क लीटर कच्ची हाथ भट्टी मदिरा, लगभग 19 हजार किलो गुड़ लहान, 72 ड्रम और दो मदिरा निर्माण मशीनें जब्त की गईं और नष्ट कर दी गईं। आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त एवं नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत 30.81 लाख रुपये है। इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी एक्ट के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
कार्रवाई में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सहरे के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।
ठंड में रोता मिला 3 महीने का बच्चा: SDOP आकांक्षा जैन ने दिखाई ममता
सबसे दिल दहला देने वाला पल तब आया जब SDOP अनुभाग दतिया आकांक्षा जैन को एक घर की छत पर लगभग 3 महीने का बच्चा कड़ाके की ठंड में रोता हुआ मिला। परिवार के लोग पुलिस की मौजूदगी देखकर भाग गए थे और मासूम को छत पर अकेला छोड़ दिया। बच्चा ठंड और भूख से कांप रहा था, उसकी सिसकियां सुनकर SDOP का दिल पिघल गया।
उन्होंने बिना देर किए बच्चे को गोद में उठाया। तत्काल मौके पर दूध मंगवाया और खुद बच्चे को पिलाया। ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े दिलवाए। बाद में बच्चे को उसकी बड़ी बहन के सुपुर्द किया और परिवार को आवश्यक समझाइश भी दी।
SDOP आकांक्षा जैन ने कहा, "कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी ड्यूटी है, लेकिन समाज के कमजोर और असहाय वर्ग के प्रति संवेदनशीलता भी हमारी जिम्मेदारी है। बच्चे की सिसकियां सुनकर इंसानियत जाग गई।"
पुलिस का यह मानवीय चेहरा वायरल: सोशल मीडिया पर सराहना की लहर
दतिया पुलिस के आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट पर इस घटना का वीडियो और फोटो शेयर किया गया, जिसमें कैप्शन था - "कर्तृत्व के साथ करुणा"। वीडियो में SDOP बच्चे को गोद में लिए दूध पिलाती दिख रही हैं। लोगों ने कमेंट्स में लिखा - "पुलिस भी इंसान है", "मातृत्व की मिसाल", "ऐसी अधिकारी होनी चाहिए"। कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए कहा कि यह घटना पुलिस की छवि सुधारने में मददगार साबित होगी।
अवैध शराब के खिलाफ मध्य प्रदेश की मुहिम तेज
मोरena जहरीली शराब कांड के बाद प्रदेश में अवैध शराब पर सख्ती बढ़ गई है। दतिया जैसे जिलों में लगातार छापेमारी हो रही है। सरकार का साफ संदेश है - अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
यह घटना दो संदेश देती है - एक तरफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस, दूसरी तरफ इंसानियत और संवेदनशीलता। SDOP आकांक्षा जैन जैसे अधिकारी न सिर्फ कानून की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबके की भी।
दतिया पुलिस की यह कार्रवाई और मानवीय कदम लाखों लोगों के दिलों में जगह बना चुका है। क्या आप भी मानते हैं कि पुलिस सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि करुणा भी दिखानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।












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